डायमंड लोकतांत्रिक है। ये सिर्फ अमीर और प्रसिद्ध लोगों के लिए ही आधिकारिक चीज नहीं है। यनि अब तो एक आम आदमी भी इसे पाने का अपना सपना पूरा कर सकता है। जी हां, ऐसी महिलाएं जो हीरे को पाने की चाह रखती है उनके लिए एक अच्छी खबर है। अब वे मात्र 120 रुपए प्रतिदिन जमा करके डी-बीयर्स सर्टिफाइड का एक फुल कैरेट खरीद सकती है।
दो सप्ताह पूर्व दुनिया के पहले डायमंड फ्यूचर्स एक्सचेंज ने निवेशकों के साथ बायर्स को हीरा उपलब्ध कराने के लक्ष्य से भारत में ट्रेडिंग शुरु की है।
भारतीय कॉमोडिटी एक्सचेंज ICEX ने गृहणियों को इलेक्ट्रॉनिक रुप में हीरे का एक सेंट एकत्रित करने के लिए कट और पॉलिश जेम्स की दुनिया की सबसे बड़ी उत्पादक कंपनियों को सक्षम बनाकर हीरे के मार्केट गेम को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। जिसके तहत रिलांयस कैपिटल और एमएमटीसी द्वारा समर्थित बाजार ने पहले से ही 1 कैरेट यानि 100 सेंट की कांट्रेक्ट ट्रेडिंग शुरु कर दी है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीत प्रसाद बताते है कि आगामी दिनों में 50 सेंट और 30 सेंट की भी ट्रेडिंग शुरु होगी। प्रसाद बताते है कि एक सेंट की कीमत 3200 रूपए होगी । इसे इलेक्ट्रोनिक्स फॉर्म में जमा करते हुए जब आपके पास 1 कैरेट डायमंड हो जाएगा तब आप इसकी डिलिवरी ले सकते है।
एक निवेशक के रुप में आप एक सेंट खरीद सकते है। हालांकि आप लगातार खरीद सकते है और अतिरिक्त समय के साथ यूनिट जमा कर सकते है। वहीं जब 1 कैरेट एकत्रित हो जाए तो आप इसकी फिजिकल डिलीवरी के बारे में पूछ सकते है। एक सेंट 2 ग्राम के बराबर होता है और 100 सेंट से एक कैरेट बनता है। डायमंड की कीमत भी उसके आकार या कैरेट के आधार पर बढ़ती है।
इधर, डायमंड कांट्रेक्ट ने ट्रेड के पहले सप्ताह में मजबूत रुचि दिखाई दी । अपने लांच के पहले दिन यानि 28 अगस्त को, नवंबर वायदा के लिए 27 कैरेट (2,715 सेंट) का कुल वॉल्यूम दर्ज किया गया था। आईसीएक्स के आंकड़ों के अनुसार बीते सोमवार को ये 176 कैरेट और बुधवार को 159 कैरेट तक बढ़ गया था। कांट्रेक्ट विशेषज्ञों का मानना है कि एक व्यापारी अधिकतम एक रूपए के ट्रिक साइज के साथ 3000 सेंट तक का ऑर्डर कर सकता है।
एक्सचेंज ने आयातकों, दलालों, व्यापारियों, प्रोसेसर, आपूर्तिकर्ताओं, स्टॉकिस्टों और आभूषण निर्माताओं से भागीदारी को आकर्षित करने के लिए व्यापार और वितरण आकार को कम रखा है। वहीं एक्सचेंज जल्द ही 50 या 30 सेंट की पेशकश करेगा। 1 कैरेट कांट्रेक्ट के लिए डिलीवरी सेंटर नवंबर में एक्सपायर होगा, वहीं दिसंबर और जनवरी में सूरत डॉयमंड पॉलिसिंग के भारत का केंद्र होगा।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक दुनिया के 15 जेम्स में से 14 इंडियन डायमंड कटर्स पॉलिस के है। 31 मार्च, 2017 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में उन्होंने लगभग 153 मिलियन कैरेट्स काफ़ी हीरे का आयात किया। पॉलिसर दुनिया की सबसे बड़े हीरा उत्पादक कंपनी डी बीयर्स और साथ ही कुछ उत्पादक देशों के साथ प्रत्यक्ष आयात के जरिए अपने जेम्स बेचते है। सूरत दुनिया के पॉलिश डॉयमंडस में 85 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है।
आईसीईएक्स ये विशिष्ट रुप से निर्दिष्ट करता है कि हीरा विक्रेताओं को डी-बीयर्स से अपने डायमंड सर्टिफाइड कराने की जरूरत है। इससे वे कैरेट डिपॉजिट के समान इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में क्रेडिट प्राप्त करेंगे। इस एक्सचेंज में सदस्य के रुप में रॉजी ब्लू और किरन जेम्स जैसी 20 बड़ी कंपनियां शामिल है।
ग्लोबल डायमंड मार्केट की 95 प्रतिशत उपभोक्ता मांग है। दुनिया भर में खनन की कुल मात्रा के मुकाबले भारत में रफ हीरे का उत्पादन बहुत कम है। भारत में, हीरे का खनन मध्य प्रदेश और छतीसगढ़ जैसे राज्यों में केन्द्रित है।
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