सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव और निफ्टी 50 की रिकवरी ने भारतीय निवेशकों को कशमकश में डाल दिया है। लोग समझ नहीं पा रहे कि अपनी मेहनत की कमाई कहां लगाएं—शॉर्ट टर्म की सुरक्षा देखें या लॉन्ग टर्म की ग्रोथ? बाजार की इस उठापटक के बीच गोल्ड और इक्विटी में से किसी एक को चुनना आज काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है।

Advertisement

सोने के भाव में पल-पल हो रहे बदलाव का सीधा असर आम परिवारों की जेब पर पड़ रहा है। एक दौर था जब बैंक डिपॉजिट ही बचत का सबसे सुरक्षित जरिया माने जाते थे, लेकिन अब गोल्ड बॉन्ड और शेयर बाजार के बढ़ते क्रेज ने पूरा खेल बदल दिया है। ऐसे में हर निवेश के नफे-नुकसान को बारीकी से समझना बेहद जरूरी है।

Advertisement

SGB, ETF, FD, RD और SIP: जानें कौन सा विकल्प है आपके लिए बेस्ट

अगर आप बिना किसी जोखिम के शानदार रिटर्न चाहते हैं, तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) एक बेहतरीन विकल्प है। मैच्योरिटी तक निवेश बनाए रखने पर इसमें मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। हालांकि, इसमें आपका पैसा 8 साल के लिए लॉक हो जाता है। वहीं, अगर आप कभी भी पैसा निकालने की आजादी (लिक्विडिटी) चाहते हैं, तो गोल्ड ETF आपके लिए ज्यादा बेहतर है।

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) में आपकी पूंजी पूरी तरह सुरक्षित रहती है। अगले तीन साल तक के छोटे लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ये सबसे सही हैं। हालांकि, बढ़ती महंगाई अक्सर आपकी बचत की असल वैल्यू को कम कर देती है। ये मानसिक शांति तो देते हैं, लेकिन आमतौर पर मार्केट के मुकाबले ज्यादा रिटर्न नहीं दे पाते।

Advertisement

लंबी अवधि में बड़ी वेल्थ बनाने के लिए इक्विटी SIP सबसे कारगर तरीका है। इसके जरिए आप देश की दिग्गज कंपनियों की ग्रोथ का फायदा उठा सकते हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, SIP निवेश की औसत लागत को कम करने में मदद करती है। 10 साल के नजरिए से देखें, तो SIP अक्सर गोल्ड या FD के मुकाबले कहीं ज्यादा रिटर्न देती है।

Advertisement
एसेट टाइपजोखिम का स्तरलिक्विडिटीटैक्स बेनिफिट
FD और RDबहुत कमज्यादाकुछ नहीं
SGBमध्यमकमज्यादा
Gold ETFमध्यमज्यादाऔसत
Equity SIPज्यादाज्यादाऔसत

मार्केट की उठापटक के बीच FD, RD, SIP और गोल्ड की जंग

आपके हाथ में आने वाले मुनाफे पर टैक्स नियमों का बड़ा असर पड़ता है। बैंक डिपॉजिट से मिलने वाला ब्याज आपकी सालाना टैक्सेबल इनकम में जुड़ जाता है। इसके उलट, गोल्ड बॉन्ड लंबी अवधि के निवेशकों को टैक्स में बड़ी राहत देते हैं। इसलिए कहीं भी पैसा लगाने से पहले हमेशा 'पोस्ट-टैक्स रिटर्न' (टैक्स कटने के बाद का मुनाफा) जरूर देखें।

Advertisement

आज के दौर में गोल्ड और इक्विटी के बीच सही तालमेल बिठाना ही सबसे समझदारी भरा कदम है। इमरजेंसी फंड के लिए बैंक डिपॉजिट का इस्तेमाल करें और अपने भविष्य के सपनों के लिए SIP का सहारा लें। बाजार की मौजूदा हलचल सिखाती है कि सारा पैसा एक ही जगह न लगाकर अलग-अलग एसेट्स में बांटना जरूरी है। रोज-रोज की कीमतों पर नजर रखने के बजाय अपने लॉन्ग-टर्म गोल पर फोकस करें।