Budget 2024: देश का आम बजट 23 जुलाई को पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट पेश करेंगी. बजट को लेकर हर सेक्टर और वर्ग की कई मांग हैं. इसमें मिडिल क्लास भी शामिल है, जिसकी मांग नए टैक्स स्लैब या फिर टैक्स में छूट की है. उम्मीद है कि इस बार बजट में टैक्स कटौती को लेकर वित्त मंत्री बड़े ऐलान कर सकती हैं. फिलहाल तो देश में ओल्ड और न्यू टैक्स के तहत अलग-अलग इनकम स्लैब पर अलग-अलग टैक्स दरें लागू होती हैं...

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ओल्ड टैक्स स्लैब की दरें

इनकम टैक्स दरें
0-2.5 लाख --
2.5- 3 लाख 5%
3-5 लाख 5%
5-6 लाख 20%
6-9 लाख 20%
9-10 लाख 20%
10-12 लाख 30%
12-15 लाख 30%
15 लाख से ऊपर 30%

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न्यू टैक्स स्लैबल

इनकम टैक्स दरें
0-2.5 लाख --
2.5- 3 लाख --
3-5 लाख 5%
5-6 लाख 5%
6-9 लाख 10%
9-10 लाख 15%
10-12 लाख 15%
12-15 लाख 20%
15 लाख से ऊपर 30%

देश में टैक्सपेयर्स की संख्या

FY23 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो फाइनेंशियल ईयर में कुल 30.54 लाख करोड़ रुपए का टैक्स कलेक्शन हुआ. टैक्सपेयर्स की संख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्य टॉप-3 में शामिल हैं. बता दें कि 143 करोड़ जनसंख्या में इनकम टैक्स भरने वालों के संख्या 2.24 करोड़ हैं, जोकि कुल टैक्स में 27.28% हिस्सेदारी रही. यानी इतनी आबादी ने 8.33 लाख करोड़ रुपए का टैक्स भरा.

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इनकम टैक्स रिटर्न क्या है?

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक ऐसा डॉक्युमेंट है, जिसे सभी टैक्सपेयर्स को भारत के इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास फाइल किया जाता है. इसमें एक फाइनेंशियल ईयर के दौरान अर्जित आय और सरकार को देय करों का डिटेल होता है. इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 139 के तहत हर साल कर रिटर्न जमा करना अनिवार्य है. समय पर रिटर्न दाखिल न करने पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 234F के तहत लेट फीस लग सकता है.