नई दिल्ली। पोस्ट ऑफिस की कई अच्छी बचत योजनाओं में किसान विकास पत्र या प्रचलित नाम से कहें तो केवीपी है। इस योजना में पैसा लगाने पर दोगुना हो जाता है। इसके अलावा पोस्ट ऑफिस में जमा पैसा पर भारत सरकार सुरक्षा की गारंटी देती है, जो गांरटी देश के बैंक में जमा पैसों पर भी नहीं मिलती है। अभी केवीपी में 7.7 फीसदी (कंपाउंडिड वार्षिक) ब्याज मिल रहा है। अगर किसी कारणवश पैसों की जरूरत पड़े तो इसमें निवेश किया गया पैसा बीच में भी निकाला जा सकता है। लेकिन किसान विकास पत्र यानी केवीपी में जमा पैसा कम से कम ढाई साल बाद ही पूरा निकाला जा सकता है।
एक तरह का बांड है केवीपी
किसान विकास पत्र या कहें कि केवीपी यह एक प्रकार का भारत सरकार का बांड हैं। यह आपको प्रमाणपत्र के रूप में जारी किया जाता है। यह प्रमाणपत्र के अलावा ऑनलाइन खरीदना संभव हो गया है। यह सुविधा 1 अप्रैल 2016 से मिलनी शुरू हो गई है। किसान विकास पत्र या केवीपी का 1000 रुपये का प्रमाणपत्र मिलता है। अगर इससे ज्यादा निवेश करना हो तो इसे 1000 रुपये के गुणांक में खरीदना होगा।
किसान विकास पत्र या केवीपी में निवेश पर 7.7 फीसदी (कंपाउंडिड वार्षिक) ब्याज मिल रहा है। इस ब्याज दर के हिसाब से किसान विकास पत्र या केवीपी में जमा पैसा 112 महीने यानी 9 साल और 4 महीने में दोगुना हो जाता है। केवीपी में अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। लोग जितना चाहें उतना पैसा इसमें लगा सकते हैं।
कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर या अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर भी इसे खरीद सकता है। अगर चाहें तो इसे संयुक्त रूप से या ज्वाइंट नेम से भी खरीद सकते हैं। इसके अलावा किसान विकास पत्र या केवीपी में लोग नॉमिनी भी कर सकते हैं। नॉमिनी वह व्यक्ति होता है, जिसे खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में किसान विकास पत्र या केवीपी में निवेश की गई धनराशि ब्याज के साथ दी जाती है।
अगर किसी को लगता है कि वह अपना केवीपी दूसरे को देना चाहता है तो ऐसा संभव है। इसके लिए आपको जिस पोस्ट ऑफिस से इसे खरीदा है वहां जाकर एक आवेदन देना होगा। इसके बाद आपका केवीपी दूसरे के नाम पर हो जाएगा। केवीपी में बाद में जरूरत पड़ने पर निवास स्थान का पता या अन्य जरूरी जानकारी में बदलावा कराया जा सकता है। इसके अलावा किसान विकास पत्र यानी केवीपी को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर भी कराया जा सकता है।
किसान विकास पत्र यानी केवीपी में कितना भी निवेश किया जा सकता है। लेकिन अगर ज्यादा पैसों का निवेश करना है तो बेहतर होगा कि इनको कम-कम पैसों का खरीदा जाए। अगर आपको बीच में जरूरत पड़ेगी तो इनको कैश करना आसान रहेगा।
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