जब तक आपको किसी भी निवेश माध्यम के बारे में पूर्ण जानकारी न हो तब तक निवेश ना करें। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आपने कहीं गलत जगह पर निवेश कर दिया तो खामियाजा खुद आपको ही भुगतना होगा। बाजार में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को संभलकर पैसा लगाना चाहिए। लेकिन कहां पर पैसा लगाना सुरक्षित होगा और कहां से ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना होगी यह शायद आप नहीं जानते होंगे पर हम आपको यहां बताएंगे 10 ऐसे निवेश विकल्प, जिनमें पैसा लगाना सुरक्षित और उचित है।
इसे यूएलआईपी भी कहा जाता है, जो कि भारत में शीर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ निवेश विकल्पों की सूची में आता है। यह कर्ज और इक्विटी बाजारों में निवेश करता है। अस्थिरता की गणना नेट एसेट वैल्यू के द्वारा की जाती है।
शेयर में निवेश फायदेमंद तब ही होता है जब पैसा लंबी अवधि के लिए लगाया जाए। अगर आपके पास कम से कम 5 साल का वक्त है तो आप शेयर में निवेश कर सकते हैं। इक्विटी में निवेश करने के दो तरीके हैं। पहला शेयर बाजार से शेयर खरीदें और दूसरा पब्लिक इश्यू आने पर शेयरों के लिए आवेदन करें।
यह भारत में सबसे अच्छा और सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। यह पूरी तरह से टैक्स फ्री है। पीपीएफ खाते में पैसा जमा करने पर 15 साल तक के लिए आपका पैसा बंद हो जाता है। इस खाते से आप चक्रवृद्धि ब्याज कमा सकते हैं।
रिटर्न और जोखिम को देखते हुए ईटीएफ निवेशकों का पसंदीदा निवेश विकल्प बन गया है। खासतौर पर गोल्ड ईटीएफ में निवेशक पैसा लगा रहे हैं। ईटीएफ लंबी अवधि के लिए अच्छा निवेश विकल्प है।
पोस्ट ऑफिस की मासिक आय योजना के अंतर्गत आप सेवानिवृत्त लोगों के लिए बहुत ही उपयुक्त है। इसमें किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं है। लेकिन इसमें ब्याज काफी कम है।
भारत में सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक रियल एस्टेट है, जिसमें आवास, वाणिज्यिक, विनिर्माण, खुदरा जैसे क्षेत्रों में काफी संभावनाएं हैं। इसमें निवेश करने पर जोखिम भी बहुत कम है।
हमेशा से ही लोग सोने में निवेश करते आएं हैं। पिछले 10 सालों में सोने ने 40 फीसदी तक का रिटर्न दिया है। लंबी अवधि के लिए सोने में निवेश किया जा सकता है।
फिक्स्ड डिपॉजिट 6 से 12 महीने के निवेश के लिए बेहतर विकल्प है। एफडी की अवधि 30 दिनों से शुरु होती है। 6 महीने से कम अवधि के एफडी पर मनी मार्केट फंड से कम रिटर्न मिलता है। एफडी में निवेश करने से पहले सोच लेना चाहिए कि कितने समय के लिए आपको पैसों की जरुरत नहीं होगी। क्योंकि, समय से पहले एफडी से पैसे निकालने पर आपको पेनाल्टी देनी पड़ेगी।
म्यूचुअल फंड्स में कई निवेशकों का पैसा इकठ्ठा करके शेयर, बॉन्ड खरीदे जाते हैं, जिन पर मिला रिटर्न निवेशकों में बांटा जाता है। म्यूचुअल फंड में पेशेवर सलाहकार की सेवाओ के साथ कम निवेश में ज्यादा विकल्पों का फायदा मिलता है।
अगर आप म्यूचुअल फंड और डायरेक्ट इक्विटी मार्केट में निवेश करना उचित नहीं समझ रहे हैं तो आप बांड में निवेश कर सकते हैं। कई सारे ऐसे बॉन्ड हैं जो सरकार के अधीन हैं उदाहरण के लिए 10 साल के लिए एक बॉन्ड जो वर्तमाल में 7.70 प्रतिशत का ब्याज दर दे रहा है।
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