नई दिल्ली: अगर आप इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं तो यह खबर आपके लिए वाकई काम की है। इतना ही नहीं और तो आप इनकम टैक्स (Income Tax) बचाने के लिए ऐसी जगह इन्वेस्टमेंट (Investment) करना चाहते हैं कि जिससे आपको अच्छा खासा रिटर्न मिल सके तो उसके लिए अभी से ही चेत जाएं। जी हां 31 मार्च को यह फाइनेंशियल ईयर खत्म होने वाला है, हालांकि 30 व 31 मार्च की छुट्टी है, इसलिए कुछ ऐसे काम हैं, जो आपको 29 मार्च तक निपटाने होंगे।बता दें कि अंतिम समय में, यानि मार्च 31 की डेडलाइन से पहले, हम आपको टैक्स बचाने के कुछ उपाय बताने जा रहें हैं इसे ध्यान से पढ़ें ।
मच्योर्ड निवेशों को लिक्विडेट करके फिर से निवेश
बता दें कि मौजूदा वर्ष में अपने इनकम से एक भी रुपया निकाले बिना, अपने मच्योर्ड निवेशों को टैक्स बचत साधनों में फिर से निवेश करें। आपको अपने पोर्टफोलियो की जांच करके बस इस बात का पता लगाने की जरूरत है कि आपका कौन-सा निवेश मच्योर हो रहा है या किस निवेश को बिना किसी नुकसान के लिक्विडेट किया जा सकता है।
इस बात का विशेष तौर पर ध्यान देने की जरूरत हैं कि अगर आपके परिवार में अचानक कोई स्वास्थ्य समस्या पैदा हो जाने पर उसके इलाज में आपका सारा पैसा खर्च हो सकता है। इससे बचने के लिए एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लेकर अपने पूरे परिवार को कवर करना सबसे अच्छा होता है। यदि आपने अभी तक कोई हेल्थ पॉलिसी नहीं खरीदी है तो इसे खरीदने का समय आ गया है। हेल्थ इंश्योरेंस के लिए दिए जाने वाले प्रीमियम पर धारा 80D के तहत 25,000 रुपये (या वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपये) तक की टैक्स छूट का लाभ मिलता है।
अपने माता-पिता के लिए एक हेल्थ कवर खरीदकर आप 25,000 से 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। लेकिन धारा 80D के तहत इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान, नॉन-कैश मोड में यानी ऑनलाइन या डिजिटल पेमेंटल करना होगा। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि पेमेंट 31 मार्च से पहले किया गया हो, वरना आपको इस वित्तीय वर्ष में इस पर टैक्स छूट नहीं मिल पाएगी।
वेल्थ क्रिएशन के साथ-साथ टैक्स बचत का भी लाभ उठाने के सबसे अच्छे तरीकों में से एक है- ईएलएसएस म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना। ईएलएसएस, डाइवर्सिफाइड इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स हैं जिनमें एक बार में एक बड़ी रकम डालकर या मासिक योगदान के रूप में थोड़ा-थोड़ा करके निवेश किया जा सकता है। आप किसी भी जाने-माने फंड हाउस के माध्यम से या ऑनलाइन वितरकों के माध्यम से सीधे ईएलएसएस फंड खरीद सकते हैं। यदि आपके पास एक केवाईसी-कम्प्लायंट बैंक अकाउंट है तो आप अपने घर में आराम से बैठकर बिना किसी कागजी कर्रवाई के इस लेनदेन को पूरा कर सकते हैं। इस निवेश पर आपको धारा 80C के तहत कटौती का लाभ मिलेगा।
टर्म इंश्योरेंस प्लान ऐसे किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत बढ़िया विकल्प है जिसके वित्तीय आश्रित (फाइनैंशल डिपेंडेंट्स) हैं। ऐसे लोग पर्याप्त बीमा राशि का टर्म इंश्योरेंस लेकर अपनी मौत के बाद भी अपने परिवार को वित्तीय रूप सुरक्षित रख सकते हैं। एक टर्म इंश्योरेंस के लिए दिए गए प्रीमियम पर (किसी भी लाइफ इंश्योरेंस की तरह) धारा 80C के तहत कटौती के लिए दावा किया जा सकता है। याद रखें, यदि आप पहले ही एक लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ले चुके हैं तो एक नई पॉलिसी खरीदते समय अपने आवेदन में अपने मौजूदा लाइफ कवर के विवरणों का उल्लेख करना न भूलें।
यदि आप अपने लिए एक रिटायरमेंट फंड तैयार करने के बारे में सोच रहे हैं तो एनपीएस पर विचार करें। यह भी कर बचाने में आपकी मदद करता है। एनपीएस में निवेश करके आप धारा 80CCD के तहत 50,000 रुपये तक की कटौती का लाभ उठा सकते हैं। हाल ही में मच्योरिटी पर निकाले गए पैसे के 60% हिस्से पर कोई टैक्स नहीं लेने का प्रस्ताव रखा गया जबकि बची हुए 40% राशि को एक ऐन्युटी खरीदने में फिर से निवेश करना पड़ता है।
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