Apple Price Hikes: मेमोरी चिप की कीमतें बढ़ने का असर अब Apple प्रोडक्ट पर भी पड़ा है, क्योंकि क्यूपर्टिनो की इस टेक कंपनी ने भारत में अपने MacBook, iPad और दूसरे प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ा दी हैं। Apple ने यह कीमत तब बढ़ाई है, जब कुछ दिन पहले ही कंपनी के बॉस कुक ने एक इंटरव्यू में ऐसा करने का संकेत दिया था।
Apple की बढ़ी हुई कीमत क्या है?
सबसे ज्यादा कीमत MacBook Pro M5 Max की बढ़ी है, जो अब 4,99,900 रुपये का हो गया है। इसकी पुरानी कीमत 3,99,900 रुपये थी, यानी इसमें 1,00,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, Apple TV 4K की कीमत में प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है, जो लगभग 74% बढ़ गई है।
भारत में Apple के सबसे सस्ते लैपटॉप, MacBook Neo की कीमत भी बढ़ गई है। यह लैपटॉप स्टूडेंट्स और पहली बार Mac खरीदने वालों के लिए लॉन्च किया गया था, लेकिन अब इसकी कीमत 69,900 रुपये से बढ़कर 79,900 रुपये हो गई है, जिससे बजट का ध्यान रखने वाले खरीदारों के लिए इसे खरीदना थोड़ा मुश्किल हो गया है।
Mac mini M4, जो अपने दमदार Apple Silicon चिप और शुरुआती कीमत के मामले में काफी किफायती होने की वजह से डेवलपर्स, क्रिएटर्स और AI के शौकीनों के बीच पसंदीदा बन गया था, उसकी कीमत अब लॉन्च के समय के 59,900 रुपये से बढ़कर 94,900 रुपये हो गई है, जो 58% से ज्यादा की बढ़ोतरी है।
कई MacBook और iPad मॉडल की शुरुआती कीमतों में उनकी ओरिजिनल कीमतों के मुकाबले 20% से 42% तक की बढ़ोतरी हुई है। Apple की वेबसाइट पर अपडेट की गई कीमतों के अनुसार, M5-पावर्ड MacBook Pro लाइनअप की कीमत में 20% की बढ़ोतरी की गई है। M5 चिप और 16GB RAM वाला बेस 14-इंच MacBook Pro, जिसे भारत में 1,69,900 रुपये में लॉन्च किया गया था, अब 2,39,900 रुपये में लिस्ट किया गया है।
iPad Air की कीमत में और भी ज़्यादा बढ़ोतरी हुई है; एंट्री-लेवल 13-इंच iPad Air की कीमत अब 1,19,900 रुपये हो गई है, जबकि लॉन्च के समय इसकी कीमत 84,900 रुपये थी। हालांकि, कंपनी की कमाई का मुख्य जरिया iPhone की कीमत फिलहाल वैसी ही बनी हुई है।
एप्पल ने अपने प्रोडक्ट की कीमतों में क्यों बढ़तरी की?
एप्पल के एक प्रवक्ता ने मेमोरी और स्टोरेज की मांग में "असाधारण बढ़ोतरी" का हवाला दिया। कई मीडिया आउटलेट्स को भेजे गए एक बयान में एप्पल ने कहा, "AI डेटा सेंटर्स के तेज़ी से विस्तार ने मेमोरी और स्टोरेज की मांग में असाधारण बढ़ोतरी पैदा की है।"
AFP के अनुसार, प्रवक्ता ने कहा, "हमने कभी भी किसी कंपोनेंट की कीमत में इतनी तेज़ी से और इतनी ज़्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी है।" AI डेटा सेंटर्स के तेज़ी से विकास के कारण मेमोरी चिप्स और RAM की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है। ये कंपोनेंट्स लगभग सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में पाए जाते हैं। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के आखिर से इन चिप्स की कीमतों में हर तिमाही कम से कम 50% की बढ़ोतरी हुई है। कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए, कैलिफ़ोर्निया स्थित टेक कंपनी ने कहा कि उसने "अब तक अपने ग्राहकों को इन बढ़ोत्तरी से बचाकर रखा था", लेकिन अब वह ऐसा करना जारी नहीं रख सकती।
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