यदि आप लंबे समय के लिए निवेश करते हैं, तो आप इक्विटीज से मुनाफा कमाते हैं। वाकई में, लंबे समय में इक्विटी शेयर्स अन्य असेट्स के मुक़ाबले ज़्यादा फायदा देते हैं। हमने 2018 में निवेश की दृष्टि से कुछ शेयर्स चुने हैं जिनमें अच्छी संभावनाएं हैं। इन शेयर्स में इक्विटी अनुपात में बहुत कम ऋण होता है और कुछ सालों में अच्छी ग्रोथ होती है। इन शेयर्स में लंबे समय में मुनाफा देने की अच्छी संभावना होती है।
हम आपको कंज़्यूमर, मीडिया और बैंकिंग के कुछ ऐसे ही शेयर्स बता रहे हैं।
मदरसन सुमि सिस्टम्स (MSSL), संवर्धन मदरसन ग्रुप का हिस्सा है। सहायक कंपनीज़ और जेवी को मिलाकर यह ओटोमोटिव वायरिंग, पैसेंजर कारों के मिरर, ओटोमोटिव इंडस्ट्री के प्लास्टिक से जुड़ी चीजों का अग्रणी सप्लायर है। हाल ही में, कंपनी ने 1300 करोड़ की लागत से ऑटोमोबाइल्स के इंटीरियर कम्पोनेंट और मॉड्यूल निर्माता रीयडेल मोटर का अधिग्रहण किया है।
इस अधिग्रहण से कंपनी का ग्राहक बेस बढ़ेगा और इसके अलावा, विभिन्न क्षमतायें भी पैदा होंगी (एसएमपी के मुक़ाबले) और साथ ही प्रॉडक्ट लाइन इनकी एक जैसी है जैसे कि कॉकपिट मॉड्यूल, उपकरण और डोर पैनल, कंसोल आदि। इस अधिग्रहण से आने वाले सालों में कंपनी की कमाई में इजाफा होगा।
अगले 2-3 सालों में मदरसन सुमि में तेजी से ग्रोथ होने की संभावना है। हमें आशा है कि आने वाले वित्तीय वर्ष में 18-20ई में 25% की EPS की दर से इसकी वार्षिक वृद्धि होगी। यह शेयर वर्तमान में 396 रुपए के लेवल से भी सुधार कर चुका है। मदरसन सुमि का शेयर अभी 2020 की 20 गुना पी/ई के ईपीएस पर उपलब्ध है।
हालांकि यह थोड़ा महंगा है लेकिन हाई पी/ई और रीयडेल मोटर्स के अधिग्रहण से आने वाले समय में यह और भी अच्छी ग्रोथ करेगा। वर्तमान के 346 रुपए के लेवल पर यह एक आकर्षक शेयर है।
डीबी कॉर्प का अखबार दैनिक भास्कर दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अखबार है। वाकई में, यह शहरी भारत में 1 नंबर का अखबार समूह है। इसके अखबार के 11 राज्यों में 46 एडिशन हैं। इसका मराठी और गुजराती में भी अखबार है और प्रसिद्ध रेडियो स्टेशन 94.3 माय एफ़एम भी इसी ग्रुप का है।
दैनिक भास्कर हिन्दी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, बिहार और दिल्ली में एक अग्रणी अखबार है।
कंपनी अभी डिजिटल पर फोकस कर रही है, जहां यह बहुत आगे है। भास्कर डॉट कॉम के रोजाना के 4.9 मिलियन विजिटर्स हैं, जो कि इसके इंगलिश और अन्य प्रतिद्वंदियों से बहुत आगे हैं।
डीबी कॉर्प आगे तेज़ी से ग्रोथ पर फोकस कर रहा है। कंपनी अपने रेडियो बिजनेस को अब छोटे शहरों में भी लेकर जा रही है। 94.3 माय एफ एम ध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पहले स्थान पर है। कंपनी डिजिटल बिजनेस में सुधार करते हुये विडियो, स्पीड और कंटेन्ट पर काम कर रही है।
31 दिसंबर 2017 को खत्म हुई तिमाही में, कंपनी ने 598 करोड़ का मुनाफा दर्ज़ किया, जो कि सितंबर वाली तिमाही के 568 करोड़ से ज़्यादा है। 31 दिसंबर 2017 को खत्म हुई तिमाही में इसकी ईपीएस 4.23 रुपए रही है। आशा है कि 2018-19 में कंपनी की ईपीएस 20 रुपए रहेगी। यदि आप पी/ई के 25 गुना पर आवेदन करते हैं तो यह शेयर 500 रुपए पर कारोबार करना चाहिए।
बैंक ने हाल ही में एक बड़ा फ्रॉड झेला है, कई ऐसे कारण हैं जिनसे यह शेयर खरीदना एक बुरा दाव हो सकता है। इसका शेयर 52 सप्ताह के अधिकतम मूल्य 245 रुपए से 98 रुपए पर आ पड़ा है। कंपनी पर 12,000 करोड़ की धोखाधड़ी की देनदारी है, लेकिन फिर भी कुछ चीजें सकारात्मक हैं। आइये देखते हैं।
पहला, मान लीजिये नीरव मोदी पैसा नहीं देता है और पूरी ज़िम्मेदारी पीएनबी पर आ जाती है। तो एक भूचाल आ सकता है। इसकी पूंजी पर्याप्तता उचित है। इसके अलावा, ऋण शोधन और दिवालिया होने के नियमों के अनुसार एनपीए की समस्याओं का समाधान हो सकता है, जिससे कि पूर्तियां होंगी। भूषण स्टील वाले मामले को देखिये, उसमें लेनदार पैसा वापस ले सकते हैं।
बैंक की अपनी सहयोगी कपनियों पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस, पीएनबी मेटलाइफ़, पीएनबी गिल्ट आदि में हिस्सेदारी है। जिनकी वेल्यू शानदार है। इसके अलावा कंपनी की इक्विटी पूंजी सरकारी स्वामित्व वाले बैंकों में से सबसे कम है और राइट्स इश्यू के माध्यम से पैसा जुट सकती है।
7,000 ब्रांचों के साथ यह देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। इसका फ्रेंचाईजी नेटवर्क शानदार है। आप एक ऐसा शेयर खरीद रहे हैं जो चार माह पहले 230 पर था और अब 96 पर है। यह इसके खरीदने का एक बड़ा कारण है।
31 दिसंबर को खत्म तिमाही में यस बैंक का मुनाफा अच्छा रहा है। पिछले साल के 883 करोड़ के मुक़ाबले इस साल इसका नेट प्रॉफ़िट 1077 करोड़ रहा है जो कि 22% की अच्छी ख़ासी ग्रोथ है।
लोन से होने वाली शुद्ध ब्याज आय साल दर साल 27% बढ़ रही है, जो कि 1889 करोड़ है। नॉन-इन्टरेस्ट इन्कम 1422 करोड़ के साथ 40% बढ़ गई है। चिंता की बात केवल यह है कि बैंक के नॉन-परफोरमिंग असेट्स तेजी से बढ़े हैं। एक साल पहले की तिमाही में जीएनपीए 0.85% से 1.72% बढ़े हैं। इस तिमाही के दौरान जीएनपीए 254 करोड़ बढ़कर 2974 करोड़ पर पहुंचे हैं।
बुक प्राइस और यस बैंक का पी/ई गुना कोटक महिंद्रा, इंडसइंड बैंक और एचडीएफसी बैंक की तुलना में सस्ता है। इसका एक बड़ा कारण है कि बैंक का कॉर्पोरेट एक्सपोजर ज़्यादा है, जिससे वैल्यूएशन प्रीमियम घट सकते हैं। फिर भी बैंक आने वाले महीनों में तेज़ी से ग्रोथ करेगा। अच्छी बात है कि यह शेयर हालही के उच्चतम मूल्य 380 रुपए से 20% गिरा है।
शेयर केवल 2.4 गुना की बुक प्राइस पर कारोबार कर रहा है, जो कि वर्तमान लेवल पर इसको आकर्षक बनाते हैं। पूंजी की पर्याप्तता भी 17.8 गुना है। यस बैंक का शेयर अभी 304 रुपए पर है। इसके शेयर लंबे समय में अच्छा कारोबार कर सकते हैं, खास बात है कि इसके शेयर्स बीएसई सेन्सेक्स में लिस्टिड नहीं हैं।
यस बैंक पिछले कुछ सालों से 20% की ग्रोथ कर रहा है। इसमें शायद कोई बदलाव नहीं होगा। 2018-19 इसके ईपीएस के 20 रुपए पर रहने की उम्मीद है। यदि 20 गुना पी/ई के साथ आवेदन करते हैं, तो यह 400 रुपए के लगभग ट्रेड कर सकता है।
इस शेयर को 400 रुपए का लक्ष्य रखकर खरीदें, जो कि अगले साल 20% वृद्धि करेगा। फिर भी, बाज़ार अपने शिखर से ज़्यादा दूर नहीं है, ऐसे में 320 रुपए पर इसको खरीदना एक अच्छा आइडिया है।
पिछले कुछ समय में स्माल कैप और मिड कैप शेयर्स ने अच्छा प्रदर्शन किया है। कुछ स्माल कैप स्टॉक्स ने लार्ज कैप स्टॉक्स को मात दी है, जिससे लॉन्ग और शॉर्ट टर्म के बीच प्रतिद्वंदिता बढ़ी है। कुछ शानदार बातें जानने के लिए कृपया लिंक पर क्लिक करें।
यह आर्टिकल सिक्योरिटीज या अन्य वित्तीय साधनों के बेचने और खरीदने के लिए बाध्य नहीं करता है। ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, इसके सहायक, सहयोगी और लेखक इस लेख में जानकारी के आधार पर होने वाले नुकसान या क्षति के लिए कानूनन जिम्मेदार नहीं हैं।
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