23 जुलाई को केंद्रीय वित्तीय मंत्री निर्मला सीतारमन आम बजट पेश करने वाली है. लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी ने कम सीटें जीती थी और अभी देश के अलग-अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव जारी है. ऐसे में केंद्रीय सरकार की यह कोशिश है कि वे सरकारी योजनाओं में ज्यादा से ज्यादा फोकस करें. सरकार ने इस कोशिश के तहत उज्जवला योजना को लेकर बड़ा ऐलान किया है. सरकार पीएम उज्जवला योजना के दायरे को बढ़ाने वाली है.

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बजट 2024 से आम जनता को खास उम्मीदें है. इसी उम्मीद को पूरा करने के लिए केंद्रीय सरकार उज्जवला योजना को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है. इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ने यह तय किया है कि वे योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी के लिए 9000 करोड़ रुपये आवंटित करेंगी.

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1 फरवरी को पेश हुए अंतरिम बजट में यह अनुमान लगाया गया था कि उज्जवला योजना की सबसिडी के लिए 11,925 करोड़ रुपये आवंटित किए जााएंगे. यह आकंडा 9000 करोड़ से मिलता जुलता है. यह भी कहा जा रहा है कि सरकार ने यह फैसला पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव को लेकर लिया है.

विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय सरकार ने अपने अंतरिम बजट में उज्जवला योजना के सब्सिडी के लिए 9 करोड़ आवंटित करने का ऐलान किया था. इस योजना के तहत अभी सभी लाभार्थियों को 300 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है. यह बताया जा रहा है कि इस सब्सिडी की सीमा को बढ़ाने को लेकर सरकार बड़ा फैसला कर सकती है.

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7 मार्च यानी अतंरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन केंद्रीय कैबिनेट ने यह घोषणा की थी कि 2024-25 वित्तीय वर्ष से उज्जवला योजना के लाभार्थियों को हर साल 114.2 किलोग्राम सिलेंडर के लिए 300 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. यह सब्सिडी 12 रिफियल तक सभी लाभार्थियों को मिलती है. यह सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती है.

क्या है PM उज्जवला योजना का उद्देश्य

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उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य देश में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है. इस योजना के तहत लाभार्थियों के घर में मुफ्त में LPG कनेक्शन लगाया जाता है और 12 रिफिलिगं तक सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता भी दी जाती है. इसके अलावा इस योजना का उद्देश्य यह भी है कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलें और महिलाओं के स्वास्थ्य की भी सुरक्षा की जा सकें.