नई दिल्ली, नवंबर 16। निवेश के बहुत सारे ऑप्शन मौजूद हैं। मगर सरकारी ऑप्शनों में पैसा लगाना ज्यादा सेफ है। क्योंकि उसमें आपका पैसा डूबने की संभावना नहीं होती। जो सरकारी ऑप्शन निवेश के लिए उपलब्ध हैं, उनमें से एक है भारत बॉन्ड ईटीएफ। भारत बॉन्ड ईटीएफ की तीसरी किश्त अब 3 दिसंबर 2021 को लॉन्च होने की संभावना है। ईटीएफ इश्यू में ग्रीनशू ऑप्शन होने की संभावना है, जो बेस इश्यू पर मिलने वाले ओवर-सब्सक्रिप्शन को भी इश्यू में एडजस्ट करने की सुविधा देगा। आगे जानिए भारत बॉन्ड ईटीएफ और ग्रीनशू ऑप्शन के बारे में।
पहले बताते हैं कि ग्रीनशू ऑप्शन क्या होता है। जब कोई ऐसा निवेश इश्यू आता है तो उसका बेस साइज तय किया जाता है। जैसे कि 10000 करोड़ रु या 200 करोड़ रु। साथ ही में ग्रीनशू ऑप्शन रखा जाता है कि यदि किसी इश्यू के बेस साइज से अधिक आवेदन मिलते हैं तो उन्हें भी एडजस्ट किया जाए। जैसे कोई इश्यू 200 करोड़ रु का है तो साथ में 50 करोड़ रु का ग्रीनशू ऑप्शन रख दिया जाता है। ऐसे में कुल इश्यू साइज 250 करोड़ रु का होता है और निवेशकों के पैसा लगा पाने की ज्यादा संभावना रहती है।
भारत बॉन्ड ईटीएफ एक डेब्ट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड है, जो निवेशकों को सरकारी कंपनियों के बॉन्ड में निवेश करने की सुविधा देता है। इससे सरकारी कंपनियां फंड जुटाने की सुविधा हासिल करती हैं। भारत बॉन्ड ईटीएफ वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) की एक पहल है और इसका मैनेजमेंट इडेलवाइज एमएफ द्वारा किया जाता है।
ईटीएफ की तीसरी किश्त के अप्रैल 2032 में मैच्योर होने की उम्मीद है। भारत बॉन्ड ईटीएफ की पहली किश्त, जिसे जनवरी 2020 में लॉन्च किया गया था, ने 12,400 करोड़ रुपये जुटाए, जबकि जुलाई 2020 में लॉन्च की गई दूसरी किश्त ने 15,000 करोड़ रुपये जुटाए। फिलहाल, अलग-अलग मैच्योरिटी वाले चार भारत बॉन्ड ईटीएफ हैं - अप्रैल 2023, अप्रैल 2025, अप्रैल 2030 और अप्रैल 2031।
उनके बीच ये ईटीएफ 31 अक्टूबर 2021 तक 36,359 करोड़ रुपये की निवेशक संपत्ति को मैनेज कर रहे हैं। भारत बॉन्ड ईटीएफ के बाद, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में पैसिवली रूप से प्रबंधित डेब्ट फंडों में उछाल आया है। सेबी के पास 11 पैसिवली मैनेज होने वाली डेब्ट योजनाओं के लिए आवेदन आए हैं। कई पहले ही फंड हाउस द्वारा शुरू की जा चुकी हैं।
भारत बॉन्ड ईटीएफ में निवेश फायदे का सौदा है। जानकारों का अनुमान है कि 2030 और 2031 में मैच्योर होने वाली भारत बॉन्ड ईटीएफ सीरीज में निवेशक टैक्स के बाद 6% रिटर्न कमा सकते हैं। यह हाई क्वालिटी वाले पीएसयू की एक बास्केट है जो कई निवेशकों के लिए सही है। मान लें कि एक निवेशक इन बॉन्ड्स को मैच्योरिटी तक रखता है और मुद्रास्फीति 4% रहती है तो इंडेक्सेशन लाभ को देखते हुए टैक्स के बाद उसका रिटर्न 6.14% होगा। यह राशि टैक्स फ्री बॉन्डों की की तुलना में 1.5-1.6 प्रतिशत अधिक है।
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