अभी तक पोस्‍टमैन सिर्फ चिट्टी लाने-ले जाने के अलावा आपका पार्सल पहुंचाने का काम करते थे। लेकिन अब हो सकता है कि पोस्‍टमैन आपकी वित्‍तीय जरुरतों को भी पूरा करें। वैसे तो लगभग हर कोई पोस्‍टमैन को भूल ही चुके हैं इसकी वजह है सोशल साइट्स और डिजिटलीकरण। लेकिन जल्‍द ही पोस्‍टमैन आपके काम आएंगे। अब पोस्‍टमैन चलते-फिरते पेमेंट बैंक के रुप में काम करेंगे। वे हाई टे्क डिवाइस के जरिए कई वित्‍तीय लेन-देन को आपके घर आकर पूरा करेंगे।

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1.5 लाख पोस्‍टमैन करेंगे काम

इंडिया पोस्‍ट पेमेंट बैंक मार्च 2018 तक अपने ऑपरेशन को राष्‍ट्रीय स्‍तर पर लॉन्‍च करने की तैयारी में हैं। 1.5 लाख पोस्‍टमैन के लिए डिवाइस के कॉट्रैक्‍ट की तैयारी की जा रही है।

माइक्रो एटीएम की मिलेगी सुविधा

माइक्रो एटीएम जैसे इस डिवाइस में बायॉमीट्रिक रीडर, प्रिंटर और डेबिट-क्रेडिट कार्ड रीडर जुड़ा होगा। इंडिया पोस्‍ट पेमेंट बैंक के चीफ एग्जिक्‍यूटिव एपी सिंह ने बताया कि 2 लाख डिवाइस के लिए टेंडर तैयार है और इसे एक महीने के अंदर जारी किया जा सकता है। इंडिया पोस्‍ट पेमेंट बैंक के लिए बैकंड सिस्‍टम तैयार करने के लिए एचपी इंटरप्राइज का चुनाव किया गया है।

पेमेंट बैंक को जोड़ने का है विचार

इसके पीछे विचार पेमेंट्स को बैंकों से जोड़ने का है। गैस, बिजली, मोबाइल, डीटीएच के बिलों और स्‍कूल फीस जैसे करीब एक दर्जन पेमेंट की पहचान हमने की है, जिसे पेमेंट बैंक के जरिए पूरा सकते हैं। इंडिया पोस्‍ट एक एप पर भी काम कर रहा है, जिसके जरिए इन पेमेंट्स को अंजाम दिया जाएगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से पेमेंट बैंकों को डिपॉजिट लेने की अनुमति नहीं है। रेवेन्‍यू के लिए इंडिया पोस्‍ट पेमेंट बैंक हर ट्रांजेक्‍शन पर फीस लेगा।

35 करोड़ हैं बैंक अकाउंट

आधिकारियों की माने तों पोस्‍ट ऑफिस में 35 करोड़ अकाउंट्स हैं और वे अगले 5 साल में 8 करोड़ परिवारों को पेमेंट बैंक से जोड़ने पर फोकस करेंगे। इसके जरिए बस और ट्रेनों के अनारक्षित टिकट भी ले सकते हैं, जो कैश पर ही निर्भर है।