अचानक से फायनेंशियल लॉस से बचने के लिए जरुरी है कि रिस्‍क मैनेजमेंट के सारे फार्मूले आपको पता हो, क्‍योंकि यह जरुरी नहीं कि निवेश का हर फैसला सही हो। कई बार शेयर में तेज गिरावट आ जाती है तो कई बार बॉन्‍ड में कंपनी के डिफॉल्‍ट का रिस्‍क आ जाता है। इस तरह से हमारा पूरा पैसा डूब जाता है और हम हाथ मलने के अलावा कुछ नहीं कर सकते हैं। यहां पर आप जानेंगे कैसे डायवर्सीफिकेशन के द्वारा फायनेंसियल प्‍लानिंग की जाती है।

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लॉस के बारे में पहले से सोच के रखें

जब भी आप कोई निवेश करने का रिस्‍क लेते हैं तो यह बात में ध्‍यान में रख लें या फिर अपनी डायरी में लिख कर रखें कि अगर इस निवेश से फायदा होता है तो कितना और लॉस होता है तो वो कितना हो सकता है। इस लॉस की भरपाई आप कैसे करेंगे, किस दूसरे प्रॉफिट को आप यहां पर लगायेंगे इन सारी चीजों के लिए खुद को पहले से तैयार कर लें।

गलती को समझें और दुबारा करने से बचें

अगर निवेश करते समय आपसे कोई भूल-चूक हो गई है यानी कि आपने सही जगह निवेश नहीं किया है या फिर बिना मार्केट का रेट पता किए इन्‍वेस्‍टमेंट कर दिया है तो आपको यह भूल हमेशा के लिए याद रहनी चाहिए। ताकि दुबारा कोई भूल होने की संभावना न हो।

ना भागें भीड़ के पीछे

अक्‍सर ऐसा होता है कि आपके दोस्‍त और आपके पड़ोसी सब कोई एक ही जगह पर अपना पैसा लगा रहे हैं तो आप भी उसी में शामिल होने की सोचने लगें। तो यह आपके लिए नुकसान देह भी हो सकता है। इसलिए हमेशा जांच-परख के मार्केट से उस वस्‍तु का स्‍टेटस पता करके ही आगे बढ़ें।

एक ही चीज पर बहुत ज्‍यादा इन्‍वेस्‍ट न करें

निवेश सिर्फ किसी एक ही जगह या फिर एक ही चीज पर ना करें। कई सारी चीजों में थोड़ा-थोड़ा पैसा लगाएं ताकि अगर कभी कोई चीज नुकसान पर जाती है तो आप उसकी भरपाई दूसरे निवेश से पूरा कर सकें यानि कि सही तरीके का डायवर्सिफिकेशन करें। अच्‍छे से चीजों का एनालिसिस करें और सही चीजों का अच्‍छे से मैनेजमेंट करें।