नई दिल्ली: गोल्ड लोन आपकी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। फिर चाहे आपके बिजनेस के लिए पैसे की जरूरत हो, अचानक से होने वाले खर्च हों या इमर्जेंसी जैसे हालात में आपको इससे मदद मिलती है। मौजूदा वक्त में सोने की कीमत आसमान छू रही है। वहीं दूसरी ओर कोरोना के कारण जबरदस्त आर्थिक संकट के इस दौर में बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियां गई हैं। इतना ही नहीं लोग कैश की कमी की वजह से गोल्ड गिरवी रख कर लोन ले रहे हैं। सोने की कीमतों में इजाफे का मतलब है कि कम ब्याज पर गोल्ड लोन भी लिया जा सकता है ताकि मौजूदा वित्तीय जरूरतें पूरी हो सकें। सोने आज की कीमत रिकॉर्ड बढ़ोतरी, चांदी भी 49000 रु के पार ये भी पढ़ें
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने नीतिगत ब्याज दरों में लगातार कटौती किया है, जिसके बाद यह बीते 2 दशक के न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुका है। आरबीआई के इस फैसले के बाद बैंकों ने भी गोल्ड लोन में 40 आधार अंकों की कटौती की है। मार्च में लॉकडाउन के बााद से अब तक गोल्ड के लिए लोन-टू-वैल्यू (एलटीवी) 11.3 फीसदी बढ़ गया है। 24 मार्च को गोल्ड एलटीवी करीब 2,875 रुपये प्रति ग्राम के करीब था, लेकिन 10 जून तक यह 3,197 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया है। इस बात की जानकारी एसोसिएशन ऑफ गोल्ड लोन कंपनीज (एजीएलओसी) के आंकड़ों से पता चलता है। 22 कैरेट का गोल्ड यानी 8 ग्राम आपको 25,500 रुपये का लोन दिला सकता है। मार्च में यह 23,000 रुपये के करीब था। एजीएलओसी मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम गोल्ड लोन जैसे एबीएफसी का प्रतिनिधित्व करता है। बैंक और एनबीएफसी गोल्ड की वैल्यू के 75 फीसदी तक लोन देते हैं जिसे एलटीवी कहा जाता है। इन पर ब्याज दर और कैलकुलेशन जैसी बातें अलग-अलग बैंकों में भिन्न होती हैं। सरकारी बैंकों की तुलना में प्राइवेट बैंक गोल्ड पर थोड़ा ज्यादा ब्याज वसूलते हैं। आमतौर पर एनबीएफसी इन बैंकों से ज्यादा दर पर गोल्ड लोन ऑफर करते हैं।
- भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) एक साल के लिए 7.75 फीसदी की दर पर 'पर्सनल गोल्ड लोन' ऑफर कर रहा है। यानी एक साल के लिए एसबीआई से 1 लाख रुपये के गोल्ड लोन लेने पर 7,750 रुपये ब्याज देना होगा। इसके अतिरिक्ति एसबीआई 0.5 फीसदी प्रोसेसिंग फीस चार्ज करता है। प्रोसेसिंग फीस पर जीएसटी भी देय होता है।
- प्रोसेसिंग और डॉक्युमेंटेशन चार्ज भी बैंक अपने हिसाब से चार्ज करते हैं। आमतौर पर सरकारी बैंकों की तुलना में प्राइवेट बैंकों में यह अधिक होता है। कुछ बैंक अलग से गोल्ड अप्रेजर चार्ज भी वसूलते हैं।
- वहीं, अन्य बैंक इस चार्ज को नहीं वसूलते हैं। गोल्ड अप्रेजर से यह तय होता है कि गोल्ड की क्वॉलिटी जितनी अच्छी, उतना ज्यादा लोन की रकम मिल सकेगी।
- वहीं मुथूट फाइनेंस '99 paise' मासिकल दर पर भी गोल्ड लोन देते हैं जोकि सालाना तौर पर करीब 12 फीसदी होता है! कुछ अन्य एनबीएफसी 3 महीने के लिए शॉर्ट टर्म गोल्ड लोन पर 14 से 18 फीसदी तक की ब्याज देते हैं।
गोल्ड लोन की सबसे ज्यादा महत्व इमरजेंसी के समय में फंड जुटाने के लिए पड़ती है। अच्छी बात तो यह कि इस तरह के लोन के लिए बैंकों को इनकम प्रुफ भी नहीं देना होता है। हालांकि, गोल्ड लोन के लिए आपके पास उस बैंक में अकाउंट होना चाहिए। एनबीएफसी से गोल्ड लोन लेने के लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं है। गोल्ड लोन पर बैंक कई तरह के विकल्प देते हैं। इसमें यह भी होता है कि आप शुरुआत के महीनों में केवल ब्याज का भुगतान करें और फिर उसके बाद मूल रकम लोन की अवधि के अंत में जमा करें। यह रेग्युलर ईएमआई जैस होता है जो होम लोन की तरह काम करता है।
पर्सनल लोन व ऐसे किसी भी विकल्प की तुलना में गोल्ड लोन से बेहतर माना जाता है। अगर गोल्ड की कीमतों में इजाफा हो रहा है तो इससे अधिक लोन की रकम मिलने की गुंजाइश बढ़ जाती है। आप पुराने गोल्ड लोन को रिन्यू कराकर भी इसका लाभ ले सकते हैं। अगर आप गोल्ड लोन समय पर नहीं चुकाते हैं तो आपके गोल्ड पर बैंक का हक होगा या यूं कहें कि बैंक का कब्जा होगा। बैंक अपनी रकम रिकवरी करने के लिए इसकी नीलामी भी कर सकता है। इससे आपके क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट स्कोर पर निगेटिव असर पड़ेगा।
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