देश के सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अब निजी बैंको की राह पर चल पड़ा है। एसबीआई ने हाल ही में खाते में न्यूनतम राशि रखने संबंधी नियम लागू किए हैं। अब एसबीआई ने बैंकिंग और एटीएम समेत अन्य सेवाओं के शुल्क में बड़े बदलाव किए हैं।
SBI ने अब बचत खाता धारक बैंक में सिर्फ तीन बार ही धन जमा (कैश डिपॉजिट ) या निकाल (विड्रॉल) कर सकते हैं। इसके बाद हर लेन-देन पर सर्विस टैक्स के साथ 50 रुपए का अतिरिक्त चार्ज लगेगा।
एसबीआई के एटीएम से 5 बार ही फ्री ट्रांजेक्शन किया जा सकेगा। इसके बाद हर बार ट्रांजेक्शन करने पर 10 रुपए शुल्क देना होगा।
एसबीआई के ग्राहक दूसरे बैंकों के एटीएम से सिर्फ 3 बार ही फ्री में पैसे निकाल सकते हैं। इसके बाद पैसे निकालने पर 20 रुपए शुल्क देना पड़ेगा।
हालांकि एसबीआई खुद के एटीएम से तक तक कई फीस नहीं लगाएगी जब तक उसके ग्राहक के खाते में 25,000 रुपए की राशि का बैलेंस हो।
इसके अलावा खाते में 1 लाख रुपए के बैलेंस पर SBI ग्राहक किसी भी बैंक के एटीएम से नि:शुल्क पैसे निकाल सकता है।
SBI अपने ग्राहकों से अब हर तिमाही 15 रुपए एसएमएस के जरिए अर्ट भेजने पर चार्ज लगाएगी। 15 रुपए उन ग्राहकों के लिए है जिनके खाते में 25 हजार रुपए की राशि रहती हो।
वहीं एसबीआई ने यूपीआई/भीम एप के माध्यम से 1 हजार रुपए तक की राशि के लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं लगाएगी।
एसबीआई ने अपने खाताधारकों के नया नियम लागू करते हुए खाते में मिनिमम बैलेंस यानि न्यूनतम राशि रखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। SBI ने कहा है कि वह 1 अप्रैल से ऐसे डिफॉल्टर्स से फाइन लेना शुरु कर देगा।
एसबीआई ने मिनिमम बैलैंस रखने के लिए चार कटेगरी बनाई है। इसमें मेट्रो शहर, शहरी इलाके, अर्ध शहरी इलाके, और ग्रामीण इलाके हैं।
SBI ने मेट्रो शहरों के लिए 5,000 रुपए न्यूनतम जमा राशि रखने के निर्देश दिए हैं।
SBI ने शहरी क्षेत्रों के लिए न्यूनतम राशि रखने की सीमा 3,000 रुपए तय की है।
अर्ध शहरी इलाकों के लिए SBI ने न्यूनतम राशि की सीमा 2,000 रुपए तय की है।
SBI ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए न्यूनतम राशि की सीमा तय करते हुए 1,000 रुपए निर्धारित की है।
इस नियम के बाद यदि किसी खाता धारक के खाते में पैसा न्यूनतम राशि से कम रहता है तो उसे जुर्माना भरना पड़ेगा। SBI ने इसके लिए भी तीन कटेगरी बनाई है। जिसमें 75 फीसदी से कम न्यूनतम राशि, मिनिमम बैलेंस में कमी 50 से 75 फीसदी के बीच, 50 फीसदी से कम न्यूनतम बैलेंस होने पर फाइन अलग-अलग लगेगा।
यदि खाते में 50 से 75 फीसदी के बीच खाते में पैसा रहता है तो जुर्माने की राशि सर्विस टैक्स के साथ 75 रुपए अदा करनी पड़ेगी। उदाहरण के लिए यदि न्यूनतम बैलेंस 1,000 रुपए है और खाते में राशि सिर्फ 500 से 700 रुपए है तो 50-75 फीसदी जुर्माने की श्रेणी में आएगा।
यदि खाते में 50 फीसदी से कम बैलेंस है तो सर्विस टैक्स के साथ 50 रुपए का फाइन देना पड़ेगा। उदाहरण के लिए यदि न्यूनतम बैलेंस 1,000 रुपए है और खाते में राशि सिर्फ 500 रुपए है तो 50 फीसदी जुर्माने की श्रेणी में आएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में मिनिमम बैलेंस ना होने पर सर्विस टैक्स के साथ 20 से 50 रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ेगा।
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