क्या आप 31 जुलाई की ITR डेडलाइन चूक गए हैं? घबराएं नहीं, AY 2026–27 के लिए बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) भरने का विकल्प अभी भी खुला है। आप 31 दिसंबर 2026 तक अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं। जितनी जल्दी आप फाइलिंग करेंगे, लेट फीस, ब्याज और कागजी कार्रवाई की उलझनों से उतना ही बच पाएंगे। हालांकि देरी से फाइल करने पर कुछ फायदे कम हो जाते हैं, लेकिन रिफंड का दावा अब भी किया जा सकता है। ध्यान रहे, अगर आपका असेसमेंट पहले पूरा हो जाता है, तो यह विंडो समय से पहले भी बंद हो सकती है। फाइलिंग शुरू करने से पहले पोर्टल पर जाकर अपने Form 26AS और AIS डेटा का मिलान जरूर कर लें।
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(4) के तहत तय तारीख के बाद भरे गए रिटर्न को बिलेटेड रिटर्न कहा जाता है। डेडलाइन मिस करने वाला कोई भी व्यक्ति असेसमेंट स्टेटस के आधार पर इसे फाइल कर सकता है। वहीं, सेक्शन 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न भरने के लिए आपके पास और भी ज्यादा समय है। आप 31 मार्च 2027 तक अपना रिटर्न रिवाइज कर सकते हैं, बशर्ते असेसमेंट उससे पहले पूरा न हुआ हो।
Belated return AY 2026–27: लेट फीस और जरूरी तारीखें
देरी से ITR फाइल करने पर सेक्शन 234F के तहत लेट फीस चुकानी पड़ती है। अगर आपकी कुल आय 5 लाख रुपये तक है, तो यह फीस 1,000 रुपये होगी। वहीं, 5 लाख रुपये से अधिक आय होने पर आपको 5,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी। यह जुर्माना उन लोगों पर लागू होता है जिनके लिए सेक्शन 139(1) के तहत रिटर्न भरना अनिवार्य था। जल्द फाइलिंग करने से आप बकाया टैक्स पर लगने वाले अतिरिक्त ब्याज के बोझ को कम कर सकते हैं।
| कुल आय | सेक्शन 234F के तहत लेट फीस |
|---|---|
| ₹5,00,000 तक | ₹1,000 |
| ₹5,00,000 से अधिक | ₹5,000 |
Belated return AY 2026–27: ब्याज और रिफंड के नियम
बिलेटेड रिटर्न के मामले में सेक्शन 234A, 234B और 234C के तहत ब्याज भी देना पड़ सकता है। सेक्शन 234A का ब्याज मूल डेडलाइन से लेकर फाइलिंग की वास्तविक तारीख तक लगता है। वहीं, एडवांस टैक्स कम जमा करने पर सेक्शन 234B और टैक्स की किस्तें चूकने पर सेक्शन 234C के तहत ब्याज लागू होता है। हालांकि रिफंड की अनुमति है, लेकिन बिलेटेड रिटर्न के मामले में सेक्शन 244A के तहत मिलने वाला ब्याज अक्सर फाइलिंग की तारीख से ही जोड़ा जाता है।
Belated return AY 2026–27: लॉस कैरी-फॉरवर्ड और ई-वेरिफिकेशन
देरी से रिटर्न फाइल करने का एक बड़ा नुकसान यह है कि आप बिजनेस लॉस और कैपिटल गेन्स जैसे अधिकांश घाटों (Losses) को अगले साल के लिए कैरी-फॉरवर्ड नहीं कर सकते। हालांकि, हाउस प्रॉपर्टी से होने वाला नुकसान इसमें एक अपवाद है, जो तय सीमाओं के अधीन आता है। रिटर्न फाइल करने के बाद 30 दिनों के भीतर इसे ई-वेरिफाई करना अनिवार्य है, वरना आपका रिटर्न अमान्य (Invalid) माना जाएगा। ई-वेरिफिकेशन के लिए आप आधार OTP, नेट बैंकिंग या पोर्टल पर उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) का उपयोग कर सकते हैं।
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