नई दिल्ली: यदि आप अपने सैलरी से टैक्स बचाना चाहते हैं तो यह संभव है। जी हां आप होम लोन लेकर टैक्स में कटौती कर सकते हैं। अपने देश होम लोन पर कई तरह के छूट मिलते हैं जिनके बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं। यह भी सच हैं कि अपना घर खरीदना किसी भी व्यक्ति की जिंदगी में सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक लक्ष्यों में से एक होता है। जो लोग अपना घर खरीदने के लिए होम लोन (Home Loan) का विकल्प अपनाते हैं उन्हें यह मालूम होना चाहिये कि होम लोन सिर्फ पैसे का लाभ ही मुहैया नहीं करता, बल्कि इससे कई टैक्स लाभ (Tax Benefit) भी मिलते हैं। ऐसे में व्यक्ति होम लोन पर चुकाये जाने वाले प्रत्येक मूल और ब्याज भुगतान पर इन टैक्स फायदों का लाभ उठा सकता है। इस तरह आप अपने पैसे को ठीक तरह से मैनेज कर पाएंगे। तो आइए आपको बताते हैं कि आप होम लोन पर कैसे इनकम टैक्स (income tax) की बचत कर सकते हैं।
आपके होम लोन की ईएमआई (EMI) में दो घटक होते हैं - मूल धन (प्रिंसिपल) का भुगतान और ब्याज का भुगतान। मूल धन के भुगतान को पर आयकर कानून की धारा 80 सी (Section 80C) और ब्याज पर धारा 24(बी) के तहत टैक्स कटौती का लाभ ले सकते हैं। अधिकतम कटौती की अनुमति धारा 80सी के तहत साल में आपकी कुल करयोग्य आय से 1.5 लाख रुपए की मूल राशि के पुनर्भुगतान पर दी जाती है। 80 सी के तहत कटौती में पंजीकरण और स्टाम्प ड्यूटी शुल्क जैसे खर्चे भी शामिल होते हैं जिन्हें भुगतान किये जाने वाले समान वर्ष में ही क्लेम किया जा सकता है।
इसके अलावा, कई अन्य कटौतियां जैसे पीपीएफ अकाउंट (PPF), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC), जीवन बीमा, विशिष्ट म्युचुअल फंड्स और विशिष्ट सावधि जमा आदि में किया गया निवेश, अधिकतम 1.5 लाख रुपए की राशि के लिए होती हैं। इस कटौती में समाप्ति प्रमाणन देना अनिवार्य होता है जिसे घर का निर्माण पूरी तरह हो जाने के बाद प्राप्त किया जा सकता है। हमें यह भी ध्यान में रखना चाहिये कि यदि प्रॉपर्टी को 5 साल के पजेशन से पहले बेचा जाता है तो प्राप्त किये गये टैक्स लाभ जिस वर्ष प्रॉपर्टी बेची गई है, आपकी टैक्स योग्य अमदनी का हिस्सा बन जायेंगे।
कर में बचत करने के लिए अगर आप अपने पार्टनर यानि जीवनसाथी के साथ मिलकर इसे लेते हैं तो दोनों को ही कर बचत में इसका लाभ मिलेगा। अगर आपके परिवार में आपकी बेटी या बेटा भी वर्किंग हैं तो आप उनके बीच भी इस लोन को बांट सकते हैं। इस तरह लोन तीन हिस्सों में बंट जाएगा, और तीनों को ही इसका लाभ मिलेगा। एकल सम्पत्ति पर ही ऐसा लाभ प्राप्त होना संभव है।
आपको बता दें कि रेडी टू मूव फ्लैट यानि आप उनमें तुंरत जाकर रह सकते हैं, ऐसे फ्लैट या घरों की कीमत ज्यादा होती है। कोशिश करें कि आप बनने वाले या निर्माणाधीन फ्लैट को ही लें। ये सस्ते होते हैं और आपकी ईएमआई लम्बे समय के लिए डिवाइड होती है जिससे उसका लाभ दीर्घकाल तक मिलता है।
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