जब से बैंकों में अलग-अलग खातों के लिए न्यूनतम बैलेंस रखने के आदेश आ गए हैं तब से ज्यादातर कस्टमर परेशान से नजर आने लगे हैं। खासकर एसबीआई बैंक के कस्टमर। न्यूनतम बैलेंस अपने खाते में न रखने पर आपको जुर्माना भी अदा करना पड़ता है। लेकिन भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की आरे से कुछ ऐसे खाते भी खुलवाए जाते हैं जिनमें यह बंधन नहीं होता है। इसका अर्थ यह हुआ कि आप अपने खाते में मौजूद राशि में से कितनी भी राशि निकालकर खर्च कर सकते हैं और इस बात कि टेंशन लेने की भी आवश्यकता नहीं होती कि न्यूनतम बैलेंस बचा है या नहीं। एसबीआई के ऐसे 4 खाते हैं जहां पर आपको औसत मासिक बैलेंस बनाए रखने की अनिवार्यता नहीं होती।
SBI का पहला खाता है प्रधानमंत्री जन धन खाता, जो कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहता खोला जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2014 में प्रधानमंत्री जन-धन योजना शुरू की थी। देश के लोगों के वित्तीय समावेशन के लिए यह एक राष्ट्रीय मिशन है ताकि लोग बैंकिंग, बचत और जमा खाता जैसी वित्तीय सेवाएं पा सकें। इस योजना का मकसद है कि देश की बड़ी आबादी जो पिछले 70 वर्षों से बैंकिंग से दूर थी, इस योजना के जरिए लोगों को बैंकिग के प्रति उत्साहित किया गया और उन्हें देश की अर्थव्यवस्था से सीधे तौर पर जोड़ा गया। इस योजना के तहत, बैंक ब्रांच या बिजनेस संपर्क रखने वाले लोगों के पास जाकर बैंक खाता खोला जा सकता है।
एसबीआई के छोटी बचत बैंक खाते में अधिकतम बैलेंस को 50,000 रुपए तक सीमित किया गया है एवं इसमें जमा राशि पर ब्याज नहीं दिया जाता है, जो बचत खातों में मिलता है। खाताधारकों को एटीएम-कम-डेबिट कार्ड दिया जाता है। जिसके लिए एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। साथ ही इसके लिए कोई वार्षिक मेन्टेनेन्स फीश नहीं ली जाती है। एक वित्तीय वर्ष में इसमें जमा कराई गई कुल राशि 100000 रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। तो वहीं कुल निकासी एवं ट्रांसफर की रकम 100000 रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
एसबीआई के बेसिक सेविंग्स बैंक खाते में न्यूनतम एवं अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है, लेकिन इस खाते के धारक किसी अन्य तरह का कोई अन्य बचत खाता नहीं खोल सकते। इस तरह का कोई भी अन्य बचत खाता यदि है तो बेसिक सेविंग्स बैंक खाता खोले जाने के 30 दिन के भीतर बंद करना होगा।
एसबीआई के कॉरपोरेट सैलरी खाते में कर्मचारी तथा नियोक्ता को कई प्रकार के फायदे दिए जाते हैं। इस तरह के खाते से नियोक्ता के लिए काफी कागजी कार्रवाही एवं वेतन प्रबंधन के खर्चे कम हो जाते हैं। एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार, इस तरह खाता धारक कर्मचारियों को बैंक की अन्य सुविधाओं के साथ-साथ इंटरनेट बैंकिंग एवं मोबाइल बैंकिंग की सुविधा फ्री में मिलती है।
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