नई दिल्ली। एक तरफ लोग कोरोना काल में आर्थिक दिक्कतों से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ कई जगह पैसा बड़ी तेजी से दो गुना हो रहा है। रिलायंस के शेयर ने लोगों का पैसा 4 महीने में जहां 2 गुने से ज्यादा कर दिया है, वहीं चांदी ने इसी दौरान लोगों का पैसा भी 2 गुना किया है। निवेशकों का यह अच्छा दौर चल रहा है। चांदी के अलावा सोने ने भी लोगों को बहुत ही अच्छा रिटर्न दिया है। ऐसे में आइये जानते हैं कि चांदी ने ऐसा क्या कर दिया और चांदी में निवेश पर जानकारों की राय क्या है।
कोरोना काल के दौरान में भारत में चांदी की कीमत दोगुनी हो गई है। घरेलू वायदा बाजार में इस वक्त चांदी का भाव 66 हजार रुपये किलो के ऊपर चल रहा है। चांदी का यह भाव गत 18 मार्च के भाव से तकरीबन दोगुना है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी दोगुनी से ज्यादा उछल चुकी है। वहीं इस दौरान एमसीएक्स पर सोना 52,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर चला गया है। इस प्रकार सोने का भाव भी 16 मार्च 2020 के बाद से करीब 36 फीसदी उछल चुका है।
कोरोना महामारी के तेजी से फैसले के कारण दुनियाभर में चांदी की खनन बाधित हो रहा है। वहीं इस बीच दुनिया के विभिन्न देशों में औद्योगिक गतिविधियां पटरी पर वापस आ रही हैं, जिससे चांदी की औद्योगिक मांग बढ़ने लगी है। यही कारण है कि चांदी की कीमतों में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत 18 मार्च को 12 डॉलर प्रति औंस से भी नीचे चली गई थी, जबकि इस समय चांदी कॉमेक्स पर 24 डॉलर प्रति औंस से ऊपर चल रही है।
भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर इस वक्त चांदी के सितंबर अनुबंध में पिछले सत्र से 3,430 रुपये यानी 5.60 फीसदी की तेजी के साथ 64,653 रुपये प्रति किलो पर कारोबार हो रहा है। जबकि कोरोना काल में 18 मार्च को चांदी का भाव एमसीएक्स पर 33,580 रुपये प्रति किलो तक गिरकर चला गया था। इस प्रकार चार महीने में ही चांदी का भाव दोगुने से ज्यादा हो चुका है।
एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता के अनुसार डॉलर में आई कमजोरी से सोने को सपोर्ट मिला है। दुनिया की छह प्रमुख मुद्रा के मुकाबले डॉलर की ताकत का सूचक डॉलर इंडेक्स 18 मई को 100.43 पर था, जोकि फिसलकर 93.76 पर आ गया है। बीते सात सत्रों से डॉलर इंडेक्स में कमजोरी बनी हुई है। इसके चलते भी चांदी का रेट बढ़ा है। वहीं केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि कोरोना के गहराते प्रकोप के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर को लेकर चिंता बनी हुई है। निवेशकों का रुझान बहरहाल निवेश के सुरक्षित साधन की तरफ है, यही कारण है कि महंगी धातुओं के दाम में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो सोना और चांदी का रेट और भी बढ़ सकता है।
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