वेतनभोगी वर्ग के लोगों को जरुरत है कि वह इनकम टैक्‍स रिटर्न 31 जुलाई से पहले फाइल करें। जो कंपनी वेतन आय पर टीडीएस काट लेते हैं उन्‍हें कर्मचारियों को फॉर्म 16 प्रदान करना होगा। यह कार्य 31 मई से पहले किया जाना चाहिए क्‍योंकि इसी समय वित्‍तीय वर्ष में टैक्‍स काट लिया गया था। ऐसे मामलों में, जहां कोई टीडीएस कटौती नहीं हुई है, नियोक्ता को फॉर्म 16 जारी नहीं करनी पड़ती है। प्रपत्र की सूची में नियोक्ता द्वारा हर महीने टीडीएस का विवरण दिया जाता है जिसे सरकार को सौंपा जाता है।

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आयकर अधिनियम की धारा 203 के अनुसार, नियोक्ता को अनिवार्य रूप से कर्मचारियों के लिए फॉर्म 16 जारी करने की आवश्यकता है, जो पिछले वर्ष में वेतन आय पर कटौती की कुल टीडीएस का ब्योरा करता है।
प्रपत्र 16 जिसमें दो भाग शामिल हैं, भाग ए और भाग बी कर्मचारी को वेतन के रूप में भुगतान की गई राशि और उस पर स्रोत (टीडीएस) में कटौती कर का सार है। अगर कंपनी अपने कर्मचारी को फॉर्म 16 नहीं जारी करती है तो आयकर कानून के दंड u/s272A (2)(g) के तहत कंपनी को भुगतान करना होगा।

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अगर कंपनी अपने इंप्‍लाई को 31 मई से पहले फॉर्म 16 नहीं उपलब्‍ध कराती है तो कंपनी को हर दिन का 100 रुपये पेनाल्‍टी के रुप में देना होगा जब तक इंप्‍लाई को फॉर्म नहीं मिल जाता है तब तक। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि दंड कुल कर कटौती राशि से अधिक नहीं होगा

साथ ही अगर कंपनी यानी की इंप्‍लायर से फॉर्म 16 देते समय कोई गलती हो जाती है या समय पर फॉर्म 16 नहीं मिलता है तो कर्मचारी फॉर्म 16 से संबंधित अधिकारी को सूचित कर सकता है। जो कि तब आवश्‍यक कार्रवाई शुरू करेगा या उसके खिलाफ पेनाल्‍टी के चार्जेस लगायेगा।