पैन कार्ड को कैंसिल करने के दो कारण हो सकते हैं - या तो आपके पास एक से अधिक पैन कार्ड है या पैन कार्ड धारक की मृत्यु हो गयी है। पहले कारण के अनुसार यदि आपके पास एक से अधिक पैन कार्ड है तो इसका हल बहुत आसान है।

Advertisement

पैन कार्ड को ऑनलाइन कैसे सरेंडर करें?

डुप्लीकेट पैन कार्ड को सरेंडर करने के लिए आपको विस्तृत विवरण जैसे आपका नाम, प्रथम नाम, मध्य नाम, जन्म तारीख, पिता का नाम आदि भरने होते हैं। विविध फ़ील्ड्स में आपसे संपर्क करने का विवरण जैसे आपका फोन नंबर, ई-मेल एड्रेस, पैन कार्ड नंबर आदि जानकारी भरनी पड़ती है।

मृतक का पैनकार्ड कैसे सरेंडर करें

किसी मृत व्यक्ति के पैन कार्ड को कार्यालय के प्रत्यक्ष उपस्थित होकर सरेंडर करना पड़ता है। इसके बाद आपको उस पैन कार्ड का नंबर देना होता है जिसे आप कैंसिल या सबमिट करना चाहते हैं।

मृत व्यक्ति के पैन कार्ड को प्रत्यक्ष उपस्थित होकर कैसे सरेंडर करें?

मृत व्यक्ति के पैन कार्ड को ऑनलाइन सरेंडर नहीं किया जा सकता। व्यक्ति की मृत्यु के बाद आपको आयकर विभाग के कार्यालय जाना पड़ता है। आपको पैन कार्ड कैंसिल करने हेतु एक फॉर्म भरना होता है जिसमें उपरोक्त बताई गयी फील्ड्स में जानकारी भरनी होती है। आपको एक लेटर भी जमा करना पड़ता है जिसमें मृत व्यक्ति का विवरण जैसे नाम, जन्म तिथि, पैन कार्ड और मृत्यु प्रमाणपत्र की कॉपी (प्रतिलिपि) आदि देना होता है।

पहले टैक्स रिटर्न भर दें

ये सब पत्र के साथ संलग्न किया जाना चाहिए और इसे आयकर निर्धारण अधिकारी के पास देना चाहिए। परन्तु यदि मृत व्यक्ति कर दाता है तो आवश्यक है कि पहले उसका इनकम टैक्स रिटर्न भरा जाए और उसके बाद ही पैन कार्ड कैंसिल किया जाए।

यहां है पूरा विवरण

आयकर में एक खंड है जिसमें इस प्रकार की परिस्थिति के बारे में विशेष रूप से बताया गया है। संपूर्ण विवरण आयकर अधिनियम 1961(अधिनियम) की धारा 159 के तहत उपलब्ध है। आयकर अधिनियम 1961(अधिनियम) की धारा 159 के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है और उसकी कोई देय राशि बकाया है तो मृत व्यक्ति के कानूनी उत्तराधिकारी की यह ज़िम्मेदारी होगी कि वह मृत व्यक्ति की बकाया राशि का भुगतान करे।

टैक्स रिटर्न के बारे में रखिए पूरी जानकारी

पैनकार्ड धारक का 1 अप्रैल से मृत्यु की तिथि तक का आईटीआर (इनकम टैक्स रिटर्न) भरा हुआ होना चाहिए। इसे आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से कर सकते हैं जैसा कि हम सामान्यत: करते हैं। और वह व्यक्ति जो रिटर्न भर रहा है उसे बोझ उठाने की ज़रूरत नहीं होती। आयकर का भुगतान मृत व्यक्ति की संपत्ति से किया जा सकता है। हालाँकि यह बात ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है कि यदि कर देयता की राशि संपत्ति से अधिक है तो ऐसी स्थिति में कानूनी उत्तराधिकारी पर यह ज़िम्मेदारी नहीं आती।

दस्तावेज पेश करें

कार्ड धारक मृत व्यक्ति के बदले आईटीआर कैसे फाइल करें? पहला कदम यह होगा कि आप कानूनी उत्तराधिकारी होने का प्रमाण पत्र लायें। क़ानून के अनुसार निम्नलिखित दस्तावेज़ वैध माने जाते हैं:

  • कोर्ट या स्थानीय राजस्व अधिकारियों द्वारा जारी किया गया कानूनी वारिस का प्रमाण पत्र
  • स्थानीय राजस्व अधिकारियों द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र जिसके अनुसार आप परिवार के जीवित सदस्य हैं
  • रजिस्टर्ड वसीयतनामा
  • राज्य/केंद्र सरकार द्वारा जारी पेंशन प्रमाण पत्र
  • मृत व्यक्ति की आय की गणना जैसे निजी गणना, निम्नलिखित चीजों को सबूत के रूप में एकत्र करें।
  • मृत पैन कार्ड धारक का बैंक स्टेटमेंट एकत्र करें।
  • फॉर्म 16 और 16A एकत्र करें।
  • मृतक की ओर से आईटी रिटर्न दाखिल करने के लिए नोटरीकृत शपथ पत्र प्राप्त करें।
  •  

    ये दस्तावेज भी हैं जरूरी

    मृतक की ओर से आईटी रिटर्न दाखिल करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

    • मृत्यु प्रमाण पत्र की कॉपी (प्रतिलिपि)
    • मृत पैन कार्ड धारक के पैन कार्ड की कॉपी
    • कानूनी उत्तराधिकारी का पैन कार्ड (स्वयं द्वारा प्रमाणित)
    • कानूनी उत्तराधिकारी होने का प्रमाण पत्र
    • नोटरीकृत शपथ पत्र
    •  

      ऑनलाइन स्कैन कॉपी भी जमा कर सकते हैं

      एक बार जब आप ऊपर लिखे चरण पूरे कर लें तब आप आईटीआर फाइल करें। फाइल करने के दो तरीके हैं। या तो आप सभी विवरणों की स्कैन कॉपी ऑनलाइन जमा कर सकते हैं या आप सीधे पास के आयकर कार्यालय में जा सकते हैं।