केंद्र सरकार ने ईपीएफ (EPF) पर 8.65 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दे दी है। अब जल्द ही केंद्रीय कर्मचारियों को 8.65 प्रतिशत की दर से ईपीएफ पर ब्याज मिलेगा। सरकार ने वित्तवर्ष 2016-17 के लिए ये ब्याज दर देने का एलान कर दिया है। आपको बता दें वित्त मंत्रालय ने पिछले वित्त वर्ष 2015-16 के लिए ब्याज दर घटाकर 8.7 फीसद कर दिया था, जबकि ईपीएफओ के ट्रस्टी बोर्ड ने 8.8 फीसद देने का फैसला किया था, इसके बाद वित्त मंत्रालय के फैसले का कड़ा विरोध हुआ तो सरकार ने ट्रस्टी बोर्ड के निर्णय को स्वीकृति दे दी।
खबरों के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने श्रम मंत्रालय को भेजी सूचना में यह शर्त लगाई है कि इस ब्याज दर से सेवानिवृत्ति कोष को घाटा नहीं होना चाहिए, तब ही श्रम मंत्रालय कर्मचारियों को 8.65 प्रतिशत ब्याज प्रदान कर सकता है।
पीएफ में अंशदान न केवल कर्मचारी द्वारा किया जाता है बल्कि एक मद नियोक्ता द्वारा भी जमा करवाया जाता है। ईपीएफ में से 8.33 फीसदी अंशदान पेंशन में जाता है और बाकी की राशि पीएफ में जाती है। ईपीएफ से पेंशन 58 साल की उम्र से मिलती है। पीएफ का पैसा बीमारी का इलाज, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर निकाल सकते हैं।
अगर दो महीने से बेरोजगार हैं तो पीएफ से पैसे निकाल सकते हैं। पीएफ खाता खोलने के 5 साल के अंदर पैसे निकालने पर टैक्स लगता है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने लगभग 4 करोड़ अंशधारकों के लिये आधार संख्या जमा करने की तारीख बढ़ाकर 30 अप्रैल 2017 कर दी है। इससे पहले ईपीएफओ (EPFO) ने आधार संख्या जमा करने की समयसीमा 31 मार्च 2017 तय की थी।
पीएफ (PF) के वे अंशधारक जो 20 साल या इससे अधिक समय तक अंशदान करते रहेंगे, उन्हें रिटायरमेंट के वक्त 50000 रुपए अतिरिक्त रकम (जिसे बोनस भी कह सकते हैं) मिलेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस बाबत जानकारी दिए जाने के बाद कहा गया है कि सिफारिशों को सरकार की अनुमति के बाद लागू कर दिया जाएगा। इसे शुरू में दो वर्ष के लिए प्रायोगिक आधार पर शुरू किया जाएगा और बाद में इसकी समीक्षा की जाएगी।
50 हजार रुपए का लाभ 20 साल से कम समय तक खाताधारक बने रहने पर इस अपवाद के तहत मिलेगा यदि अंशधारक आजीवन अक्षमता (विकलांगता) का शिकार हो गया हो। दरअसल सीबीटी ने अपनी बैठक में कर्मचारी जमा से जुड़ी बीमा योजना (ईडीएलआई) को संशोधित करने की सिफारिश की है। यह भी सिफारिश की गई है कि अंशधारक की मृत्यु हो जाने पर 2.5 लाख रुपए का न्यूनतम सम अश्योर्ड (निश्चित रकम) भी मुहैया करवाया जाए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसमें जमा पैसे को रिटायरमेंट तक न ही निकाला जाए। वैसे आपके पीएफ अकाउंट में कितने पैसे जमा हैं और यह नियमित रूप से जमा हो रहे या नहीं, जैसी तमाम जानकारियों के लिए आपको कोई लंबी चौड़ी कोशिश करने की जरूरत नहीं है। आप भविष्य निधि खाते में कितनी रकम है, यह इंटरनेट पर ईपीएफओ की वेबसाइट पर लॉग इन करके भी कर सकते हैं लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आपके पास यूएएन यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर हो।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( ईपीएफओ ) के सभी सदस्य किसी भी प्रकार की बीमारी के इलाज के लिए भविष्य निधि खाते से पैसे निकाल सकते हैं इसके लिए किसी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। यह घोषणा श्रम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के द्वारा की गई है जिसके अंतर्गत अब कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 में संशोधन किया गया है।
श्रम मंत्रालय ने अब ईपीएफ खाताधारकों को बड़ी राहत दी है, अब ईपीएफ खाताधारक घर खरीदने के लिए अपने पीएफ कन्ट्रीब्यूशन से 90 फीसदी राशि निकाल कर घर खरीद सकते हैं।
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