नयी दिल्ली। म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार जैसे तगड़े रिटर्न देने वाले निवेश ऑप्शनों के होते हुए भी भारत में बड़ी आबादी ऐसी है जो एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) को पसंद करती है। असल में एफडी का सिम्पल फंडा है, निवेश के बाद इंतजार करिए और आपका पैसा बढ़ता रहेगा। जबकि शेयर मार्केट या म्यूचुअल फंड में आपको समय-समय पर चेक करते रहना पड़ता है। दूसरी बात है सुरक्षा। म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार की तुलना में एफडी एक सेफ ऑप्शन है। बता दें कि साल 2020 में एफडी की ब्याज दरों में काफी गिरावट देखने को मिली। ऐसे में आपको एफडी पर 7-8 फीसदी से ज्यादा ब्याज मिलना मुश्किल है। मगर अभी भी एक ऐसा ऑप्शन है जहां से 9.95 फीसदी तक ब्याज मिल सकता है। आइए जानते हैं इस ऑप्शन के बारे में।
एक ऐसे साल, जिसमें ब्याज दरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, में निवेश पर 9.95 फीसदी ब्याज मिलना बड़ी बात है। यदि आप इतनी ऊंची ब्याज दर चाहते हैं तो बता दें कि इडेलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज के डिबेंचरों में निवेश करें। इस कंपनी ने नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) लांच किए हैं। कंपनी अपने इन एनसीडी से 200 करोड़ रु जुटाना चाहती है। आपके काम की बात ये है कि यहां निवेश पर 9.95 फीसदी ब्याज मिलेगा।
इडेलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेस के एनसीडी को रेटिंग एजेंसी केयर ने 'ए प्लस' रेटिंग दी है। ए प्लस रेटिंग का मतलब है कि ये एनसीडी काफी सुरक्षित हैं। ध्यान रहे कि कंपनी इन डिबेंचरों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। इन एनसीडी की फेस मूल्य 1000 रु रखी गई है। वैसे तो कंपनी का टार्गेट 100 करोड़ रु जुटाने का है, मगर यदि ज्यादा आवेदन हैं तो ये 200 करोड़ रुपये तक के एनसीडी जारी कर सकती है।
इन एनसीडी पर ब्याज की कुल 3 दरें हैं। 9.95 फीसदी अधिकतम ब्याज दर है। यदि आप 3 साल के लिए निवेश करें तो आपको 9.35 फीसदी ब्याज मिलेगा। वहीं 5 साल की अवधि के लिए निवेश करने 9.80 फीसदी और सबसे अधिक 10 साल की अवधि के लिए निवेश करने पर आपको 9.95 फीसदी ब्याज मिलेगा। एनसीडी से जो पैसा कंपनी जुटाएगी उसमें से 75 फीसदी से ये अपना लोन और उसका ब्याज अदा करेगी।
कंपनी एनसीडी निवेशकों को अतिरिक्त फायदा भी देगी। इडेलवाइज ने ऐलान किया है कि सभी कैटेगिरी के निवेशकों को सालाना 0.20 फीसदी का अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाएगा। मालूम हो कि इडेलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज इडेलवाइज हाउसिंग फाइनेंस की सब्सिडरी कंपनी है। जारी किए जाने वाले एनसीडी को कंपनी बीएसई पर लिस्ट करेगी। इससे निवेशकों को बढ़िया लिक्विडिटी मिलेगी।
नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) एक फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट है जिसका उपयोग कंपनियां लंबी अवधि के लिए पैसा जुटाने के लिए किया जाता है। यह एक पब्लिक इश्यू के माध्यम से किया जाता है। एनसीडी पर एक निश्चित अवधि वाला डेब्ट इंस्ट्रूमेंट है, जिस पर निवेशकों को एक तय ब्याज दर का भुगतान किया जाता है। आसान शब्दों में ये एक कर्ज है जो कंपनी आम निवेशकों से लेती है और उन्हें ब्याज देती है।
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