Business Idea: यह ऐसा बिजनेस है, जिसकी डिमांड धीरे-धीरे बढ़ रही है. वहीं कुछ ही लोगों को इस बिजनेस के बारे में पता है. इस बिजनेस की शुरुआत आप 10,000 रुपये की लागत से कर सकते हैं. यह लागत अन्य बिजनेस के मुकाबले काफी कम है. इसके अलावा इस बिजनेस के जरिए 50,000 रुपये तक की कमाई की जा सकती है.

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केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए नए मोटर व्हीकल एक्ट के बाद पीएसयू (पॉल्यूशन सर्टिफिकेट) होना अनिवार्य हो गया है. अगर कोई व्यक्ति बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट लिए कार या टू-व्हीलर चलाता है, तो उसे भारी जुर्माना देना पड़ता है. हम बात कर रहें है प्रदूषण जांच केंद्र की.

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इस बिजनेस के जरिए पहले दिन ही आपकी मोटी कमाई होने लगेगी. कई लोगों ने प्रदूषण जांच केंद्र का बिजनेस शुरू भी कर दिया है.

अगर कोई व्यक्ति बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के 50,000 रुपये का व्हीकल चलाता है, तो उसे 10,000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा. इसलिए यह सर्टिफिकेट लेना काफी जरूरी है.

कैसे करें ये बिजनेस शुरू?

प्रदूषण जांच केंद का बिजनेस शुरू करने के लिए सबसे पहले लोकल ट्रांसपोर्ट ऑफिस(RTO) से लाइसेंस लेना पड़ेगा. आप अपने घर के पास स्थित किसी भी आरटीओ ऑफिस से लाइसेंस की मांग कर सकते हैं. इसके अलावा आपको 10 रुपये की एफिडेविट देना भी पड़ेगा.

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वहीं लोकल अथॉरिटी से No objection certificate भी लेना पड़ेगा. प्रदूषण जांच केंद्र खोलने की हर अलग-अलग जगह अलग-अलग फीस है. देश के कई राज्य ऑनलाइन अप्लाई करने का विकल्प भी देते हैं.

प्रदूषण जांच खोलने के नियम

सरकार ने प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए कुछ नियम भी तय किए है. जैसे इस केंद्र का कैबिन पीले रंग का ही होना चाहिए. ताकि इसे अलग से पहचना जा सके. केबिन का साइज 2.2 मीटर लंबा, 2 मीटर चौढ़ा और 2 मीटर ऊंचा होना अनिवार्य है. वहीं केंद्र के दीवार में लाइसेंस नंबगर लिखा हुआ होना चाहिए.