जीएसटी (GST) को लेकर हर किसी के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि इससे मंहगाई बढ़ेगी और कई लोग इसके समर्थन में हैं। जनता में मिथक व्याप्त हैं कि जीएसटी आने के बाद घरेलू सामान मंहगा हो जाएगा, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। 1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने के बाद, कई घरेलू और दैनिक सामान जैसे कि - नोट बुक, एलपीजी, एल्यूमीनियम फॉइल, इंसुलिन, अगरबत्ती आदि सस्ते हो जाएंगे। इन पर लगने वाला कर काफी कम हो जाएगा और इससे हर किसी को कई सारे टैक्स देने के बजाय एक ही टैक्स देना होगा। आइए इसके बारे में कुछ ख़ास बातें जानते हैं:
वर्तमान कर, सेन्ट्रल एक्साइज ड्यूटी रेट्स, एम्बेडेड सेन्ट्रल एक्साइज ड्यूटी रेट्स, सर्विस टैक्स पोस्ट-क्लीयरेंस एम्बेडिंग, वैट रेट या वजन औसत वैट रेट, कास्केडिंग ऑफ वैट ओवर एक्साइज ड्यूटी और सीएसटी के मामलों में कर घटना, प्रवेश कर और अन्य शामिल होते हैं।
देश में नया अप्रत्यक्ष कर, 1 जुलाई से लागू होगा और इससे जीएसटी दर, केन्द्रीय और राज्य सरकारों की संयुक्त जिम्मेदारी होगी, जब इसे जीएसटी काउंसिल से अनुमोदन प्राप्त हो जाएगा।
घरेलू सामग्रियों पर जीएसटी लागू होने के बाद रहत मिलने की संभावना है। इसे लागू होने के बाद, मिल्क पाउडर, दही, छाछ, शहद, डेयरी स्प्रेड, चीज, चाय, चावल, गेंहू व मसाले आदि सामान सस्ता हो जाएगा।
नए कर के आने के बाद मूंगफली तेल, पाम तेल, सूरजमुखी तेल, नारियल तेल, सरसों का तेल, चीनी, पाल्मीरा गुड़, चीनी मिठाई, पास्ता, स्पेगेटी, मैक्रोनी, नूडल्स, फल और सब्जी आइटम, कई खाद्य उत्पादों जैसे - अचार, मुरुब्बा आदि पर भी कीमतें गिर जाएगी।
वित्त मंत्री के द्वारा एक सूची जारी की गई है जिसमें कुछ वस्तुओं के बारे में बताया गया है कि वो कितनी कीमत के हो जाएगे। इनमें से मिट्टी का तेल, एलपीजी, इंसुलिन, अगरबत्ती, हेयर ऑयल, टूथपेस्ट, काजल, साबुन आदि दैनिक इस्तेमाल वाली सामग्रियां शामिल हैं।
नया कर, प्लास्टिक की तिरपाल, स्कूल बैग, व्यायाम किताबें और नोटबुक, पतंग, बच्चों की ड्राइंग या रंग भरने वाली किताबें, रेशम और ऊनी कपड़े, कुछ प्रकार के सूती कपड़े और विशिष्ट रेडीमेड कपड़ों पर भी कम है, साथ ही इसमें 500 रूपए तक के जूते व हेलमेट भी शामिल हैं।
फ्लाई राख ईटें, करेक्टिव स्पेक्टल्स के ग्लासेस, एलपीजी स्टोव, स्पून, फोर्क, लैडल्स, केक सर्वस, फिश, चाकू आदि पर भी कर दर कम होगी और ये लोगों को सस्ती कीमतों पर मिलेंगे।
राज्य वित्त मंत्रियों और केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद ने मई और जून के दौरान सभी वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों पर फैसला किया था। परिषद 18 जून को ई-वे नियमों को अंतिम रूप देने और मुनाफाखोरी विरोधी मानदंडों को पूरा करने के लिए निर्धारित है।
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