नई दिल्ली। इनकम टैक्स बचाने के लिए कई जगह निवेश किया जाता है। इसमें एक तरीका है टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (Tax Saving Mutual fund)। इन म्युचुअल फंड को हम इक्विटी लिंक टैक्स सेविंग स्कीम (ELSS) भी कहते हैं। इन टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (Tax Saving Mutual fund) में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा है कि यहां पर पैसा का लॉकइन सबसे कम होता है। अगर किसी ने टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (Tax Saving Mutual fund) में निवेश किया है तो वह 3 साल बाद अपना पैसा निकाल सकता है। इसके अलावा यहां पर मार्केट आधारित रिटर्न मिलता है। आमतौर पर यह बैंक (Bank) और पोस्ट ऑफिस (Post Office) की जमा योजनाओं से ज्याता होता है। अगर पिछले 3 साल का टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड स्कीम का रिटर्न देखा जाए तो 20 फीसदी के ऊपर तक गया है, जो पीपीएफ की ब्याज दर से दोगुने से भी ज्यादा है। इन स्कीम में निवेशक हर माह निवेश का विकल्प सिस्टेमैटिक प्लान यानी सिप (SIP) को अपना सकते हैं।
जानें कैसे हुआ पीपीफ (PPF) में निवेश पर 1.32 लाख रुपये का नुकसान
पिछले तीन सालों में जहां पीपीएफ (PPF) में करीब 8 फीसदी का ब्याज मिला है, वहीं पिछले तीन सालों में Mirae Asset Tax Saver Fund ने 20.31 फीसदी का रिटर्न दिया है। अगर किसी ने पीपीएफ (PPF) में पिछले 3 साल में हर माह 12500 रुपये का निवेश शुरू किया होगा तो उसके निवेश की वैल्यू अभी 5.26 लाख रुपये होगी। इसके लिए निवेशक ने 3 साल में 4.5 लाख रुपये का निवेश किया होगा। यहां पर एक बात ध्यान रखने वाली है कि पीपीएफ (PPF) में निवेश 15 साल के लिए लॉकइन रहता है। ऐसे में निवेशक को अपने निवेश की वैल्यू 5.26 लाख रुपये दिखेगी तो, लेकिन वह निकाल नहीं सकता है।
वहीं अगर किसी ने Mirae Asset Tax Saver Fund में 3 साल पहले 12500 रुपये का हर माह निवेश शुरू किया होगा तो उसकी वैल्यू इस वक्त करीब 6.58 लाख रुपये होगी। निवेश यहां भी 4.5 लाख रुपये का ही किया गया है। इस प्रकार टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (Tax Saving Mutual fund) में निवेश करने वाले को 1.32 लाख रुपये का ज्यादा फायदा होगा।
-Mirae Asset Tax Saver Fund ने 20.31 फीसदी का रिटर्न दिया है।
-Taurus Tax Shield Fund ने 15.82 फीसदी का रिटर्न दिया है।
-Quant Tax Plan ने 15.81 फीसदी का रिटर्न दिया है।
-Motilal Oswal Long Term Equity Fund ने 15.80 फीसदी का रिटर्न दिया है।
-Principal Tax Savings Fund ने 15.67 फीसदी का रिटर्न दिया है।
-JM Tax Gain Fund ने 14.63 फीसदी का रिटर्न दिया है।
-Aditya Birla Sun Life Tax Relief 96 ने 14.44 फीसदी का रिटर्न दिया है।
-Kotak Tax Saver Regular Plan ने 14.12 फीसदी का रिटर्न दिया है।
-LIC MF Tax Plan ने 13.95 फीसदी का रिटर्न दिया है।
-L&T Tax Advantage Fund ने 13.91 फीसदी का रिटर्न दिया है।
(नोट : यह डाटा 24 जनवरी 2019 तक का अपडेट है।)
इनकम टैक्स सलाहकार राजीव तिवारी के अनुसार इनकम टैक्स विभाग के 80C नियम के अंतर्गत आपको टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड्स (Tax Saving Mutual fund) में निवेश करने पर टैक्स की छूट मिलती है। यहां पर आप अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं। अगर इसे महीने के हिसाब से देखें तो आप हर माह 12500 रुपये निवेश कर सकते हैं। आप इन टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड्स (Tax Saving Mutual fund) में जितना भी निवेश करते हैं उसे आपकी आय से घटा दिया जाता है।
म्युचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश का एक तरीका सिप (SIP) यानी सिस्टेमैटिक प्लान कहलाता है। इस माध्यम से निवेश में इन्वेस्टमेंट की अच्छी एवरेजिंग हो जाती है, जिससे नुकसान की अशंका लगभग खत्म और ज्यादा रिटर्न पाने की संभावना बन जाती है।
1. तमाम कंपनियों में निवेश होता है आपका पैसा
म्युचुअल फंड (Mutual Fund) में सिप (SIP) माध्यम से निवेश का दूसरा फायदा यह है कि आपका पैसा अगल अलग सेक्टर की तमाम कंपनियों में निवेश किया जाता है। आपका पैसा अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश किया जाता है तो आपका निवेश डायवर्सीफाइ हो जाता है।
2. सरकारी नियमों के तहत काम करती है म्युचुअल फंड इंडस्ट्री
म्युचुअल फंड इडस्ट्री सेबी के बनाए नियमों के तहत काम करती है। इसकी वजह से म्युचुअल फंड (Mutual Fund) हाउस के काम करने का तरीका पूरी तरह से पारदर्शी होता है। इससे म्युचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश पूरी तरह से सुरक्षित रहता है।
3. कभी भी कर सकते हैं निवेश
म्युचुअल फंड (Mutual Fund) सिप (SIP) में निवेश का एक और बड़ा फायदा यह है कि इसमें आपको यह नहीं सोचना पड़ता है कि अभी बाजार में तेजी है या गिरावट है। सिप (SIP) में आप नियमित तौर पर थोड़ा-थोड़ा पैसा निवेश करते हैं।
4. कम पैसाें में निवेश संभव
म्युचुअल फंड (Mutual Fund) में सिप (SIP) के जरिए आप हर माह 500 और 1,000 रुपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। हर माह छोटी रकम निवेश करते हैं तो इससे आपके मंथली खर्च पर भी खास फर्क नहीं पड़ता है। ऐसे में म्युचुअल फंड (Mutual Fund) की सिप (SIP) निवेश के लिए बेहतर विकल्प बन जाती है।
5. एवरेजिंग का मिलता है फायदा
म्युचुअल फंड (Mutual Fund) में सिप (SIP) के जरिए हर माह एक तय अमाउंट नियमित तौर पर निवेश होता है। इस तरीके से जब बाजार गिरता है तो हम ज्यादा यूनिट खरीदते हैं और जब बाजार बढ़ता है तब हमारी एनएवी की कीमत बढ़ जाती है। इस कारण हम कम यूनिट खरीद पाते हैं। इस को कास्ट एवरेजिंग कहते हैं।
(नोट : यहां पर दी गई जानकारी वित्तीय बाजार से जानकारों की राय के आधार पर दी गई है। कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)
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