7 वें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दिए जाने के बाद केंद्रीय कैबिनेट ने न्‍यूनतम वेतन कोड बिल को मंजूरी दे दी है। अब सरकार इसे मानसून सेशन में सदन में पेश करने की तैयारी कर रही है। उम्‍मीद की जा रही है कि इस विधेयक को मंजूरी मिलने से ऐसे करोड़ों मजदूरों को राहत मिल सकेगी, जो लंबे अरसे से न्‍यूनतम मजदूरी के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।

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सभी सेक्‍टर्स में मिलेगी न्‍यूनतम सैलरी

इस विधेयक के तहत केंद्र सरकार को देश के सभी सेक्‍टर्स में न्‍यूनतम मजदूरी तय करने का अधिकार मिल जाएगा। केंद्र की ओर से तय न्‍यूनतम मजदूरी का पालन सभी राज्‍यों को करना होगा। हालांकि राज्‍यों के पास केंद्र की ओर से तय न्‍यूनतम मजदूरी से अधिक सैलरी अपने राज्‍य की सीमा के भीतर तय करने का अधिकार होगा। इस बिल से 4 करोड़ मजदूरों को लाभ होगा।

हर कर्मी को न्‍यूनतम मजदूरी

एक बार यह इस बिल का मंजूरी मिलने के बाद देश भर के तमाम सेक्‍टर्स में काम करने वाले लोगों को उनके एंप्‍लॉयमेंट स्‍टेटस के बिना ही न्‍यूनतम मजदूरी मिल सकेगी।

सभी कर्मचारियों पर लागू होगा वेतन नियम

नया न्यूनतम वेतन नियम सभी कर्मचारियों पर लागू होगा, चाहे उनका वेतन कुछ भी क्यों न हो। फिलहाल केंद्र तथा राज्य द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन उन कर्मचारियों पर लागू होता है जिन्हें मासिक 18,000 रुपए तक वेतन मिलता हैं।

18,000 रुपए से अधिक मासिक वेतन वाले भी हो जाएंगे शामिल

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इससे सभी उद्योग और कर्मचारियों के लिये न्यूनतम वेतन सुनिश्चित हो सकेगा। इसमें वे भी शामिल हो जाएंगे जिन्हें 18,000 रुपए से अधिक मासिक वेतन मिलता है।

44 कानूनों की बनेगी 4 कैटेगरी

मौजूदा वक्‍त में लागू 44 अलग-अलग लेबर कानून 4 कैटेगरीज में होंगे। इनमें वेतन, आद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा एवं बचाव और स्‍वास्‍थ्‍य एवं कार्य करने का माहौल शामिल है।

दो दिन पहले ही मिल है वेतन कोड बिल को मंजूरी

आपको बता दें कि दो दिन पहले ही न्‍यूनतम वेतन कोड बिल को मंजूरी मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मौके पर मौजूद थ। इस बिल के पास होने से बताया जा रहा है कि 4 करोड़ से ज्‍यादा लोगों को फायदा मिलेगा। यह बिल हर क्षेत्र में समान रुप से लागू होगा।