आप में से ऐसे कई लोग हैं जो कि पालतू जानवरों को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। ऐसे बहुत ही कम लोग हैं जिनके पास पेट्स नहीं हैं। पेट्स आपके दोस्त की तरह होते हैं वो आपका अकेलापन दूर करते हैं। बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो कि अपने पालतू जानवरों को अपने फैमिली मेंबर जैसा मानते हैं और उन्हें हमेशा अपने साथ रखते हैं। तो ऐसे लोगों के लिए जरुरी है कि वो उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दें। इसके लिए आवश्यक है कि उनका बीमा करवाएं।
सभी बीमा योजनाओं की तरह पेट इंश्योरेंस पॉलिसी भी सुरक्षा और आर्थिक कवच प्रदान करती है। यह पशु चिकित्सा बिल को कवर करने के लिए सहायता प्रदान करता है। जिसमें स्वनिर्धारित पालतू पशु बीमा योजनाएं पालतू जानवरों जैसे कुत्तों, बिल्लियों, पक्षियों आदि के लिए उपलब्ध हैं।
पालतू जानवरों के साथ भी कई प्रकार का रिस्क होता है। अलग-अलग पेट्स की अलग-अलग परेशानियां होती हैं जैसे कि:
- बीमारी
- जन्मजात रोग
- वंशानुगत स्थिति
- पेट्स का गुम जाना या फिर चोरी हो जाना
- पेट्स का गुम जाना या फिर चोरी हो जाना: इस कवर को प्राप्त करने के लिए आपको बीमा एजेंट या इंश्योरेंस ऑफिस में जाकर प्रूव देना होगा। नहीं तो आपको सही मार्केट वैल्यू नहीं मिलेगी।
- पेट्स के स्वभाव में आने वाले परिवर्तन के लिए इलाज
- बीमारी और दुर्घटना की वजह से मृत्यु
- लायबिलिटी कवर: यह पॉलिसी केवल डॉग्स के लिए मिलती है। यह पॉलिसी आपको हर हाल में कवर प्रदान करेगी जब आपके डॉग से जुड़ी हुई चीजों का नुकसान होगा तब।
बांकी इंश्योरेंस पॉलिसी की तरह पेट्स की भी इंश्योरेंस पॉलिसी होती हैं। इसलिए जब भी आप कोई पॉलिसी लेने की सोचें तो पहले उसके बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त कर लें। यहां पर आपको बताएंगे कि पेट्स की बीमा पॉलिसी में विटनरी बिल के अलावा और कौन-कौन से बिल जोड़े जा सकते हैं:
पेट्स इंश्योरेंस का कॉन्सेप्ट इंडिया में अभी काफी नया है। यहां पर ऐसे कई लोग हैं जो इन पेट्स इंश्योरेंस के बारे में नहीं जानते हैं। बीते हुए समय में कई पुरानी कंपनियां थीं जो कि पेट्स को इंश्योरेंस देती थीं लेकिन अब वो बंद हो चुकी हैं। इंडिया में ज्यादातर पेट्स की बीमा पॉलसियां सिर्फ डॉग तक ही सीमित हैं।
यहां पर आपको इंडिया की पेट इंश्योरेंस कंपनी के बारे में बताएंगे:
नई भारत बीमा कंपनी बीमाकृत कुत्ते की पहचान उनके टैटू, नाक पर बने प्रिंट या फिर फोटो आदि के द्वारा करती है। यह 8 महीने से लेकर 8 साल तक के कुत्तों के लिए इंश्योरेंस स्कीम प्रदान करती है। इंश्यारेंस के दौरान अगर डॉग को कोई बीमारी हो जाती है या फिर किसी एक्सीडेंट में मौत हो जाती है तो उसे कवर प्रदान किया जाता है। यह कंपनी मुख्य रुप से भेड़, बकरी, मवेशी, सुअर, ऊंट, पोल्ट्री, बतख, खरगोश हाथी और अंतर्देशीय मछलियों के लिए कवर प्रदान करती है।
सभी स्वदेशी, क्रॉस नस्ल या विदेशी जानवर यूनाइटेड इंडिया बीमा कंपनी द्वारा कवर किए गए हैं। पशु मालिकों, निजी डेयरी, सहकारी डेयरी या एनडीडीबी के स्वामित्व वाले डेयरी यहां से पालतू पशु बीमा पॉलिसी का फायदा उठा सकते हैं। इस पॉलिसी के अंतर्गत विकलांगता और दुर्घटना के कारण मृत्यु के लिए सुरक्षा के रुप में कवर प्रदान करती है।
यह इंश्योरेंस कंपनी घोड़े, कुत्तों और हाथियों के लिए कवर प्रदान करते हैं। जिसके अंतर्गत डॉग की उम्र 8 महीने से 8 साल तक होनी चाहिए। इसके लिए प्रीमियम रेंज 200 से 10,000 तक है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!
- चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग