कौन नहीं चाहता है कि उसके पास पैसे हों कुछ सेविंग हो जिसे वह भविष्य में इस्तेमाल कर सके। हर किसी को अपने अच्छे वक्त में बुरे वक्त को ध्यान में रखते हुए थोड़ी-बहुत बचत करना आना चाहिए। ऐसा नहीं है कि बचत सिर्फ वही लोग करते हैं जिनकी सालाना कमाई लाखों और करोड़ों में होती है। बचत वो लोग भी कर सकते हैं जो कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार वाले होते हैं और जिनके पास आय का कोई अच्छा साधन भी ना हो वो भी।
ऐसी कई सरकारी योजनाएं हैं जहां पर निवेश करके थोड़ी नहीं बल्कि बहुत सारी बचत कर सकते हैं। आपको हम ऐसी ही कुछ सरकारी योजनाओं के बारे में बताने वाले हैं।
किसाल विकास पत्र को KVP भी कहा जाता है या पोस्ट ऑफिस की सरकारी योजना है। यह स्कीम कम आय वाले परिवारों के लिए मुख्य तौर लाई गई है। किसान विकास पत्र 100 रुपये, 500, 1000, 10,000 और 50,000 रुपये तक की कई निवेश योजनाओं को प्रदान करता है। यह क्रेंद्र सरकार की योजना है। इसमें 100 रुपया निवेश की सबसे छोटी इकाई है तो वहीं अधिकतम आप कितना भी निवेश कर सकते हैं। किसान विकास पत्र पर सालाना करीब 7.8 प्रतिशत का ब्याज दर है तो वहीं इसकी मैच्योरिटी का समय 8 साल 4 महीने है। किसान विकास पत्र में निवेश करने से मिलते हैं ये लाभ:
- निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है।
- 5 साल के बाद निवेश किया गया पैसा निकाला जा सकता है।
- KVP को गिरवी रखके आप बैंक से कर्ज भी ले सकते हैं।
- किसान विकास पत्र कैश देकर पोस्ट ऑफिस से खरीदा जा सकता है।
- नाम बदलने और नॉमिनेशन की भी सुविधा दी जाती है।
एफडी के बारे में तो लगभग हर कोई जानते ही हैं। एफडी यानी कि फिक्सड डिपॉजिट। यह एक ऐसा बचत खाता है जहां पर आपकी इच्छानुसार परिपक्वता अवधि के लिए धन राशि जमा की जाती है। यहां पर निवेशक को एक निर्धारित ब्याज भी प्रदान की जाती है। लेकिन इसके अंतर्गत जमा राशि को निर्धारित समय से पहले नहीं निकाला जा सकता है। भारत के लगभग सभी बैंक 7 दिन से लेकर 10 साल तक की एफडी की अलग-अलग योजनाएं प्रदान करते हैं। एफडी के अंतर्गत 7-9 प्रतिशत का ब्याज दिया जाता है। जिसके अंतर्गत 4-5 साल के अंदर आपकी जमा राशि दोगुनी हो जाती है।
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट किसी बैंक के फिक्सड डिपॉजिट की तरह होता है। यह पोस्ट ऑफिस की बचत सेवा है। जिसके अंतर्गत आपको ब्याज पर टैक्स देने की आवश्यकता नहीं होती है और रिटर्न लगभग उतना ही मिलता है। इस योजना की सफलता को देखते हुए विभाग के द्वारा 5 साल के लॉक इन पीरियड के साथ अब 10 साल साल लॉक इन पीरियड की शुरुआत की गई है जिसमें 8.8 प्रतिशत का ब्याज दिया जाता है। यहां पर 100 रुपये न्यूनतम राशि से लेकर 10 हजार तक की राशि पर निवेश कर सकते हैं। साथ ही इसमें प्राप्त ब्याज पर टीडीएस कटौती भी नहीं होती है।
कभी-कभी सरकार किसी विशेष प्रोजेक्ट के लिए बांड जारी करती है। सरकार द्वारा जारी किए गए इस बांड पर ब्याज थोड़ा कम मिलता है लेकिन इसमें पूंजी की गारंटी सरकार देती है। इसलिए इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। सरकारी बांड सरकार पूंजी जुटाने के लिए जारी करती है। इनकी अवधि 14 दिन से लेकर 30 साल तक हो सकती है। सरकारी बांड में 10,000 रुपये तक न्यूनतम निवेश की सीमा रखी गई है।
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