27 मई को भारतीय बाजारों में सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे निवेशक थोड़े उलझन में हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पॉलिसी मीटिंग से ठीक पहले आई इस हलचल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अब हर कोई यही सोच रहा है कि बेहतर रिटर्न के लिए पैसा कहां लगाया जाए। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), सोना या फिर इक्विटी SIP—सही चुनाव के लिए आपको अपनी प्लानिंग पर ध्यान देना होगा।

Advertisement

अगर आप कम समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो लिक्विड फंड या रिकरिंग डिपॉजिट (RD) आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं। जब तक केंद्रीय बैंक का फैसला नहीं आ जाता, तब तक ये सुरक्षित माने जाते हैं। वहीं, 1 से 3 साल के नजरिए से देखें तो पारंपरिक FD अभी भी काफी आकर्षक बनी हुई है। इसके अलावा, हाई-क्वालिटी वाले डेट फंड्स भी बिना किसी बड़े उतार-चढ़ाव के स्थिर रिटर्न पाने का अच्छा जरिया हैं।

Advertisement

FD, SIP या गोल्ड: कहां मिलेगा सबसे शानदार रिटर्न?

लंबी अवधि में मोटी कमाई के लिए इक्विटी SIP और गोल्ड ETF के बीच सही तालमेल बिठाना जरूरी है। आज दिल्ली और मुंबई में सोने के दाम थोड़े गिरे हैं, जो निवेश की शुरुआत करने का एक अच्छा मौका हो सकता है। अगर आप 5 साल के नजरिए से देख रहे हैं, तो इक्विटी में किसी भी रेगुलर सेविंग स्कीम के मुकाबले ज्यादा ग्रोथ की संभावना है। अलग-अलग एसेट्स में पैसा लगाने से न केवल रिस्क कम होता है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के लिए फंड का इंतजाम भी आसानी से हो जाता है।

मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक से पहले अगले 72 घंटे काफी अहम हैं। फिलहाल बड़े बैंकों और छोटे बैंकों की ब्याज दरों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। लंबी अवधि के लिए बड़ा निवेश करने से पहले टैक्स नियमों को जरूर समझ लें। नीचे दी गई टेबल के जरिए आप आज के समय में अलग-अलग फिक्स्ड इनकम विकल्पों के रिटर्न की तुलना कर सकते हैं।

Advertisement
निवेश का प्रकारअनुमानित रिटर्न (सालाना)जोखिम का स्तर
बड़े बैंकों की FD7.0% - 7.5%कम
छोटे बैंकों की FD8.0% - 8.5%कम
इक्विटी (SIP)12.0% - 15.0%ज्यादा
गोल्ड ETF8.0% - 10.0%मध्यम

बाजार के इस उतार-चढ़ाव भरे दौर में अपने पोर्टफोलियो को बैलेंस रखना ही समझदारी है। सोना जहां आपके निवेश को सुरक्षा देता है, वहीं SIP के जरिए आपको 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' का फायदा मिलता है। आने वाली मॉनेटरी पॉलिसी और ब्याज दरों में होने वाले बदलावों पर करीब से नजर रखें। अपने फाइनेंशियल प्लान को लेकर अनुशासित रहें, ताकि आप अपने लक्ष्यों को सुरक्षित तरीके से हासिल कर सकें।