वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों और डाकघरों में जमाराशियों पर उच्च ब्याज आय छूट सीमा मिलेगी। बजट 2018 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आयकर कानूनों में कई बदलाव करने की घोषणा। इस बजट में नौजवानों के लिए तो वैसे कुछ खास नहीं रहा, बल्कि इस बजट में वरिष्ठ नागरिकों पर कर का बोझ कम करने पर ज्यादा जोर दिया गया। वित्त अधिनियम, 2018 ने आयकर अधिनियम, 1961 के तहत एक नई धारा 80 टीटीबी लागू किया है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को आवर्ती जमा राशि सहित बैंकों और डाकघरों में जमा राशि पर उच्च ब्याज आय छूट सीमा मिलेगी।
बजट में बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा पर ब्याज से हुई आमदनी पर टैक्स छूट 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये करने का प्रस्ताव है। इसके दायरे में फिक्स्ड डिपॉजिट और रीकरिंग डिपॉजिट भी लाये गए हैं। आपको बता दें कि ऐसा पहली बार किया गया है।
आम तौर पर सीनियर सिटीजन रिटायर होने के बाद इस तरह की निवेश योजना में अपनी रकम डालते हैं। अगर उनकी आमदनी टैक्स के दायरे में आती है तो मौजूदा छूट से उन्हें काफी लाभ होगा।
इसका मतलब यह है कि इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 194ए के तहत ब्याज की इस रकम पर टीडीएस काटने की आवश्यकता नहीं रह गई है।
इसके अलावा सेक्शन 80D के तहत स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम और/या इलाज पर खर्च के लिए टैक्स डिडेक्शन की सीमा 30,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई है। सेक्शन 80DDB के तहत कुछ विशेष गंभीर बीमारियों पर इलाज पर खर्च के लिए टैक्स छूट की सीमा 60,000 रुपये (60 से 80 वर्ष की उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के मामले में) और 80,000 रुपये (80 वर्ष से अधिक उम्र के अति-वरिष्ठ नागरिकों के मामले में) से बढ़ाकर सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 लाख रुपये कर दी गई है।
बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना की अवधि मार्च 2020 तक बढ़ाने की घोषणा की थी। इसमें मौजूदा निवेश सीमा 7.5 लाख रुपये प्रति वरिष्ठ नागरिक को बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। इस योजना के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा 8 प्रतिशत निश्चित प्रतिलाभ प्रदान किया जाता है। अब सभी वरिष्ठ नागरिक किसी स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम या किसी चिकित्सा के संदर्भ में 50 हजार रुपए प्रतिवर्ष तक कटौती के लाभ का दावा कर सकेंगे।
1: बैंक तथा पोस्टो ऑफिस से मिलने वाले कर मुक्त् ब्याज से की सीमा 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए की गई है।
2: सेक्शतन 80डी के तहत हेल्थम इंश्योयरेंस प्रीमियम तथा मेडिकल खर्चों पर डिडेक्श़न की सीमा 30 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है।
3: सेक्शन 80 डीडीबी के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए डिडेक्शन की सीमा बढ़ाकर एक लाख रुपए की गई। हालांकि इसकी प्रक्रिया काफी लंबी है।
4: प्रधानमंत्री वय वंदना योजना की अवधि मार्च, 2020 तक बढ़ाई गई है। इसमें निवेश की सीमा भी 7.50 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए की गई है।
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