भारत के रूपे डेबिट कार्ड का बड़े स्तर पर विस्तार किया जा रहा है। तो यदि आप भी डेबिट कार्ड जरिए शॉपिंग करते हैं तो आपके के लिए अच्छी खबर है। बता दें कि नेशनल पेमेंट्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने RuPay डेबिट कार्ड से लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को कम कर दिया है। NPCI के इस फैसले से कारोबारियों और ग्राहकों को राहत मिलेगी।
एनपीसीआई की ओर से जारी बयान के अनुसार 2,000 रुपये से अधिक के लेन-देन पर एमडीआर को संशोधित कर 0.60 प्रतिशत कर दिया गया है। इसमें प्रति ट्रांजेक्शन अधिकतम 150 रुपये लिया जाएगा। वर्तमान में 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.90 प्रतिशत का एमडीआर लिया जाता है। इस हिसाब से 0.30 प्रतिशत की कटौती हुई है।
इसके अलावा भारत क्यूआर कोड आधारित मर्चेंट लेन-देन पर भी नई दर लागू होगी। भारत क्यूआर यानी कार्ड आधारित क्यूआर लेनदेन पर एमडीआर को कम कर 0.50 प्रतिशत कर दिया गया है और अधिकतम एमडीआर 150 रुपये प्रति एमडीआर होगा। यह नई छूट सभी तरह के पाइंट आफ सेल (पीओ) पर लागू होगी। नया पास 20 अक्टूबर 2019 से प्रभावी होगा।
एनपीसीआई के प्रबंध निदेशक और सीईओ दिलीप असबे ने कहा कि एमडीआर दर कम करने और अधिकतम सीमा को कम करने से अब कारोबारी डेबिट कार्ड से लेनदेन करने को बढ़ावा मिलेगा। अब तक उच्च दर के कारण वह इसके जरिये लेनदेन से कतराते रहे हैं।
MDR वह फीस होती है, जो दुकानदार डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर लेता है। दुकानदार की ओर से की गई वसूली की रकम का बड़ा हिस्सा क्रेडिट या डेबिट कार्ड जारी करने वाले बैंक को मिलता है। इसके अलावा प्वाइंट ऑफ सेल्स (पीएसओ) मशीन जारी करने वाले बैंक और पेमेंट कंपनी को भी यह पैसा जाता है।
इसमें दुकानदार को कोई भी फायदा नहीं होता है। यहां बता दें कि जितना ज्यादा एमडीआर चार्ज लगता है, दुकानदार अपने ग्राहक से उतना ही अधिक पैसा वसूलते हैं। यह पैसा खरीदारी के बिल के विभिन्न प्रकार होता है।
आपको बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूपे कार्ड लॉन्च किया था। यूएई पश्चिम एशिया का सबसे पहला देश है जहां इस कार्ड की लॉन्चिंग हुई है। इससे पहले भूटान में भी पीएम मोदी ने RuPay कार्ड को पेश किया था। भूटान के अलावा सिंगापुर में भी यह कार्ड लॉन्च हो चुका है। यहां बता दें कि RuPay कार्ड अपनी तरह का पहला भारतीय घरेलू डेबिट और क्रेडिट कार्ड भुगतान नेटवर्क है। यह कार्ड एटीएम, पीएसओ उपकरणों के अलावा ई-कॉमर्स वेबसाइट पर भी काम करता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान