केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को आयकर दरों में 2018-19 के लिए कोई राहत नहीं दी। जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा, "सरकार ने बीते तीन सालों में लोगों पर लागू निजी आयकर दरों में बहुत से सकारात्मक बदलाव किए हैं।"
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में बजट पेश करते हुए कहा कि, " मैं व्यक्तिगत आयकर दरों की संरचना में बदलाव करने का प्रस्ताव नहीं करता हूं।" वेतनभोगी करदाताओं को राहत देने के क्रम में जेटली ने 'परिवहन भत्ता और विभिन्न चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति के संबंध में वर्तमान छूट के बदले 40,000 रुपये के मानक कटौती का प्रस्ताव दिया।"
जेटली ने 2017-18 के बजट में 2.5 लाख प्रतिवर्ष से पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष की आयकर स्तर में आयकर 10 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी किया था। आगे देखें टैक्स स्लैब के हिसाब से आयकर की दर।
भारत में आयकर यानि इनकम टैक्स के लिए 4 प्रमुख टैक्स स्लैब हैं।
0% (शून्य प्रतिशत) टैक्स
5% (पांच प्रतिशत) टैक्स
20% (बीस प्रतिशत) टैक्स
30% (तीस प्रतिशत) टैक्स
इसके अलावा सरचार्ज और सेस भी हैं, जिनके बारे में हम आपको आगे बताएंगे। अभी हम आपको यहां बता रहे हैं कि आपकी वार्षिक इनकम के हिसाब से कितना आयकर लगेगा।
अगर आपकी वार्षिक आय 0 से 2.5 लाख रुपए है तो आप आयकर के शून्य प्रतिशत टैक्स स्लैब में आएंगे। इसमें आपको किसी तरह का आयकर नहीं अदा करना पड़ेगा। हां अगर आप चाहें तो आप जीरो इनकम टैक्स रिटर्न जरूर फाइल कर सकते हैं।
जिन लोगों की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपए से अधिक और 5 लाख रुपए तक है उन्हें आयकर के अनुसार 5 प्रतिशत टैक्स अदा करना पड़ता है। पहले ये स्लैब 10 प्रतिशत था जिसे साल 2017 में कम करके 5 प्रतिशत कर दिया गया।
यदि आपकी वार्षिक आय 5 लाख रुपए से अधिक है और 10 लाख रुपए तक है तो आपको आयकर के नियमों के अनुसार 20 प्रतिशत टैक्स देना होगा।
यदि आपकी सालाना आय 10 लाख रुपए से अधिक है और 50 लाख रुपए से कम है तो आपको आयकर के नियमों के अनुसार 30 प्रतिशत तक आयकर अदा करना पड़ेगा।
यहां पर हम उन लोगों के बारे में बता रहे हैं जिनकी आय 50 लाख रुपए से अधिक और 1 करोड़ रुपए तक सालाना है। इस आय वर्ग के लोगों को 30 प्रतिशत आयकर देना होता है साथ ही 10 प्रतिशत का अतिरिक्त सरचार्ज भी देना होता है। वहीं जिन लोगों की वार्षिक आय 1 करोड़ रुपए से अधिक होती है उन्हें 30 प्रतिशत आयकर के अलावा 15 प्रतिशत सर चार्ज और 3 प्रतिशत सेस भी अदा करना पड़ता है। सरचार्ज और सेस आयकर की 30 प्रतिशत राशि पर दिए जाते हैं।
वरिष्ठ नागरिक के लिए 3 लाख तक की वार्षिक आय पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगता है। 5 लाख रुपए तक की आय पर 5 प्रतिशत तक का टैक्स अदा करने का नियम है। वहीं 5 से 10 लाख तक की वार्षिक आय पर 20 प्रतिशत टैक्स अदा करना पड़ता है। 10 लाख से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स की अदायगी निर्धारित की गई है। वरिष्ठ नागरिक जिनकी आय 50 लाख रुपए से अधिक और 1 करोड़ रुपए तक सालाना है उन्हें 30 प्रतिशत आयकर देना होता है साथ ही 10 प्रतिशत का अतिरिक्त सरचार्ज भी देना होता है। जिन वरिष्ठ नागरिकों की वार्षिक आय 1 करोड़ रुपए से अधिक होती है उन्हें 30 प्रतिशत आयकर के अलावा 15 प्रतिशत सर चार्ज और 3 प्रतिशत सेस भी अदा करना पड़ता है।
अति वरिष्ठ नागरिक के लिए 2.5 लाख तक की वार्षिक आय पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगता है। 5 लाख रुपए तक की आय पर पर भी किसी तरह की टैक्स अदायगी नहीं है। वहीं 5 से 10 लाख तक की वार्षिक आय पर 20 प्रतिशत टैक्स अदा करना पड़ता है। 10 लाख से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स की अदायगी निर्धारित की गई है। अति वरिष्ठ नागरिक जिनकी आय 1 करोड़ रुपए तक सालाना है उन्हें 30 प्रतिशत आयकर देना होता है साथ ही 15 प्रतिशत का अतिरिक्त सरचार्ज भी देना होता है इसके अलावा 3 प्रतिशत सेस भी अदा करना पड़ता है।
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