त्योहारों में खरीदारी करने के लिए क्रेडिट कार्ड को बड़ी संख्या में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन पीयर-टू-पीयर (P2P) लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स भी इस फेस्टिव सीजन लोगों के काफी काम आ सकते हैं। हालांकि भारतीय बाजारों में अभी भी स्थिरता नहीं है लेकिन फेस्टिव सीजन आने की वजह से रिटेल सेक्टर में डिमांड बढ़ रही है। क्योंकि कंज्यूमर भी उधार लेने के लिए बेहतर अलग-अलग विकल्प तलाश रहे हैं, जिससे डिमांड पर अच्छा असर हो रहा है।
जब भी आप पुराने घर को नया लुक देना चाहते हैं या फिर नई कार खरीदना चाहते हैं तो आपके दिमाग में ज्यादातर पर्सनल लोने का ख्याल आता है। इसकी वजह यह है कि पर्सनल लोन आसानी से मिल जाता है। पर यह लोन लेना काफी महंगा भी पड़ जाता है क्योंकि इसमें ईएमआई काफी ज्यादा देनी पड़ जाती है। अब आपको इन सबसे परेशान होने की जरुरत नहीं है। आपकी हर प्रकार की जरुरतों के लिए पीयर-टू-पीयर प्लेटफॉर्म हैं। यहां पर आपको पी2पी लोन के फायदों के बारे में बता रहे हैं।
बैंकों से अलग P2P प्लेटफॉर्म पर किसी भी जरुरत के लिए लोन लिए जा सकते हैं। कर्ज को चुकाने से लेकर शादी-ब्याह और छुट्टी मनाने के लिए पैसों की जरुरत तक को ये पूरा करते हैं। आप अपने हिसाब से ब्याज दर, लोन की राशि और अवधि को चुन सकते हैं। पी 2 पी लैडिंग प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से 25,000 से 2 लाख रूपए तक का लोन लिया जा सकता है।
P2P पर कर्ज लेने वालों के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र है लोन अदा करने की कम अवधि। ये लोन 3 से 36 महीनों के बीच की अवधि के होते हैं, तो वहीं बैंकों के पर्सनल लोन एक से पांच साल की अवधि के होते हैं। बैंकों के मुकाबले न केवल लोन की प्रोसेसिंग, बल्कि इसे बांटने में भी तेजी दिखाई जाती है। कर्ज लेने वालों के वेरिफिकेशन के बाद 24-48 घंटे में लोन की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। बैंक के लोन अपने आप 5-7 दिनों में ग्राहक तक पहुंचते हैं।
बैंक के पर्सनल लोन को समय से पहले बंद करने पर आप से 2-4 प्रतिशत की प्री-क्लोजर फीस ली जा सकती है। तो वहीं पी2पी लोन को चुकाने पर तीन महीने के बाद इस तरह का कोई चार्ज नहीं लगता है। इसके अलावा केवल कुछ ही बैंक आपको पार्ट-पेमेंट की सुविधा देते हैं। पी2पी लोन के मामले में यह बात लागू नहीं होती है। आप पार्ट-पेमेंट करने के लिए आजाद होते हैं।
बैंक ब्रांच मॉडल पर ऑपरेट करते हैं, उनके लिए छोटी राशि के लोन देना कोई मुश्किल कमा नहीं होता है। बैंक लोन के मुकाबले पी2पी लोन के साथ ज्यादा सरलता होती है। क्रेडिट स्कोर 750 के नीचे होने के बावजूद P2P पर ज्यादा लोन मिल सकता है। कर्ज लेने वाले का आकलन उसकी क्षमता और लोन वापस करने के इरादे के आधार पर किया जाता है।
पी2पी के लिए कोई कागजी कार्रवाई नहीं होती है। बताए गए पते के फिजिकल वेरिफिकेशन के अलावा पी2पी लेंडिंग की पूरी प्रक्रिया आनलाइन होती है। यहां तक की आप अपने मोबाइल फोन से दस्तावेजों को स्कैन कर साझा कर सकते हैं।
यदि आप पहली बार यह लोन ले रहे हैं तो बैंक से लोन मिलने में थोड़ी दिक्कत आ सकती है। पी2पी लोन के मामले में एक ही प्लेटफॉर्म पर आपको कर्ज देने वाले कई लोग मिल जाते हैं।
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