नई दिल्ली, 29 अप्रैल। छोटी-छोटी बचत भी आपकी जिंदी में बड़ी खुशहाली ला सकती है। ऐसे में हमें छोटी निवेश को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नौकरी में रहते हुए या यूं कहें कि अर्निंग पीरियड में जब भी आपके खर्च में से कुछ न कुछ बचत हो, उसे ऐसी जगह निवेश करने के बारे में सोचना चाहिए, जो भविष्य में आपको बेहतर रिटर्न दे सके। जमा पैसों पर अधिक से अधिक ब्याज कौन नहीं चाहता है। बहुत से लोग इसके लिए फिक्स्ड डिपॉजिट करते हैं, लेकिन आज हम आपके लिए कुछ रेकरिंग डिपॉजिट स्कीम लाएं हैं, जहां पर आपको एफडी से भी अधिक रिटर्न मिलेगा। रिकरिंग डिपॉजिट यानी आरडी ऐसी ही स्माल सेविंग्स स्कीम का एक पॉपुलर विकल्प है। इस खाते में हर महीने अपनी बचत का एक हिस्सा निवेश करने की सुविधा है। यहां आपके जमा पैसों पर तय ब्याज के हिसाब से रिटर्न मिलता है।
सबसे पहले तो बता दें कि रेकरिंग डिपॉजिट बहुत हद तक एफडी की तरह होता है। इसमें हर महीने एक तय रकम निवेश करनी पड़ती है। जो लोग नियमित तौर पर छोटी बचत करना चाहते हैं उनके लिए रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) काफी फायदेमंद है। अलग अलग बैंक आरडी पर अलग-अलग इंटरेस्ट रेट देते हैं। फिलहाल आरडी पर स्मॉल फाइनेंस बैंक 8% तक का रिटर्न दे रहे हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह रिटर्न स्मॉल फाइनेंस बैंक की तरफ से दिया जा रहा है। आइए जानते हैं ऐसे ही 4 स्मॉल फाइनेंस बैंक के रेकरिंग डिपॉजिट के बारे में।
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 6 महीने से लेकर 10 साल तक का आरडी स्कीम पेश करता है। यह बैंक नॉन सीनियर सिटिजन को 6.5 फीसदी से लेकर 8 फीसदी तक रिटर्न देता है जबकि सीनियर सिटिजंस के लिए आरडी की रेट 7 फीसदी से 8.5 फीसदी है। इसके आरडी में कम से कम 1000 रुपए का निवेश करना होगा। बता दें कि नई दरें 1 सितंबर 2020 से ही लागू हो चुकी हैं।
त्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक पर भी आपको 6 महीने से लेकर 10 साल तक की आरडी करवाने का विकल्प मिलेगा। जन स्मॉल फाइनेंस बैंक की तरफ से 4 फीसदी से लेकर 7.25 फीसदी तक का रिटर्न मिलता है। वहीं सीनियर सिटिजन को 50 बेसिस प्वाइंस यानी 0.5 फीसदी का अतिरिक्त ब्याज दिया जाता है और वह 4.5 फीसदी से लेकर 7.75 फीसदी तक का ब्याज कमा सकते हैं। ये ब्याज दरें 11 अप्रैल 2021 से प्रभावी हो चुकी हैं।
बता दें कि अगर आप सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में आरडी करवाते हैं तो आपको अलग-अलग अवधि के लिए 5.5 फीसदी से लेकर 7.25 फीसदी तक का ब्याज मिलेगा। वहीं अगर आप सीनियर सिटिजन हैं तो आपको 6 फीसदी से लेकर 7.75 फीसदी तक का ब्याज दिया जाएगा। बैंक की तरफ से सबसे अधिक ब्याज दर 5 साल की आरडी पर दिया जा रहा है। सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक के ये आरडी रेट्स 15 फरवरी 2021 से प्रभावी हो चुके हैं।
इस स्मॉल फाइनेंस बैंक में 3 महीने से लेकर 10 महीने तक की आरडी का विकल्प दिया जा रहा है। नॉर्थ ईस्ट स्मॉल फाइनेंस बैंक अपने ग्राहकों को आरडी पर 4.25 फीसदी से लेकर 7.5 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है। दो साल की आरडी पर नॉर्थ ईस्ट स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.5 फीसदी का ब्याज दर ऑफर कर रहा है। रेकरिंग डिपॉजिट की ये नई दरें 19 अप्रैल 2021 से लागू हो चुकी हैं।
कोई भी व्यक्ति अपने नाम चाहे जितने आरडी खाते खुलवा सकता है। अधिकतम खाता संख्या को लेकर भी कोई पाबंदी नहीं है। हां, यह ध्यान रहे खाता सिर्फ व्यक्तिगत रूप से खुलवाया जा सकता है, परिवार (एचयूएफ) या संस्था के नाम पर नहीं। दो वयस्क व्यक्ति एक साथ मिलकर ज्वाइंट आरडी अकाउंट भी खुलवा सकते हैं। पहले से खुले किसी व्यक्तिगत आरडी खाते को कभी भी ज्वाइंट अकाउंट में बदल सकते हैं। इसके उलट भी, पहले से ओपन ज्वाइंट आरडी अकाउंट को कभी भी व्यक्तिगत आरडी खाते में भी बदल सकते हैं।
- रेकरिंग डिपॉजिट की अवधि लगभग 6 महीने से लेकर 10 महीने तक की होती हैं जबकि फिक्स्ड डिपॉजिट की अवधि 7 दिन से लेकर 10 साल तक होती हैं।
- एफडी और आरडी अकाउंट खोलने के लिए दोनों में डाक्यूमेंट्स के तौर पर पहचान पत्र तथा निवास प्रमाण देने की आवश्यकता होती हैं जैसे -पैन कार्ड, पासपोर्ट, तथा इनकम डॉक्यूमेंट आदि।
- ज्यादा एफडी करने से हिसाब रखना मुश्किल होता है और इंटरेस्ट रेट लॉक हो जाता है। इतना ही नहीं आरडी में टैक्स बैनेफिट नहीं मिलता है और 10,000 रुपये से ज्यादा आय पर टीडीएस कटता है। इसमें ब्याज दर लंबे वक्त तक एक समान रहती है।
हालांकि आरडी ओपनिंग दो तरह से की जा सकती है। एक तरीका तो है कि खुद बैंक जाकर आरडी खोली जाए और दूसरे ऑनलाइन भी आरडी खोली जा सकती है। आरडी हमेशा सरकारी बैंक में ही करवानी चाहिए और अब आप मोबाइल एप से भी आरडी खुलवा सकते हैं। रेकरिंग डिपॉजिट निवेशक की सेविंग पर निर्भर करता है और हर महीने एक निश्चित रकम का निवेश इसमें कर सकते हैं। रेकरिंग डिपॉजिट से सेविंग मैनेजमेंट आसान होता है और बार बार फिक्स डिपॉजिट के झंझट से मुक्ति मिल जाती है। इसके जरिए रीइन्वेस्टमेंट के पचड़ों से भी मुक्ति मिल जाती है और निवेश और ब्याज का हिसाब-किताब आसान हो जाता है।
रेकरिंग डिपॉजिट निवेशकों के लिए सही विकल्प है। आरडी में हर महीने एक निश्चित रकम जमा करने की सुविधा मिलती है और इस आय पर एक निश्चित ब्याज मिलता है। ये लंबे वक्त तक जारी रख सकते हैं और इसमें खाता खोलते वक्त अवधि तय हो जाती है। अवधि खत्म होने पर ब्याज समेत भुगतान मिल जाता है।
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