मिली है। पर इसके बाद सरकार ITR फाइल करने की तारीख आगे नहीं बढ़ाएगी। अगर आपने अपना आयकर रिटर्न अब तक दाखिल नहीं किया है तो अभी भी आपके पास 5 अगस्त रात 12 बजे तक का वक्त है, जिसमें आप अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। आपको बता दें कि आम बजट के दौरान सरकार ने आयकर रिटर्न में कई तरह के बदलाव किए थे जिन्हें आपको आयकर रिटर्न दाखिर करते वक्त ध्यान रखना चाहिए। यहां हम बजट के दौरान हुए आयकर रिटर्न में जरूरी बदलावों के बारे में आपको बता रहे हैं जो आपको ITR फाइल करते वक्त ध्यान रखने होंगे।
बजट के दौरान वित्तमंत्री ने 2.5 से 5 लाख रुपए की आय वर्ग के लोगों को लिए टैक्स स्लैब 10 फीसदी से घटा कर 5 फीसदी कर दिया था। अब इस कटौती के बाद करीब 12,500 रुपए की बचत होगी। जबकि 1 करोड़ रुपए की आय वाले लोगों को करीब 15 हजार रुपए तक सरचार्ज और सेस में बचत होगी।
3.5 लाख रुपए आयवर्ग के लोगों को 2,575 रुपए ही टैक्स के रुप में जमा करना होगा। पहले ये राशि 5,150 रुपए तक थी। वहीं अमीर करदाताओं को जिनकी आय 50 लाख से 1 करोड़ रुपए के बीच है उन्हें टैक्स का 10 फीसदी सरचार्ज अदा करना होगा। जबकि सुपर रिच यानि कि 1 करोड़ से अधिक आयवर्ग के लोगों को 15 फीसदी सरचार्ज देना होगा।
5 लाख रुपए तक की आयवर्ग के लोगों को सिर्फ 1 पन्ने का टैक्स रिटर्न फॉर्म जारी किया जाएगा। बशर्ते उनकी आय गैर कारोबारी हो। वहीं इस श्रेणी में पहली बार टैक्स अदा करने वाले फॉर्म की स्क्रूटनी नहीं की जाएगी।
5 लाख रुपए तक की आयवर्ग के लोगों को सिर्फ 1 पन्ने का टैक्स रिटर्न फॉर्म जारी किया जाएगा। बशर्ते उनकी आय गैर कारोबारी हो। वहीं इस श्रेणी में पहली बार टैक्स अदा करने वाले फॉर्म की स्क्रूटनी नहीं की जाएगी।
अगर आप टैक्स रिटर्न भरने में देरी करते हैं या फिर निर्धारित तिथि (5 अगस्त) के बाद आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं तो आपको 5 हजार रुपए की पेनाल्टी भरनी पड़ेगी। वहीं अगर आप आयकर रिटर्न 31 दिसंबर के बाद जमा करते हैं को आयकर रिटर्न भरने पर आपको 10 हजार रुपए का जुर्माना अदा करना पड़ेगा। जबकि छोटे टैक्स दाताओं को इस नियम थोड़ी ढील दी गई है। निर्धारित समय के बाद आयकर दाखिल करने पर 5 रुपए सालाना आय वर्ग के लोगों के लिए 1 हजार रुपए जुर्माने की राशि तय की गई है।
एक इक्विटी सेविंग स्कीम जिसका नाम राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम है अब उसमें निवेश करने पर टैक्स में किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी। हालांकि जिन लोगों ने 1 अप्रैल 2017 से पहले ऐसे निवेश पर छूट का क्लेम कर लिया है उन्हें अगले 2 वर्षों तक टैक्स में छूट मिलती रहेगी।
अचल संपत्ति पर टैक्स के लिए केन्द्र सरकार जहां पहले 3 साल पुरानी संपत्ति को लॉन्ग टर्म मानती थी अब महज 2 साल पुरानी संपत्ति टैक्स के दायरे में आ जाएगी, इस बदलाव से अब आपकी 2 साल पुरानी संपत्ति को बेचने पर 20 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा वहीं बेचने के बाद उसे फिर से निवेश करने की स्थिति में वह छूट का हकदार होगा।
नौकटरी पेशा लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय आमतौर पर फॉर्म 16 बैंक खातों पर मिलने वाला ब्याज और टीडीएस सर्टिफिकेट के अलावा सभी कटौतियों का ब्योरा अपने साथ रखना जरुरी है। यदि आपने पिछले वित्त वर्ष के दौरान नौकरी बदली है तो आपको पिछले
आयकर विभाग के पास इलेक्ट्रॉनिक रुप से पहले ही दो करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। विभाग ने करदाताओं से समय पर रिटर्न दाखिल करने की अपील की थी। ई-फाइलिंग की वेबसाइट पर कुछ समस्याएं आने के बारे में अधिकारी ने कहा कि विभाग की इस वेबसाइट पर कोई बड़ी गड़बड़ नहीं देखी गई है, सिर्फ कुछ समय के लिए इस पर रखरखाव के चलते व्यवधान हुआ था।
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