नई दिल्ली, मई 20। एलआईसी का शेयर लिस्ट हो चुका है। पहले ही दिन यह नुकसान के साथ लिस्ट हुआ और आज भी यानी चौथे दिन भी यह नुकसान करा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि वह कौन से लोग हैं, जो एलआईसी के शेयर नुकसान के साथ बेच रहे हैं। लेकिन उससे भी बड़ा यह सवाल है कि वह कौन से लोग हैं, जो गिरावट में भी एलाआईसी के शेयर खरीद रहे हैं। अगर एक बार यह बात समझ में आ जाएगी, तो एलआईसी के शेयर में जो चल रहा है, वह पूरी तरह से समझना आसान हो जाएगा।
आइये इस पूरे मामले को समझने की कोशिश करते हैं।
एलआईसी ने जब आईपीओ जारी किया था, तो 3 रेट पर शेयर जारी किए थे। एक रेट था सामान्य निवेशक यानी बड़े निवेशक। इन निवेशकों को 949 रुपये के रेट पर शेयर जारी किए गए थे। इसके बाद था रिटेल निवेशकों और कंपनी के कर्मचारियों का स्थान। एलआईसी के आईपीओ में रिटेल निवेशकों और एलआईसी के कर्मचारियों को शेयर 904 रुपये के रेट पर जारी किए गए थे। रिटेल निवेशको को यह शेयर 45 रुपये के डिस्काउंट पर जारी हुए थे। इसके बाद थे एलआईसी के बीमाधारक। एलआईसी ने अपने बीमाधारकों को सबसे सस्ते में शेयर जारी किए थे। ऐसे लोगों को 60 रुपये के डिस्काउंट के साथ 889 रुपये पर शेयर जारी किए गए थे। कुल मिलाकर एलआईसी के 22 करोड़ से कुछ शेयर इन्हीं रेट पर जारी हुए हैं। आइये अब जानते हैं कि कौन बेच रहा है घाटे में शेयर।
सरकार ने कुलमिलाकर एलआईसी में अपनी साढ़े तीन फीसदी हिस्सेदारी बेची है। इस हिस्सेदारी के रूप में 10 रुपये फेसवैल्यू के 221,374,920 शेयर बेचे गए। ऐसे में अगर कोटे के हिसाब से देखा जाए तो एलआईसी के पॉलिसीधारक, एलआईसी के कर्मचारी और रिटेल निवेशकों को कुल मिलाकर इस आईपीओ में करीब 45 फीसदी शेयर एलाट किए गए हैं। यह शेयर करीब 10 करोड़ शेयर होते हैं। यानी एलआईसी के पूरे आईपीओ में करीब 10 करोड़ शेयर कमजोर हाथों में और करीब 12 करोड़ शेयर जानकारों के हाथों में शेयर आलाट होने वाले दिन थे। अब जानिए कौन बेच रहा है घाटे में शेयर।
एलआईसी की लिस्टिंग वाले दिन करीब 10 करोड़ शेयर ऐसे कमजोर लोगों के हाथों थे, जिनको शेयर बाजार की समझ कम और शेयर की वैल्यू क्या होती है, यह समझ भी कम थी। ऐसे में जैसे ही शेयर बाजार में एलआईसी के शेयर की कमजोर लिस्टिंग हुई, ऐसे लोग डरकर अपने शेयर बेचने लगे। ऐसा इसलिए माना जा सकता है कि जिन लोगों के पास 12 करोड़ शेयर हैं, वह जानकार लोग हैं, और आसानी से अपने शेयर नहीं बेचते हैं। जिन लोगों के पास 12 करोड़ हैं, वह संस्थागत निवेशक हैं। यानी ऐसे लोग अगर शेयर खरीदते हैं, तो कम से 10 साल से लेकर 15 साल तक बेचने का नजरिया नहीं रखते हैं। ऐसे में यह तय हैं कि एलआईसी के शेयर आमलोग डर कर बेच रहे हैं, और यह शेयर भी वहीं लोग खरीद रहे हैं, जो शेयर बाजार में जानकार हैं। क्योंकि अगर कोई शेयर बेचना चाहता है, तो वह तभी बिकता है जब उसे खरीदने वाला शेयर बाजार में हो। ऐसे में यह तय है कि एलआईसी की वैल्यू समझने वाले लोग उन लोगों से ज्यादा संख्या में जो इसकी वैल्यू नहीं समझ पाए हैं।
एलआईसी के शेयर 17 मई के पहले किसी के पास नहीं थे। यानी जिन लोगों के पास हैं वह औसतन 900 रुपये के रेट के हैं। ऐसे में यह 10 करोड़ शेयर जिन लोगों के पास हैं, वह जब तक इनकी बिक्री जारी रहेगी, एलआईसी के शेयर में गिरावट जारी रहेगी। हालांकि यह मान कर चलना चाहिए कि इन 10 करोड़ शेयर को रखने वालों में 90 फसदी ही अपने शेयर घाटे में बेच सकते हैं। ऐसे में माना जा सकता है कि 9 करोड़ शेयर आराम से घाटे में बिक रहे हैं, और जानकार लोग इस मौके का फायदा उठाकर इसे खरीद रहे हैं। ऐसे में यह जाना जा सकता है कि 800 रुपये के आसपास इन शेयरों की एकतरफा बिक्री थम सकती है, और इसका बेस इस स्तर पर बन सकता है।
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