केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें मान ली हैं। ये सिफारिशें 1 जुलाई से लागू हो जाएंगी और इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों का एचआरए बढ़ जाएगा। सातवें वेतन आयोग के भत्ते से जुड़ी 34 संशोधन किए गए हैं। एक्स, वाय जेड श्रेणी के शहरों के लिए HRA 24%, 16% और 8% ही रहेगा। हालांकि, तीनों श्रेणियों के लिए एचआरए क्रमश: 5400, 3600 और 1800 से कम नहीं होगा। डीए की दर 25% और 50% होने पर एचआर की दर भी रिवाइज की जाएगी। यह सिफारिशें 1 जुलाई 2017 से लागू हो जाएंगी। इस फैसले से करीब 47 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
वित्त मंत्री अरुण जेटली के अनुसार, सातवां वेतन आयोग लागू करने से सालाना 29,300 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ा था। अब भत्तों की संशोधित सिफारिशों का बोझ 1448.23 करोड़ रुपए सालाना रहेगा। दोनों को मिलाकर कुल रकम 30748.23 करोड़ रुपए बनती है। बता दें कि मोदी सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी, 2016 से लागू कर दी थीं। लेकिन, भत्तों सहित कई मुद्दों पर कर्मचारी संगठनों के साथ सहमति नहीं बनने के चलते सिफारिशें पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई थीं। ऐसे में कर्मचारियों को पिछली दरों पर ही भत्ते मिल रहे थे। आपको बता दें कि सातवें वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 तरह के भत्ते पाते थे। लेकिन सातवें वेतन आयोग में इनमें से ज्यादातर भत्ते खत्म कर दिए गए या एक-दूसरे में मिला दिए गए थे। इसके बाद सिर्फ 55 भत्ते ही रह गए थे।
X, Y और Z श्रेणी के शहरों के लिए एचआरए क्रमश: 24%, 16% और 8% रहेगा। लेकिन तीनों श्रेणियों के लिए यह क्रमश: 5400, 3600 और 1800 से कम नहीं रहेगा। यह रकम 18 हजार रुपए के न्यूनतम वेतन के 30%, 20% और 10% के हिसाब से कैल्कुलेट की गई है। इस फैसले से करीब साढ़े 7 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा। सातवें वेतन आयोन ने सिफारिश की थी कि डीए की दर 50% और 100% तक पहुंचने पर एचआरए की दों रिवाइज की जाएं। लेकिन सरकार ने डीए और 25% और 50% होने पर दरें बदलने का फैसला किया है।
कर्मचारियों को बेसिक पर उनके शहर की श्रेणी के अनुसार एचआरए दिया जाएगा। उदाहरण के लिए यदि आपका बेसिक पे 20000 रुपए है और आप दिल्ली में रहते हैं तो आपको 4800 रुपए एचआरए के रुप में मिलेंगे। यह डीए और अन्य भत्तों के साथ आपकी बेसिक सैलरी में जुड़कर मिलेगी।
एक्स कैटेगरी में 8 शहर दिल्ली, मुंबई, पुणे, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद और बैंगलुरु हैं। जिनकी आबादी 50 लाख से ज्यादा है। वाई श्रेणी में 5 लाख से 50 लाख जनसंख्या वाले शहर, जबकि जेड कैटेगरी में 5 लाख से कम आबादी वाले देश के अन्य सभी शहर शामिल होंगे। महाराष्ट्र के नागपुर, औरंगाबाद, अकोला और मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर वाई श्रेणी में आते हैं। जबकि उज्जैन, सागर, रतलाम, खंडवा समेत अन्य बड़े शहर जेड श्रेणी में हैं।
सैनिकों के लिए सियाचिन भत्ता 14 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दिया गया है। सैन्य अधिकारियों के लिए यह भत्ता 21 हजार के बजाय 42,500 रुपए होगा। इससे करीब 14 लाख सैन्य कर्मियों को फायदा पहुंचेगा।
पेंशनर्स के लिए फिक्स्ड मेडिकल भत्ता 500 रुपए से बढ़ाकर एक हजार रुपए कर दिया गया है। 100% विकलांगता पर दिया जाने वाला भत्ता 4500 रुपए से बढ़ाकर 6750 रुपए कर दिया गया है।
केंद्र सरकार ने नर्सिंग स्टाफ का भत्ता 4800 रुपए से बढ़ाकर 7200 रुपए कर दिया है। तो वहीं ऑपरेशन थिएटर अलाउंस 360 की जगह 540 रुपए मिलेगा। साथ ही हॉस्पिटल पेशेंट केयर अलाउंस 2070 की जगह 2100 रुपए, जबकि पेशेंट केयर अलाउंस 4100 रुपए की जगह 5300 रुपए मिलेगा।
कैबिनेट ने एयर इंडिया के विनिवेश को भी मंजूरी दे दी है। 50,000 करोड़ रुपए घाटे में चल रही एयर इंडिया का विनिवेश किया जाएगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि अभी इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। विनिवेश कैसे होगा और कितनी हिस्सेदारी बेची जाएगी, यह निर्णय करने के लिए मंत्रियों की एक समिति बनाई जाएगी। विनिवेश विभाग ने विनिवेश पर 30 हजार पेज का नोट भेजा था, जिस पर कैबिनेट में चर्चा हुई। इसमें नीति आयोग और उड्डयन मंत्रालय दोनों के प्रस्ताव थे। करदाताओं के पैसे से चल रही एयर इंडिया पर 52,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। यूपीए सरकार ने 2012 में इसके लिए 30, 200 करोड़ रुपए का बेलआउट पैकेज तैयार किया था। ये पैसे एयरलाइन को नौ साल में दिए जाने थे।
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