सोशल मीडिया में इस समय Sarahah.com नाम का एक फीडबैक एप छाया हुआ है। जिसमें लोग अपने दोस्‍तों और परिवार वालों को सीक्रेट मैसेज कर रहे हैं। इस फीडबैक एप की खास बात यह है कि इसे आप जिसके नाम से भी मैसेज भेजेंगे उसके पास आपका नाम और पहचान नहीं पहुंच पाएगा। यानी की यह सीक्रेट रहेगा कि मैसेज किसने और कहां से भेजा है।

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फेसबुक में छाया है सराहा डॉट कॉम

फेसबुक पर पिछले एक सप्‍ताह में लगभग हर तीसरे व्‍यक्ति ने इसके माध्‍यम से किसी न किसी को मैसेज भेजा है। टीनेजर्स और यूथ को यह एप अच्‍छा-खास भा रहा है। रिर्पोट के अनुसार भारत में इसे सबसे ज्‍यादा लोकप्रियता मिल रही है। आज हम आपको सराहा की खोज करने वाले व्‍यक्ति जैन-अल आबेद्दीन के बारे में कुछ दिलचस्‍प बातें बताएंगी जो कि काफी रोचकीय हैं।

भारत की कंपनी में काम कर चुके हैं जैन- अल

आपको बता दें कि जैन-अल आबेद्दीन वैसे तो सउदी अरब के रहने वाले हैं, लेकिन इन्‍होंने भारतीय कंपनी विप्रो में काम किया हुआ है। सबसे दिलचस्‍प तो यह है कि विप्रो पहली कंपनी थी जब इन्‍होंने एक इंप्‍लाई की तरह काम किया है। यहीं पर जैन- अल प्रोग्रामिंग करना सीखा है और प्रोग्रामिंग की पढ़ाई की।

फीडबैक देने के हिसाब से बना है यह एप

जैन- अल के मुताबिक अक्‍सर ऑफिस में सीक्रेट फीडबैक देने और लेने का कार्य किया जाता है। इसी बात को ध्‍यान में रखते हुए एह प्रोग्रामिंग एप बनाया गया है। जिसमें आप की पहचान नहीं हो पाएगी पर आप अपना फीडबैक संबंधित व्‍यक्ति तक बड़े आसानी से भेज सकेंगे।

मैसेजिंग एप से है अलग

सराहा व्‍हॉट्सएप और हाइक मैसेंजर से बिल्‍कुल अलग है, क्‍योंकि यह मैसेजिंग एप नहीं है। यह एक कंस्‍ट्रकटिव फीडबैक का एप है। इसका विस्‍तार धीरे-धीरे किया जा रहा है। जैन- अल के अनुसार भविष्‍य में इसमें और भी कई फीचर जुड़ सकते हैं।

रिकॉर्ड होता है यूजर का आईपी, डेट और टाइम

दूसरी वेबसाइट की तरह यह वेबसाइट भी होस्टिंग सर्वर यूजर का आईपी, डेट और टाइम रिकॉर्ड करता है। इसके अलावा सर्वर तक ब्राउजर का टाइप और यूआरएल की जानकारी भी जाती है। जिसे इस वेबसाइट के लिए रिफ्रेंस के तौर पर उपयोग किया गया है।

भविष्‍य में टाइट होगी सेक्‍योरिटी

कुछ भद्दे मैसेजेस को देखते हुए कंपनी के फाउंडर ने यह आस्‍वासन दिया है कि जल्‍द ही इसमें ऐसे सेक्‍योरिटी फीचर आएंगे जिससे कोई अश्‍लील और भद्दे मैसेज न भेज सके।