जयपुर की हाउसिंग फाइनेंस कंपनी आवास फाइनेंशियर्स का इनिशियल पब्लिक ऑफर आईपीओ मंगलवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। कंपनी की आईपीओ के जरिए 1734 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है। बता दें कि आईपीओ 27 सितंबर तक खुला रहेगा। इश्यू का प्राइस बैंड 818-821 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है।
कंपनी इश्यू में 400 करोड़ रुपए के ताजा शेयर जारी करेगी। कंपनी के मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी के 1,334 करोड़ रुपए के शेयर बिक्री के लिए पेश करने वाले हैं। आईपीओ के लिए ग्लोबल को-ऑर्डिनेटर्स बुक रनिंग लीड मैनेजर्स आइसीआइसीआई सिक्युरिटीज, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, इडेललवाइस फाइनेंशियल सर्विसेजऔर स्पार्क कैपिटल एडवायजर्स (इंडिया) हैं। बुक रनिंग लीड मैनेजर्स एचडीएफसी बैंक है।
आईपीओ का प्राइस बैंड 818 रुपए से 821 रुपए प्रति शेयर (10 रुपए सम मूल्य पर) तय किया गया है। मिनिमम 18 शेयरों और उसके बाद 18 शेयरों के गुणक में बोलियां लगाई जा सकती हैं।
आवास फाइनेंशियर्स लो और मिडिल क्लास इनकम वालों के लिए सेमी अर्बन और रूरल एरिया में रिटेल हाउसिंग फाइनेंस सर्विस देती है। कंपनी की 8 राज्यों के 92 जिलों में 186 ब्रांच हैं। कंपनी अगले तीन सालों में इसकी संख्या को 300 के पार लेकर जाना चाहती है। कंपनी का मुख्यालय जयपुर में है। राजस्थान के अलावा कंपनी गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी की एसेट क्वालिटी शानदार है।
हांलाकि कंपनी की शुरुआत 2001 में हुई थी। कंपनी की लोन बुक्स में राजस्थान की हिस्सेदारी 50 फीसदी से अधिक है। कंपनी की 70 फीसदी शाखाएं ऐसे शहरों में हैं, जिनकी आबादी 10 लाख से कम है। कंपनी के 64 फीसदी कर्जदार स्वरोजगार से जुड़े हैं। कंपनी काफी प्रतिस्पर्धी बाजार में काम करती है। कंपनी द्वारा दिए जाने वाले लोन का औसत टिकट साइज 7 से 8 लाख रुपए है। कंपनी का फोकस छोटे और इनडिविजुअल लोन पर है, जिसकी वजह से रिस्क कम है। लोन की वापसी का रेट बेहतर है।
इतना ही नहीं कंपनी का बिजनेस मुनाफे में है। वित्त वर्ष 2014 से 2018 के दौरान वितरण 65 फीसदी की दर से बढ़ते हुए 2,050 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2018 तक कंपनी का सकल एनपीए 0.34 फीसदी का था। कंपनी की एसेट क्वालिटी शानदार है। क्रिसिल ने वित्त वर्ष 2018 में कंपनी की रेटिंग ए प्लस कर दी, जो वित्त वर्ष 2014 में बीबीबी प्लस थी।
तीन ब्रोकरेज हाउस एमके, एंटिक ब्रोकिंग, आनंद राठी ने लॉन्ग टर्म नजरिए से सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। वहीं प्रभुदास लीलाधर ने आवास फाइनेंशियर्स के आईपीओ से दूर रहने की सलाह दी।
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स के आईपीओ में निवेश करने के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना जरूरी है। इसमें ब्रोकर के जरिए निवेश किया जा सकता है। हर ब्रोकरेज हाउस आईपीओ में निवेश के लिए अपनी वेबसाइट पर एक अलग सेक्शन रखता है।
जहां जाकर आप कुछ सूचनाएं भरने के बाद आईपीओ के लिए आवेदन कर सकते हैं। इन सूचनाओं में प्रमुख है कि आप कितने स्टॉक के लिए किस कीमत पर अप्लाई करना चाहते हैं। आपके आवेदन के हिसाब से उतनी रकम आईपीओ बंद होने से लिस्टिंग तक ब्लॉक कर दी जाती है।
आईपीओ में निवेश के लिए एक निश्चित रकम लगानी जरूरी है, आईपीओ में एक शेयर के लिए बिड नहीं लगा सकते। यहां एप्लीकेशन लॉट साइज के हिसाब से होती है। इस इश्यू का प्राइस बैंड 818 से 821 रुपए प्रति शेयर तक किया गया है। मिनिमम 18 शेयरों और उसके बाद 18 शेयरों के गुणक में बोलियां लगाई जा सकती हैं।
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