सरकार ने एक बार फिर छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरों पर कैंची चला दी है। पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानि राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC), सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दरों में कटौती कर दी गई है। ये कटौती अगले वित्तीय वर्ष यानि 2017-18 की पहली तिमाही से लागू हो जाएगी। हालांकि इस बीच बचत खाते पर 4 फीसदी की ब्याज दर को बरकरार रखा गया गया है।
वित्तमंत्रालय से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक अब पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) पर 7.9 फीसदी, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानि राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) पर 7.9 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। वहीं किसान विकास पत्र पर 7.6 फीसदी की दर से ब्याज दिया जाएगा। इन बचत योजनाओं पर 0.1 फीसदी की ब्याज दर में कटौती की गई है।
केंद्र सरकार अब हर तिमाही छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दरें तय करेगी। आपको बता दें कि इससे पहले पिछले वर्ष अक्टूबर में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती की गई थी। उस वक्त किसान विकास पत्र पर ब्याज दर को 7.8 प्रतिशत से घटाकर 7.7 प्रतिशत कर दिया गया था जिसके परिणामस्वरूप किसान विकास पत्र 110 महीने के बजाए 112 महीने में परिपक्व होगा। अब इसमे 0.1 फीसदी की और कटौती कर दी गई है।
आम जनमानस के बीच पीपीएफ काफी लोकप्रिय है पर अब चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 7.9 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा। इससे पहले यह 8.0 प्रतिशत था। ब्याज दर घटाने का असर पीपीएफ पर भी पड़ा है।
बात यदि सुकन्या संवृद्धि योजना की करें तो सुकन्या संवृद्धि योजना की ब्याज दरों में भी 0.1 फीसदी की कटौती की गई है। पहले ये ब्याज दर 8.5 फीसदी थी जिसे अब घटाकर 8.4 फीसदी कर दिया गया है।
वहीं पांच साल की अवधि वाली वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर मिलने वाली ब्याज दर को भी घटा दिया गया है। पहले वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर 8.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलता था जिसे घटाकर 8.4 फीसदी कर दिया गया है। वहीं अब वरिष्ठ नागरिकों का भुगतान हर तिमाही किया जाएगा।
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