मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जीरो बैलेंस बैंक अकाउंट्स से जुड़े नियम में बड़ा बदलव किया है। अब ऐसे बैंक खाताधारक चेकबुक तथा अन्य सुविधाएं ले सकेंगे। इन सुविधाओं के लिए बैंक खाताधारकों से कोई न्यूनतम बैलेंस रखने की शर्त नहीं लगा सकते हैं। अभी तक जीरो बैलेंस बैंक अकाउंट्स पर अतिरिक्त सुविधाएं देने पर उनको रेग्युलर सेविंग्स अकाउंट्स मान लिया जाता था। ऐसा होते ही इन बैंक खातों में न्यूनतम बैलेंस की शर्त लागू हो जाती थी। अब ऐसे अकाउंट वाले महीने में चाहे जितने बार पैसा जमा करें या चाहें तो चेक बुक ले सकते हैं।
आरबीआई का बड़ा फैसला
आरबीआई इन खातों को बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (बीएसबीडी) अकाउंट्स कहता है और इसमें ही नियमों में छूट दी है। इन बैंक अकाउंट्स को आमतौर पर जीरो बैलेंस अकाउंट्स या नो-फ्रिल्स अकाउंट्स भी कहा जाता है। वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने लिए आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि वे बीएसबीडीए को भी उसी तरह से कुछ न्यूनतम सुविधा बिना फीस के दें, जिस तरह की सुविधाएं सामान्य बचत खातों में दी जाती हैं। आरबीआई ने अपने आदेश में कहा कि बैंक पहले बताई गई न्यूनतम सुविधाओं के बाद अतिरिक्त मूल्य वर्धित सुविधाएं देने के लिए स्वतंत्र हैं। इन सुविधाओं में चेक बुक शामिल है, जिसके लिए शुल्क नहीं लिए जा सकता हैं। निर्देश में कहा गया है कि इन सुविधाओं को देने के बाद बैंक अपने ग्राहकों पर खाते में न्यूनतम बैलेंस मेंटेंन करने की शर्त नहीं लगाएंगे।
जानिए पहले के नियम
अभी तक बीएसबीडी अकाउंट्स के नियमों के तहत बैंक खाताधारकों पर खाते में न्यूनतम बैलेंस रखने जैसी कोई बाध्यता नहीं होती है। इसके अलावा उन्हें कुछ सुविधाएं फ्री में मिलती हैं। इन सुविधाओं में एटीएम कार्ड से एक महीने में चार बार फ्री में पैसा निकालने की छूट, बैंक की शाखा में जाकर पैसे जमा करने की छूट है। नियमों को बदलने के बाद अब बीएसबीडी खाते में एक महीने में कितनी भी बार पैसे जमा किया जा सकेगा।
यह भी पढ़ें : बैंक में 1 लाख से ज्यादा जमा वाले रहें सावधान, जान लें ये नियम
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान