पिछले कुछ दिनों से लगातार आईटी सेक्टर समेत कई अन्य सेक्टरों में कर्मचारियों की छठनी की जा रही है। जिसका असर लोगों की आर्थिक स्थिती पर हो रहा है। एक बार अगर जॉब चली जाती है तो दुबारा उसी पोस्ट और उसी आय पर नई नौकरी मिलना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे मौके में आप जॉब लॉस इंश्योरेंस की मदद ले सकते हैं। यहां पर आपको जॉब लॉस इंश्योरेंस से संबंधित कुछ जरुरी टिप्स बताएंगे जो कि आपको आर्थिक रुप से संभलने में मदद कर सकते हैं।
जॉब लॉस इंश्योरेंस अपने आप में कोई अलग इंश्योरेंस नहीं है। यह किसी अन्य इंश्योरेंस के साथ एक पैकेज की तरह आता है। जैसे कि एक्सीडेंटल इंश्यारेंस या मेडिक्लेम के साथ।
इस पॉलिसी के अनुसार आपकी क्लेम तब ही वैद्य मानी जाएगी जब आपको नौकरी से कंपनी के विलय या अधिग्रहण के बाद हटाया गया है। इसके लिए आपको लिखित दस्तावेज भी दिखाने होंगे।
जॉब लॉस क्लेम करने के प्रोसेस में कुछ समय लगता है। इसलिए क्लेम पाने के लिए कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है। इसमें 1 महीने से 3 महीने तक का भी समय लग सकता है। तो आपको जैसे ही जॉब छोड़ने की नोटिस मिले तुरंत क्लेम करें।
- नौकरी में खराब प्रदर्शन
- किसी पुरानी बीमारी के कारण अगर नौकरी गई हो तब
- अगर स्वेच्छा से रिटायरमेंट जल्दी लिया हो तब
- अपनी इच्छा से इस्तीफा दिया हो तब
- अनुशासनात्मक कार्रवाई के कारण नौकरी गई हो तब
1. अगर आपकी कंपनी आपको जॉब से निकालने के बाद गुजारा भत्ता दे रही है तब इंश्योरेंस क्लेम वैध होगा के नहीं।
2. अगर नोटिस देकर निकाला गया है तब मान्य है कि नहीं।
3. अगर आपके पास जॉब लॉश से संबंधित जरुरी दस्तावेज नहीं तब क्लेम मान्य होगा के नहीं
इस तरह के इंश्योरेंस में पूरी तरह से निर्भर रहने से अच्छा ऑप्शन है कि आप इंमरेंजी फंड और बचत खाता पहले से ही खोल के रखें। ताकि नौकरी जाने पर आपको कोई दिक्कत ना हो, क्योंकि जॉब लॉश इंश्योरेंस में आपको मासिक आय का 50 प्रतिशत राशि अगले तीन महीनों तक ही मिल पाएगी।
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