ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि यदि उनकी वेतन कर योग्य ब्रैकेट से नीचे है तो उन्हें आईटीआर (आयकर रिटर्न) दर्ज नहीं करना चाहिए, जो कि गलत सोचना है। कोई भी व्यक्ति जो कि जॉब करना शुरु कर दिया है और उसे सैलरी मिल रही है फिर भले ही वह टैक्स ब्रैकट में नहीं आता है उसे आईटीआर फाइल करना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक अच्छा कॉर्पोरेट नागरिक होने के अलावा, आयकर रिटर्न भी एक व्यक्ति द्वारा अर्जित आय के सबूत और भुगतान किए गए कुल करों के प्रमाण के रूप में कार्य करता है। इसलिए टैक्स फाइल करना आवश्यक होता है।
आईटीआर रसीद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह फॉर्म 16 की तुलना में अधिक विस्तृत है, जो आपकी आय और कराधान को अन्य स्रोतों से राजस्व के साथ जोड़ता है।
आईटीआर रसीद आपके पंजीकृत पते पर भेजी जाती है, जो आवासीय प्रमाण के रूप में काम कर सकती है। जिसे की आप एड्रेस प्रूफ की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।
एक अच्छे नागरिक की तरह आयकर फाइलर होने के कारण बैंकों के लिए ऑटो ऋण, गृह ऋण इत्यादि जैसे ऋण के लिए आवेदन करते समय आय के स्रोत का आकलन करना आसान हो जाता है।
जब तक आप आईटीआर दर्ज नहीं करते हैं, तो आप पिछले वित्त वर्ष में अपने खर्च/घाटे को वर्तमान में प्रतिपूर्ति नहीं कर सकते हैं। आयकर प्रावधानों के अनुसार, यदि कर रिटर्न समय पर दायर नहीं किया जाता है, तो कई नुकसान (कुछ अपवादों के साथ) हो सकते हैं साथ ही इसे आने वाले सालों में आप नहीं भर सकते हैं। इसलिए भविष्य में होने वाले नुकसान से बचने के लिए आपको वर्तमान अपना आईटीआर फाइल करना चाहिए।
यदि आप आईटीआर फाइल नहीं करते हैं तो बाकी रिटर्न आपके द्वारा देय शेष कर के लिए प्रति माह 1% पर अतिरिक्त ब्याज का कारण बन सकता है। उदाहरण के लिए, बैंक निश्चित सीमा से अधिक सावधि जमा पर ब्याज से कर घटाएंगे।
वित्त वर्ष 2017-18 से आप टैक्स ब्रैकेट में आते हैं और आप सही समय पर आईटीआर फाइल नहीं करते हैं तो 10,000 तक पेनाल्टी देनी पड़ सकती है। जो कि आने वाले वर्ष के लिए अच्छा नहीं रहेगा।
यदि आपने कभी भी इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरा है तो आपको क्रेडिट कार्ड लेने में मुश्किल हो सकती है। बैंक आपके क्रेडिक कार्ड अप्लीकेशन को रिजेक्ट कर सकते हैं।
कभी-कभी वीजा अधिकारी पिछले कर रिटर्न की प्रतियों की मांग करते हैं, इसलिए वीज़ा के लिए आवेदन करने के लिए कर वापसी की आवश्यकता होगी। विशेष रूप से अमेरिका, यूके, कनाडा इंबैसी आदि में। तो वीजा के लिए आवेदन करने से पहले अपने टैक्स रिटर्न प्रक्रिया को अच्छे से पूरी करें।
यदि बीमा कंपनियों को यह पता चलता है कि आप टैक्स नहीं भरते हैं तो आपको ज्यादा कवरेज वाले प्लान या फिर अच्छी पॉलिसी देने में वो एक बार जरुर सोचेंगे।
फ्रीलांसर और खुद का बिजनेस करने वाले लोगों के पास फॉर्म 16 नहीं होता है। तो ऐसे आईटीआर फाइल की रसीद ही उनका एक प्रमुख दस्तावेज होता है जो वो कहीं पर भी दिखा सकते हैं। इसके बिना उनको फंडिंग की और ट्रांजेक्शन की परेशानी हो सकती है।
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