सरकार ने शुक्रवार तक प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए पात्र माताओं को 1,600 करोड़ रुपये दिये हैं। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना या प्रधान मंत्री गर्भावस्था सहायता योजना, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए मोदी सरकार की एक प्रमुख योजना है।
वित्तीय समावेशन के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने वाले डिजिटल वित्तीय समावेशन केंद्र (सीडीएफआई) ने यह जानकारी दी। सीडीएफआई ने कहा, '48.5 लाख महिलाओं के खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के तहत 16,04,66,63,000 रुपये डाले गए।
गैर-सरकारी संगठन सीडीएफआई ने साझा ऐप्लिकेशन सॉफ्टवेयर पीएमएमवीवाई-सीएएस (साझा ऐप्लिकेशन सेंटर) को विकसित और क्रियान्वित किया है। इस प्रणाली के जरिए ही धन राशि का वितरण किया गया।
एक जनवरी, 2017 को लागू इस योजना के तहत पहले बच्चे के लिए गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 5,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाती है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कमजोरी को पूरा करने और उनके स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
गर्भवती महिला को यह वित्तीय सहायता तीन किस्तों में दी जाती है।
आंगनवाड़ी केंद्र में गर्भावस्था पंजीकृत कराने पर पहली किश्त के रुप में 1000 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। पहले गर्भावस्था के 6 महीने बाद प्रयोगशाला में परीक्षण किये जाने पर 2000 रूपये महिला को दूसरी किश्त के रुप में दिये जाते हैं।
डिलीवरी के बाद महिला को तीसरी किस्त प्रदान की जाती है। लेकिन यह किस्त महिला को बच्चे के टीकाकरण जैसे बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी, हेपेटाइटिस बी के बाद दिये जाते हैं।
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