नयी दिल्ली। पिछले 1-2 सालो में ब्याज दरों में भारी गिरावट आई है। ऐसे मे निवेश का ऐसा बढ़िया ऑप्शन खोजना बेहद मुश्किल है जो अच्छा रिटर्न तो दे ही पर साथ में सुरक्षित भी हो। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) इस समय मौजूद निवेश के लिए सबसे पुरानी योजनाओं में से एक है। अगर आप पैसे की सुरक्षा के साथ गारंटीड रिटर्न चाहते हैं तो पीपीएफ से बढ़िया कोई और ऑप्शन शायद आपको नहीं मिलेगा। पीपीएफ में निवेश करना क्यों बढ़िया आइडिया है यहां हम इसी को लेकर 4 अहम कारण बताएंगे। इन कारणों से आप जानेंगे कि पीपीएफ को किसी के भी निवेश पोर्टफोलियो का हिस्सा क्यों होना चाहिए।
पीपीएफ पर इस समय मौजूदा ब्याज दर 7.1 प्रतिशत है। अगर आप इसकी तुलना स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसे सरकारी या आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों की ब्याज दरों से करते हैं तो आपको पता चलेगा कि वे एफडी पर अधिकतम 6 प्रतिशत की ब्याज दर दे रहे हैं। यानी इन बैंकों और पीपीएफ पर ब्याज दरों के बीच अंतर 1 प्रतिशत से अधिक है। इसलिए पीपीएफ बैंक एफडी जैसे विकल्पों के मुकाबले ज्यादा बेहतर है। बता दें कि पीपीएफ अकाउंट में आप हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर सकते है, जबकि न्यूनतम निवेश राशि 500 रुपये है।
दूसरा सबसे बड़ा बेनेफिट ये है कि पीपीएफ पर मिलने वाली ब्याज इनकम टैक्स फ्री रहती है। पर अगर आप बैंक डिपॉजिट में पैसा जमा करते हैं तो उससे होने वाली ब्याज इनकम पर टैक्स लगेगा। इसलिए अगर आप उच्चतम टैक्स ब्रैकेट में हैं तो आपको बहुत नुकसान हो सकता है। क्योंकि टैक्स के बाद आपकी एफडी ब्याज दर और कम हो जाएगी। इसलिए पीपीएफ टैक्स के मामले में भी एक अच्छा निवेश ऑप्शन है। आपको पीपीएफ में नॉमिनी बनाने की सुविधा मिलती है और आप इसे एक से दूसरी ब्रांच में भी ट्रांसफर कर सकते हैं।
पीपीएफ से होने वाली ब्याज इनकम तो टैक्स फ्री होगी ही साथ ही पीपीएफ निवेशकों को सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट भी मिलता है। इसका मतलब है कि हर साल 1.5 लाख रुपये तक का निवेश टैक्स बेनेफिट के लिए योग्य होगा। पीपीएफ की मैच्योरिटी अवधि 15 वर्ष की होती है। यानी ये लंबी अवधि के लिहाज से निवेश के लिए बढ़िया है। आप चाहें तो 5 साल के बाद पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन आपको तब 1 प्रतिशत का ब्याज का नुकसान होगा।
पीपीएफ एक छोटी बचत योजना है, जिसे सरकार का सपोर्ट है। इसलिए पीपीएफ में सुरक्षा बहुत अधिक है। कुछ बैंकों में हुई वित्तीय गड़बडी के कारण लोगों को पैसे मिलने में थोड़ी परेशानी हुई है। मगर पीपीएफ में ऐसा बिल्कुल नहीं है।
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