Small Business Ideas For Small Town and Villages: जब हम गांव और व्यापार को एक साथ रखते हैं तो सबसे पहली बात हमारे मन में यही आती है कि अगर गांव में बिजनेस सफल हो जाते तो लोग गांव छोड़कर शहर की तरफ क्यों रुख करते? पहले के समय में ऐसी बातों को समर्थन मिल सकता था लेकिन बदलते दौर में गांव में बिजनेस करना घाटे का सौदा नहीं रह गया है। कई बार ऐसा हुआ है कि लोगों ने गांव में छोटी दुकान खोल ली और बाद में उसमें फायदा नहीं हुआ तो निराश होकर शहर की तरफ रुख कर लिया और किसी नौकरी में लग गए। पर अब आप आधुनिक माध्यम की मदद से गांव में अपने बिजनेस को स्थापित कर सकते हैं और उससे मुनाफा भी कमा सकते हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसे बिजनेस आइडिया के बारे में बताएंगे जिसे शुरु करके आप अपने गांव में वक्त भी बिता सकते हैं और अच्छी कमाई भी कर सकते हैं।
गांव में खेती के जरिए अच्छी कमाई की जा सकती है। अभी भारत में ज्यादातर किसान पारंपरिक खेती ही करते हैं। धान, गेहूं, दालें और गन्ने की खेती। इससे आगे बढ़कर देंखें तो आप गांव में केले की खेती कर सकते हैं। केले की खेती बहुत फायदेमंद है। इसमें एक डेढ़ बीघे में केले की फसल का उत्पादन आपको 3 लाख रुपए तक का मुनाफा दे सकता है। केले की खेती में शुरुआती निवेश करीब 60 हजार रुपए का हो सकता है और इसके एक पौधे से आपको 250 रुपए तक का लाभ मिलता है। डेढ़ बीघे में करीब 1200 केले के पौधे लग जाएंगे जिससे आपकी कमाई 3 लाख रुपए तक हो सकती है। अब आप इसमें से लागत की रकम 60 हजार रुपए निकाल दें और रख-रखाव और कीटनाशक छिड़काव की रकम को 40 हजार रुपए तक निकाल दें तो आपका कुल लाभ 2 लाख रुपए का बनता है जो कि बहुत अच्छा है।
इसी तरह से आप गांव में एलोवेरा की खेती शुरु कर सकते हैं। एलोवेरा एक तरह का पौधा है जिसकी पत्तियों में खास तरह का द्रव रहता है जिसके तमाम फायदे हैं। एलोवेरा का रस त्वचा के लिए बहुत उपयोगी होता है इसीलिए तमाम बड़ी कंपनियां एलोवेरा के रस से जेल बनाकर बाजार में बेचती हैं। तो इस लिहाज से एलोवेरा का मार्केट बहुत बड़ा है सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी एलोवेरा के जेल की खासी डिमांड है, एलोवेरा की खेती के लिए आपको शुरुआत में 50 हजार से 1 लाख रुपए तक का निवेश करना होगा।
यहां हम आपको बता दें कि एलोवेरा की के पौधे एक बार लगाए जाने के बाद 3-5 साल कर के लिए खेत में रहते हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मुताबिक एलोवेरा की खेती के लिए एक हेक्टेयर में प्लांटेशन का खर्च करीब 30 हजार रुपए तक आता है और मजदूरी 30-40 हजार रुपए यानि कि 60-70 हजार रुपए के शुरुआती निवेश में आप एलोवेरा की खेती कर सकते हैं। एक बार एलोवेरा की फसल हो जाने के बाद आपको बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिल सकती है। एक किलो एलोवेरा की कीमत 8-9 रुपए पड़ती है। एक बीघे में इसके 2500 पौधे लगते हैं इस तरह है आप आराम से एक बीघे खेत से 40 हजार रुपए प्रति छमाही कमा सकते हैं।
आप गांव में 2 बीघे के खेत में पपीते की खेती कर सकते हैं। इसमें पपीते की किस्मों का चुनाव करके उनकी खेती करें। भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र पूसा ने जो पांच किस्मे पपीते की बताई हैं उसमें पूसा डिलेसियस, पूसा मेजेस्टी, पूसा जायंट, पूसा नन्हा और पूसा ड्वार्फ शामिल हैं। खेते की लिए पूसा ड्वार्फ को सबसे अच्छा माना जाता है। ये 4 सेंटीमीटर की लंबाई से भी पपीते का उत्पादन शुरु कर देते हैं। साथ ही इसके पौधे पर सघन पपीतों के गुच्छे लगे होते हैं। एक अनुमान के मुताबिक एक एकड़ खेत में 18 से 20 लाख रुपए तक की आय हो जाती है। इसके लिए आप पूसा केंद्र से पूरी जानकारी ले सकते हैं।
गांव में आपको फूलों का व्यापार आपको अच्छा लाभ दे सकता है। फूलों की कुछ गिनी-चुनी वैराइटी होती है जिसे लोग बुके या फिर सजावट के लिए खरीदते हैं। इन वेराइटी के बारे में पता करके आप उन इलाकों के बारे में पता कर लीजिए जहां ये इन फूलों की खेती होती है। फिर एक बजट बना कर किसानों से मिलिए और उनसे फूल खरीदिए। अपनी शॉप शहर में ऐसी जगह खोलें जहां आपके लिए कंपटीशन कम हो और बाजार बड़ा हो। फूलों के व्यापार को शुरु करने के लिए न्यूनतम 15,000 से 20,000 रुपए की आवश्यकता होती है।
आप चाहें तो यह व्यापार बड़े पैमाने पर भी कर सकते हैं। एक साधारण स्थान से यह व्यापार अधिकतम 20,000 रुपए तक में शुरु किया जा सकता है।इस व्यापार में लाभ बहुत ही जल्दी प्राप्त होता है। आप फूल मंडी से थोक के भाव में फूल खरीद कर उससे बुके, माला आदि बना कर बेचें, तो आप को दुगना-तिगुना लाभ होता है। यदि आप खुदरे फूल पर 1000 रुपए खर्च करते हैं तो आपको उन फूलों से माला आदि बना कर बेचने पर 2500 से 3000 तक का लाभ प्राप्त होता है। अत: आपका व्यापार जितना अधिक चलेगा उतना अधिक मुनाफा आपको प्राप्त होगा।
जब हम गांव की बात करते हैं तो हमारे व्यापार की परिधि बहुत सीमित हो जाती है। मसलन हमारा सारा ध्यान खेती से जुड़े व्यापार पर ही चला जाता है। आज के वक्त में तमाम ऐसे लोग हैं जो गैर पारंपरिक खेती करके लाभ कमा रहे हैं। उनके लिए खेती का जरिए कमाई के तमाम विकल्प मौजूद हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि गांव के किसी गरीब किसान के पास जमीन नहीं होती है और वह दूसरों की जमीन पर खेती करके अपना गुजर-बसर करते हैं। ऐसे किसान भी उन्नत खेती को अपनाकर अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। मान लीजिए किसी किसान के पास जमीन नहीं है और वह दूसरे के 2 से 4 बीघा खेत पर खेती कर रहा है, जिसमें से वह आधी उपज जमीन के मालिक को दे देता है और आधी खुद रख लेता है। इसमें फायदा नहीं है, किसान को सिर्फ उपज का एक हिस्सा भर मिलता है और कुछ नहीं। अब वही किसान 2 बीघे खेत में अनाज उगाए और बाकी दो बीघे खेत में एलोवेरा, केले की खेती, सब्जियों की खेती आदि करके उसे बेचे तो उसका लाभ बढ़ जाएगा।
खेती के अलावा आप गांव में कुछ छोटे बिजनेस भी शुरु कर सकते हैं। इसमें आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप जो भी चीजें गांव के लोगों को बेचना चाह रहे हैं उनके दाम बहुत किफायती हों। आप शहर के अनुसार गांव में दाम नहीं लगा सकते हैं। गांव में आप मोमोज और चाउमिन का बिजनेस शुरु कर सकते हैं। आमतौर पर ये चीजें गांव में नहीं दिखती हैं, इसलिए आप सस्ती दरों पर गांव में ये बिजनेस शुरु कर सकते हैं। इसके लिए ऐसी जगह का चुनाव करें जहां बच्चों और युवाओं का आना-जाना हो।
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