नई दिल्ली: बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आज के समय में फाइनेंशियल प्लानिंग करना बहुत जरूरी है। हां ये बात सच है कि सभी के निवेश की क्षमता अलग-अलग होती है। आपको बताना चाहेंगे कि यदि आपके इनकम का साधन सीमित है तो यह ध्यान रखें कि निवेश वहीं करें जहां पैसे सुरक्षित रहे और आपका निवेश बिना रिस्क बेहतर रिटर्न दे। इसके लिए कुछ माता-पिता को अच्छे निवेश विकल्पों की तलाश होती है। अगर आप भी उन्हीं में शामिल हैं तो यहां हम कुछ शानदार विकल्पों के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे पढ़ें, और आप भी अपने बच्चों के लिए निवेश करें, ताकि उन्हें भविष्य में किसी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। बच्चों का खाता खोलने पर ये 4 बैंक देते है विशेष छूट, उठाएं फायदा ये भी पढ़ें
इस बात से रूबरू करा दें कि आप नाबालिग बच्चों के लिए भी म्यूचुअल फंड खरीद सकते हैं। जिसका इस्तेमाल उनकी आगे की पढ़ाई या करियर के लिए किया जा सकता है। इसमें अभिभावक या तो पिता होना चाहिए या फिर कोई कानूनी अभिवावक। वहीं लंबी अवधि के लिए आप अपने वित्तीय सलाहकार से मदद लेकर म्यूचुअल फंड में बच्चों के नाम से निवेश कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड में लंबे वक्त के लिए निवेश से बेहतर मुनाफा की संभावना बढ़ जाती है। आप चाहें तो प्रोफेशनल वित्तीय सलाहकार से मदद ले सकते हैं। जानकारी दें कि इन सबके साथ ही आप एलआईसी, एसबीआई सहित और कई अन्य जगह बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए इन्वेस्ट कर सकते हैं।
फिक्स्ड डिपॉजिट पारंपरिक और लोकप्रिय निवेश के माध्यम हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि जरूरत पड़ने पर इसमें से आसानी से विदड्रॉल किया जा सकता है। बच्चे के माता-पिता या कानूनी अभिभावक कई बैंकों में 100 रुपये और 500 रुपये जमा के साथ इनमें निवेश शुरू कर सकते हैं। वहीं अधकांश पुराने कमर्शियल बैंकों के लिए एफडी ब्याज दरें 6.5 फीसदी से 7.75 फीसदी के बीच हैं। स्मॉल फाइनेंस बैंक 9 फीसदी तक ब्याज देते हैं।
बता दें कि पीपीएफ के जरिए भी आप बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए निवेश कर सकते हैं। पीपीएफ भी पारंपरिक और लोकप्रिय निवेश के माध्यम हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बच्चों के नाम पर पीपीएफ अकाउंट उनके माता, पिता या कानूनी अभिभावक ही खुलवा सकते हैं। वहीं 18 साल से कम उम्र के बच्चों के पीपीएफ अकाउंट खोली जा सकती है।
पीपीएफ खाते का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है। साल भर में इसमें 1.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। यदि आप 1.5 लाख रुपये से अधिक का निवेश करते हैं तो उस रकम पर आपको ब्याज नहीं मिलता है। वहीं अगर आप 2 बच्चों के माता-पिता हैं तो अलग-अलग पीपीएफ अकाउंट खोलकर 3 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकते हैं। जबकि 15 साल के बाद आप अकाउंट से पूरी रकम एक साथ निकाल सकते हैं। इसके बाद 5-5 साल के लिए इसे बढ़ाया जा सकता है।
सुकन्या समृद्धि खाता केवल बेटी के नाम से खुल सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) के तहत, शून्य से 10 साल की उम्र तक किसी भी लड़की के माता-पिता या कानूनी अभिभावक यह अकाउंट खोल सकते हैं। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, सुकन्या समृद्धि योजना खाता किसी भी आधिकारिक सरकारी बैंक और पोस्ट ऑफिस ब्रांच में खोला जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना कम से कम 250 रुपये जमा किया जा सकता है। इससे पहले सालाना मासिक जमा राशि 1000 रुपये थी। योजना के तहत सालाना कम से कम 250 रुपये और अधिकतम 1.50 लाख रुपये जमा किया जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत निवेश आयकर कानून की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलने के दिन से 15 साल पूरा होने तक निवेश करना होता है। लेकिन यह खाता 21 साल पूरा होने पर मेच्योर होता है। वहीं खाते के 15 साल पूरा होने के बाद से 21 साल तक खाते में उस समय के तय ब्याज दर के हिसाब से पैसा जुड़ता रहेगा।
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