Fertiliser Subsidy To Farmers: केंद्र सरकार ने किसानों को खरीफ फसल की बुवाई के लिए जबरदस्त फायदा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान किसानों को खरीफ की फसलों की बुवाई के के दौरान इस्तेमाल होने वाली खाद पर सब्सिडी बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है। मिल रही जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने इस बार खाद पर मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ाकर 24000 करोड़ रुपए कर दिया है। इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के द्वारा दी गई है।
अनुराग ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए इस फैसले के बांद्रे में जानकारी साझा की है। केंद्रीय और सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया है कि कैबिनेट के फैसलेमें एसबीएस योजना के तहत 3 नए उर्वरक ग्रेड को शामिल करने की मंजूरी भी दी गई है। इसके अलावा प्रोस्पेक्टिक और पोटाश फर्टिलाइजर्स पर खरीफ सीजन 2024 के लिए पोषक तत्व आधारित 2420 करोड रुपए की सब्सिडी की मंजूरी दी गई है।
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि यह सब्सिडी साल 2024 की खरीफ फसलके लिए दी गई है। इसका समय 1 प्रैल 2024 से लेकर 30 सितंबर 2024 तक रहेगा। खरीफ की फसल वह होती है जो अप्रैल के महीने में बोई जाती है और इसे सितंबर से अक्टूबर तक के महीने में काट लिया जाता है।
मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया है कि दुनिया की बाकी जगहों पर यूरिया खाद के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने इनकी कीमतों को ज्यादा बढ़ने नहीं दिया है।
क्या है एनबीएस योजना
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एनबीएस का फुल फॉर्म न्यूट्रीशन बेस्ड सब्सिडी यानी की पोषक तत्व आधारित सब्सिडी होता है। इस योजना के तहत किसानों को सब्सिडी एक निश्चित दर पर वार्षिक आधार पर तय की जाती है। इस सब्सिडी के तहत नाइट्रोजन, फास्फेट पोटाश और सल्फर जैसे न्यूट्रिशंस की खरीद पर सरकार के द्वारा सब्सिडी दी जाती है। फास्फेट और पोटाश युक्त फर्टिलाइजर्स पर भी इसके तहत सब्सिडी मिलती है जो कि भारत सरकार इस बार किसानों को देने वाली है। एनबीएस का मुख्य उद्देश्य की साधनों को की फायती कीमत पर फर्टिलाइजर्स यानी उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करना होता है।
इस सब्सिडी योजना के तहत यूरिया पर केवल कृषि उपयोग के लिए ही सब्सिडी दी जाती है।
जानिए किस पर मिलेगी कितनी सब्सिडी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आने वाली फसल के लिए नाइट्रोजन की कीमत 47.02 रुपए प्रति किलो रखी गई है। वहीं फास्फोरस आपको 28.72 रुपए प्रति किलो की दर से मिलेगी। सल्फर की प्राइस पर 1.89 रुपए प्रति किलो सब्सिडी निर्धारित की गई है। पोटाश पर आपको 2.38 किलो रुपए की सब्सिडी मिलेगी।
आपकी जानकारी के लिए बताते चले कि किसानों को डीएपी का डी पुराने ही रेट पर मिलेगी और इसकी कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके अलावा एनपीके और एमओप की कीमत में भी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
अपने डीएपी के विकल्प सिंगल सुपर फास्फेट पर फ्रेट सब्सिडी जारी रखने का फैसला किया है। इसके अलावा आने वाले सीजन में किसानों को कम कीमत पर फर्टिलाइजर्स मुहैया करवाई जाती रहेंगी। ये योजना किसानों को फायदा पहुंचा सकती है।
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