अक्सर हम देखते हैं कि जैसे ही टैक्स रिटर्न फाइल करने का समय नजदीक आता है वैसे ही लोग थोड़ा चिंतित दिखाई लगने लगते हैं क्योंकि लोगों का सोचना है कि टैक्स फाइल करते समय उनका पैसा सरकार के पास फ्री में चला जाएगा। लेकिन टैक्स जमा करने वाले लोग शायद यह कभी नहीं सोचते हैं कि टैक्स रिटर्न फाइल से उन्हें कितने फायदे हैं। 31 जुलाई टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख है तो उससे पहले आप भी जान लीजिए कि आखिर टैक्स फाइल करने से कितने फायदे मिलते हैं?
टैक्स रिफंड का चेक मिलना सैलरी के चेक मिलने जैसा खुशी प्रदान करता है। अगर आप टैक्स क्लेम करना चाहते हैं तो आपको टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको रिफंड नहीं मिलेगा।
इनकम टैक्स कानून में आपकी भविष्य की आय या लाभ पर कुछ लॉस कैरी फॉरवर्ड करने और अजस्ट करने की सुविधा मिलती है। फ्यूचर कैपिटल गेन्स के मामले में यह लॉस लगातार आठ साल तक कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है। इससे क्लायंट्स की काफी टैक्स सेविंग हो जाती है। इसके लिए जरुरी है कि आप 31 जुलाई तक टैक्स रिटर्न फाइल करें।
वाहन और घर के लिए लोन लेते समय ज्यादातर बैंक ग्राहक से बीते 2-3 सालों की इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी मांगते हैं। इससे बैंक आपकी वित्तीय स्थिति और लोन चुकाने की क्षमता का पता लगाते हैं। इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी देने से आपको लोन कम समय में आसानी से अप्रूव हो जाता है। इसी तरह से क्रेडिट कार्ड कंपनियां भी कार्ड जारी करने से पहले आपके रिटर्न का प्रूफ मांगती हैं।
आप किसी और देश में बसने की सोच रहे हैं या फिर विदेश की ऊंची सैलरी की जॉब देख रहे हैं। तो इसके लिए खुद को पहले से ही तैयार रखें। एक्सपर्ट के मुताबिक वीजा इंटरव्यू के समय कई दूतावासों में आपसे बीते कुछ सालों के इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी मांगी जा सकती है। विशेष तौर पर यह तब मांगा जाता है जब आप अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और यूरोप के लिए वीजा अप्लाई करते हैं।
कानून के तहत अगर आपको टैक्स रिटर्न फाइल करना है और आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप पर आयकर अधिनियम की धारा 27F के तहत 5,000 रुपए की पेनाल्टी लगाई जा सकती है।
अगर आपको कुछ इनकम टैक्स देना है और उसके बाद भी आप रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो आपको धारा 234A के तहत अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ सकता है। इसके अलावा आप पर कुछ पैनल्टी भी लगाई जा सकती है।
आपने अगर ऑरिजनल रिटर्न फाइल किया है तो आपके पास यह सुविधा होती है कि अपने आप अपना रिटर्न रिवाइज कर सकते हैं। अगर ऑरिजनल रिटर्न में कोई गड़बड़ी या असमानता मिलती है तो आप रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
अगर आपने अपना रिटर्न लगातार भरा है तो असेसमेंट ऑर्डर आपके लिए आधार और पासपोर्ट बनवाने में रजिडेंशियल प्रूफ के लिए काम आ सकता है।
यदि आप लगातार अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं तो इससे आपकी क्रिडिबिलटी और फायनैंशियल बैकग्राउंड मजबूत होता है। इसका फायदा यह होता है कि जब आप हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन करते हैं तो आपको आयकर विभाग से नोटिस नहीं आएगा।
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