शेयर्स की कीमत कम होने का अर्थ यह नहीं है कि इनमें निवेश करना अच्छा है और निवेशकों को समझना चाहिए कि इसमें बहुत अधिक खतरा होता है। कुछ ऐसे भी स्टॉक्स होते हैं जो लॉन्ग टर्म में अच्छा रिटर्न देते हैं। हम निवेशकों को चेतावनी देते हैं कि ये हाई रिस्क स्टॉक्स होते हैं और इनमें तभी निवेश करें जब आप जोखिम उठाने के लिए तैयार हों। इनमें से अधिकांश स्टॉक्स की कीमत 50 रूपये से भी कम है।
इस स्टॉक की कीमत 44 रूपये से गिरकर 12.50 रूपये पर पहुंच गयी है। इस स्टॉक पर निवेश करना जोखिम भरा है क्योंकि यह कंपनी क़र्ज़ में डूबी हुई है। वर्तमान में ऐसी खबर आई थी कि चाइना डेवलपमेंट बैंक अपने कर्ज़ की रिकवरी के लिए कंपनी के खिलाफ़ दिवालियेपन की कार्यवाही करेगी। हालाँकि इस स्टॉक के लिए कुछ ट्रिगर भी हो सकते हैं।
पहला यह कि कंपनी अपने टावर बिज़नेस के स्टेक को ब्रूकफील्ड कंपनी को बेचकर अपना क़र्ज़ चुका सकती है। यह अपने रियल एस्टेट की संपत्ति को बेचकर भी अपने कर्जदाताओं का क़र्ज़ उतार सकती है।
यदि कंपनी में पुनर्गठन की योजना बनती है तो स्टॉक की कीमतों में उछाल आ सकता है। इसके अलावा यदि जियो कंपनी के मालिक मुकेश अंबानी इसमें रूचि लेते हैं तो हमें अंदाज़ा भी नहीं है कि स्टॉक की कीमत कहां तक पहुंचेगी। 12.50 रूपये की कीमत के इस स्टॉक को खरीदना अच्छा है परन्तु इसमें जोखिम भी है।
सरकारी स्वामित्व वाली इस बैंक की सिफारिश करने का एक कारण यह है कि इसका शेयर 52 सप्ताह के सबसे निम्नतम स्तर पर आ गया है। देना बैंक के सामने क़र्ज़ एक बहुत बड़ी समस्या है और यह समस्या बहुत ही जल्द दूर हो सकती है। हालाँकि इस स्टॉक के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर यह है कि इसके स्टॉक को सरकारी स्वामित्व वाली बैकों के साथ समेकित किया जा सकता है।
उदाहरण के लिए यदि हमें ऐसी कोई आशा की किरण दिखती है कि छोटी पीएसयू बैंकों को बड़ी बैंकों द्वारा टेक ओवर किया जायेगा तो इनके शेयर्स की कीमतों में बहुत अधिक सुधार हो सकता है। इससे यह स्टॉक अच्छा परन्तु जोखिम भरा बन जाता है।
इसके अंतर्गत ज़ी इंस्टीटयूट ऑफ़ मीडिया आर्ट्स (ज़ेडआईएमए) भी आता है जो मुंबई में स्थित टी.वी और फिल्म ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट है तथा यह डायरेक्शन, एक्टिंग, साउंड एडिटिंग, प्रोडक्शन और सिनेमेटोग्राफी में डिप्लोमा कोर्स करने का प्रशिक्षण देता है। ज़ी लर्न का एक अन्य इंस्टीट्यूट ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव आर्ट (जेडआईसीए) है जो एक पूर्णकालिक क्लासिकल और डिजिटल एनिमेशन ट्रेनिंग एकेडमी है।
ज़ी लर्न के स्टॉक में शिक्षा के क्षेत्र में ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बहुत बड़े विस्तार की योजनायें हैं। कंपनी के पास बहुत ही एसेट लाइट मॉडल है। वर्तमान में ज़ी लर्न ने अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से मैनपावर रिक्रूटमेंट और ट्रेनिंग के क्षेत्र में प्रवेश किया है। ज़ी लर्न द्वारा ऐसे कई क्षेत्रों में पहल करने से आने वाले तिमाही में इसमें काफी वृद्धि होने की संभावना है।
वर्ष 2018-19 में कंपनी 3 रूपये प्रति ईपीएस पोस्ट कर सकती है। यदि हम कंपनी का मूल्य 20 रूपये प्रति स्टॉक देखते हैं तो यह 60 रूपये प्रति स्टॉक पर व्यापार कर सकता है। इसका अर्थ है कि इसमें वर्तमान स्तर से लगभग 50% का उछाल आ सकता है।
यदि आप बैंक के स्टॉक्स में निवेश करने का सोच रहे हैं जिसमें दीर्घ काल में अच्छे रिटर्न्स मिलने की संभावना है तो साउथ इन्डियन बैंक एक अच्छा विकल्प है।
यह स्टॉक अपेक्षाकृत ऊंचे मूल्य पर व्यापार कर रहा है। 30 सितंबर 2017 तिमाही समाप्ति के बाद सकल एनपीए 3.57 प्रतिशत पर आ गया जो अन्य बैंकों की तुलना में अधिक अच्छा है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले तिमाही की तुलना में इसके स्तर में 3.61 प्रतिशत की गिरावट आई है।
वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए साउथ इन्डियन बैंक 2 रूपये के करीब ईपीएस रिपोर्ट कर सकता है। यह स्टॉक एक वर्ष की अग्रिम कमाई के 15 गुना पी/ई पर कारोबार कर रहा है। यह एक निजी क्षेत्र का बैंक हैं जो निश्चित रूप से बेहतर छूट मिलने के योग्य है। वर्तमान स्तर पर यह इस स्टॉक को श्रेष्ठ बनाता है। दीर्घकालीन लाभ प्राप्त करने के लिए इन्हें खरीदें।
हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन जैसे गैमन इंडिया ने देश में कई प्रोजेक्ट्स का निर्माण किया है जिसमें बांद्रा वरली सी लिंक, मुंबई का पहला थर्मल पॉवर प्लांट, मुंबई का पहला वॉटर ट्रीटमेंट प्लान, बिहार में पहला अंडर ग्राउंड पॉवर हाउस, पश्चिम बंगाल में पोर्ट से गिरा हुआ हुआ डॉक, पहला न्यूक्लियर पॉवर प्रोजेक्ट आदि शामिल हैं।
इस सूची में अन्य कई नाम भी शामिल हैं। वर्तमान में कंपनी ने बताया कि यदि उन्हें उनके मामलों की सुलझाने की अनुमति शीघ्र ही मिलती है तो वे अपने क़र्ज़ को आधा कर देंगे। इससे उनका क़र्ज़ आधा हो जाएगा और मुनाफ़ा बढ़ा जाएगा।
एचसीसी को वर्तमान में ही बैंगलोर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए पुरस्कार भी मिला है। इस अनुबंध का पुरस्कार लगभग 800 करोड़ रूपये था। यह प्रोजेक्ट 36 महीनों में पूरा हुआ। इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सरकार की बढ़ती हुई रूचि के कारण आने वाले वर्षों में कंपनी को अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं। इस स्टॉक की कीमत अभी लगभग 32 रूपये हैं।
अछा होगा कि आप कुछ सावधानियां बरतें क्योंकि जिन स्टॉक्स के बारे में यहाँ बताया गया है वे मूलभूत रूप से अच्छे हो भी सकते हैं अथवा नहीं भी। ऐसे स्टॉक्स जिनकी कीमत 50 रूपये से कम होती है सामान्यत: स्मॉल कैप स्टॉक्स की श्रेणी में आते हैं जिनकी कीमत बहुत ही परिवर्तनशील होती है। कुछ मामलों में इनकी कीमत कम होने का खतरा कम होता है क्योंकि इनकी कीमत में पहले से ही बहुत अधिक कम होती हैं। याद रखें, यदि आप इन्हें लम्बे समय तक रखेंगे तो इससे आप अच्छा खासा पैसा बना सकते हैं।
इस लेख में किसी भी सिक्यूरिटीज़ या अन्य वित्तीय साधनों को बेचने का आग्रह नहीं किया गया है। ग्रेनियम इनफार्मेशन टेक्नोलॉजिस प्राइवेट लिमिटेड, इसकी सहायक कंपनियां, सहयोगी और लेखक इस लेख की जानकारी के आधार पर होने वाले नुकसान/क्षति के अभियोग को स्वीकार नहीं करते हैं।
More Articles
- Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?
- SEBI का बड़ा एक्शन: Axis Mutual Fund Front Running Case में 7 साल का बैन, क्या है मामला?
- Q1 Results Today: L&T, HUL और वरुण बेवरेजेस के नतीजों का दिन! जानें किन शेयरों में दिखेगा बड़ा एक्शन
- MV Electrosystems IPO: आज से खुला निवेश का मौका, ₹400-₹425 प्राइस बैंड और जरूरी डिटेल्स
- Indo-MIM IPO: लिस्टिंग गेन का लालच या SIP की लंबी रेस? निवेश से पहले ये जरूर पढ़ें
- Market Strategy: Index नहीं, सही Stocks चुनिए; गिरावट में हो सकती है कमाई!